कर्नाटक में राजनीतिक घमासान: वॉर रूम में चिंतित दिखी कांग्रेस, कोर्ट का रुख कर सकती है पार्टी
कर्नाटक में 13 विधायकों के इस्तीफे से मची राजनीतिक उठापटक के बीच दिल्ली में पार्टी के वॉर रूम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता चिंतित नजर आए। बंगलूरू में शनिवार को दिनभर चले घटनाक्रम के बाद शाम को पार्टी के करीब एक दर्जन नेता '15, जीआरजी' में जुटे। करीब दो घंटे तक इस संकट से निपटने और पार्टी के अगले कदम पर चर्चा हुई।
बैठक में शामिल पार्टी के वरिष्ठ नेता अपनी अगली रणनीति का खुलासा नहीं कर रहे हैं लेकिन विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा को दिल्ली में घेरने की तैयारी है। पार्टी नेताओं ने कोर्ट समेत राष्ट्रपति का दरवाजा भी खटखटाने के संकेत दिए हैं। पार्टी गठबंधन के सभी विधायकों की परेड करा सकती है। पार्टी ने कर्नाटक प्रभारी केसी. वेणुगोपाल को पहले ही बंगलूरू भेज दिया है।
शाम करीब छह बजे वॉर रूम में हुई बैठक में मोतीलाल वोरा, अहमद पटेल, पी. चिदंबरम, गुलाम नबी आजाद, ज्योतिरादित्य सिंधिया, मल्लिकार्जुन खरगे, आनंद शर्मा, रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, जितेंद्र सिंह, दीपेंद्र हुड्डा शामिल हुए। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में मौजूद नेताओं को इमरजेंसी में फोन कर बुलाया गया।
कर्नाटक से ही आने वाले खरगे ने कहा कि जो विधायक पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे लंबे समय से हमसे जुड़े रहे हैं। हमें विश्वास है कि वे हमारे साथ बने रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह भी बंगलूरू जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस और जदएस फिलहाल अपने शेष विधायकों को गोवा या मुंबई ले जा रही है।
राहुल की जगह नए अध्यक्ष पर चर्चा से इनकार
पार्टी प्रवक्ता और बैठक में शामिल रहे नेताओं ने इस बात से इनकार किया कि राहुल गांधी की जगह नए अध्यक्ष को लेकर कोई चर्चा हुई। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, नेताओं के बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के ट्वीट को लेकर चर्चा हुई। कैप्टन के किसी युवा को अध्यक्ष बनाने की मंशा पर भी आपस में बातचीत हुई।
सूत्रों की मानें तो बैठक में अभी भी कुछ नेता चाहते हैं कि राहुल अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई और आगे भी करते रहेंगे। कैप्टन के बयान पर उन्होंने टिप्पणी करने से मना कर दिया।
राहुल गांधी अभी भी पार्टी अध्यक्ष हैं : सुरजेवाला
उन्होंने इन खबरों का भी खंडन किया गांधी परिवार का कोई भी सदस्य सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल नहीं होगा। उनका कहना है कि सोनिया और राहुल गांधी सीडब्ल्यूसी का अहम हिस्सा हैं। गांधी परिवार के विदेश जाने की खबरों को उन्होंने भाजपा प्रायोजित और अफवाह बताया।