फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Political parties barred from campaigning in this Gujarat village

Gujarat Polls: गुजरात के इस गांव में 'चुनावी सन्नाटा' किसी को प्रचार की इजाजत नहीं, वोट नहीं देने पर जुर्माना

Wed, 23 Nov 2022 01:11 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजकोट Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Wed, 23 Nov 2022 01:11 PM IST
सार

राज समधियाला गांव के लोगों को लगता है कि उम्मीदवारों को प्रचार की इजाजत देना क्षेत्र के लिए हानिकारक होगा। इसलिए किसी दल को गांव में प्रवेश व प्रचार की इजाजत नहीं दी गई है। गांव में प्रचार पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है। 

विज्ञापन
Political parties barred from campaigning in this Gujarat village
राजकोट जिले के राज समधियाला गांव में पसरा है सन्नाटा - फोटो : ANI

विस्तार

विधानसभा चुनाव को लेकर गुजरात में जबर्दस्त प्रचार व चुनावी बुखार नजर आ रहा है, वहीं, राजकोट जिले के एक गांव में सन्नाटा पसरा पड़ा है। राज समधियाला गांव चुनावी ड्रामेबाजी व प्रचार से दूर है। ग्रामीणों ने इसकी वजह भी बताई है। 

विज्ञापन

गांव के लोगों ने किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं के प्रवेश और प्रचार पर पाबंदी लगा रखी है। हालांकि, गांव के लोग मतदान जरूर करेंगे और वोटिंग नहीं करने वाले पर जुर्माना भी लगाएंगे। राज समधियाला गांव के लोगों को लगता है कि उम्मीदवारों को प्रचार की इजाजत देना क्षेत्र के लिए हानिकारक होगा। इसलिए किसी दल को गांव में प्रवेश व प्रचार की इजाजत नहीं दी गई है। गांव में प्रचार पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


मतदान नहीं करने पर लगेगा इतना जुर्माना
राज समाधियाला गांव राजकोट से 20 किलोमीटर दूर है। यहां गांव वालों ने न केवल राजनीतिक प्रचार पर प्रतिबंध लगाया है, बल्कि मतदान में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मतदान नहीं करने वालों पर 51 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। ग्राम विकास समिति (वीडीसी) ने गांव के लोगों के लिए कई नियम बनाए हैं। गांव के लोग इनसे बंधे हैं। नियम तोड़ने पर जुर्माना लगाया जाता है। अनिवार्य मतदान का भी नियम है। गांव में लगभग 100 फीसदी  मतदान हो रहा है। 

आम सहमति से चुनते हैं सरपंच
इस गांव का सरपंच भी आम सहमति से चुना जाता है। मौजूदा सरपंच का कहना है कि जुर्माने के फैसले से यहां करीब शत प्रतिशत मतदान हो जाता है। 1700 की आबादी वाले इस छोटे से गांव ने एक कमेटी बनाई है। मतदान से कुछ दिन पहले समिति के सदस्य ग्रामीणों की एक बैठक बुलाते हैं और यदि कोई मतदान करने में असमर्थ होता है तो समिति को इसका कारण बताना पड़ता है। 


1983 से लागू है यह नियम
सरपंच ने बताया कि राजनीतिक दलों को गांव में प्रचार करने की अनुमति नहीं देने का नियम 1983 से लागू है। यहां किसी भी पार्टी को प्रचार करने की अनुमति नहीं है। राजनीतिक दलों को भी इस विश्वास का एहसास है कि अगर वे राज समाधियाला गांव में प्रचार करेंगे तो अपने वोट कटवाएंगे। 

गांव में वाई फाई, कैमरे, आरओ प्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं
राज समधियाला गांव में वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन, सीसीटीवी कैमरे, पीने के पानी के लिए आरओ प्लांट जैसी लगभग हर अत्याधुनिक सुविधा है। इससे ग्रामीणों के लिए जीवन सुविधाजनक हो जाता है। गांव में करीब 995 मतदाता हैं। ये अपनी मर्जी से मतदान करते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed