फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Political battle on sending bus to kota by yogi adityanath, nitish kumar is unhappy but mayawati is happy with decision

#Lockdown india: कोटा मामले पर अब सियासी संग्राम, योगी से मायावती खुश, नीतीश खफा, गृहमंत्री शाह को एतराज

Sun, 19 Apr 2020 04:55 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/लखनऊ Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 19 Apr 2020 04:55 AM IST
सार

  • जेडीयू महासचिव बोले, यूपी सरकार के फैसले से विपक्षी दलों को मिला हमले का मौका
  • बसपा प्रमुख ने सीएम योगी के फैसले को बताया स्वागत योग्य कदम

विज्ञापन
Political battle on sending bus to kota by yogi adityanath, nitish kumar is unhappy but mayawati is happy with decision
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाले यूपी के बच्चों की वापसी पर सियासी संग्राम छिड़ गया है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस फैसले का विरोध किया है तो यूपी की पूर्व सीएम मायावती ने योगी सरकार का समर्थन किया है। विधानसभा चुनाव से पहले छात्रों की वापसी के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सवालों से घिरे नीतीश ने गृहमंत्री अमित शाह से बात कर यूपी सरकार के इस कदम पर एतराज जताते हुए दखल की मांग की है। चर्चा है कि नीतीश के पीएम नरेंद्र मोदी से भी बात की है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
विज्ञापन


जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने स्वीकार किया कि कहा कि नीतीश ने गृहमंत्री से बातचीत कर अपना एतराज जताया है। यूपी सरकार के फैसले के कारण बिहार सरकार के सामने धर्म संकट की स्थिति पैदा हो गई है। विरोधी दलों को चुनावी साल में हम पर हमला करने का मौका मिल गया है। जेडीयू सूत्रों ने बताया कि जब बीते 23 मार्च को योगी सरकार ने दिल्ली से प्रवासी मजदूरों को बस से वापस बुलाया था तब भी नीतीश ने केंद्र सरकार के समक्ष नाराजगी जताई थी।
विज्ञापन


नीतीश का कहना था कि इस फैसले ने उन पर अपने राज्यों के प्रवासी मजदूरों को भी वापस लाने का दबाव बना दिया है। तब केंद्र सरकार में शीर्ष स्तर पर पूरे मामले में हस्तक्षेप किया गया। अब कोटा से छात्रों को वापस लाने के नए सिरे से टकराव की स्थिति बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए बढ़ी नीतीश की चिंता...

दरअसल बिहार में इसी साल अक्टूबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। विपक्षी दलों ने लॉकडाउन में फंसे बिहारी मजदूरों के मामले को मुद्दा बना लिया है। चूंकि पड़ोसी राज्य यूपी अपने मजदूरों-छात्रों को वापस बुलाना शुरू किया है, इसलिए विपक्षी दल सवाल पूछ रहे हैं कि ऐसा ही कदम नीतीश क्यों नहीं उठा रहे।

प्रवासी मजदूरों के बारे में भी सोचे सरकार

यूपी सरकार ने लॉकडाउन के कारण कोटा में फंसे 7500 छात्रों की सकुशल वापसी के लिए कई बसें भेजी हैं। यह स्वागत योग्य कदम है। बसपा भी इसकी सराहना करती है। लेकिन सरकार से अनुरोध है कि वह उन लाखों प्रवासी मजदूरों के परिवार की चिंता करे जो अपने घरों से दूर नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।’- मायावती, बसपा प्रमुख

लॉकडाउन का पाठ सिखा रहे नीतीश

‘बिहार के लोग देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुए हैं, लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री केवल लॉकडाउन के सिद्धांतों का पाठ सिखा रहे हैं। विभिन्न राज्य सरकारें शायद कुछ कर रही हों, लेकिन नीतीश कुमार ने संबंधित राज्य सरकारों से बात तक नहीं की। यहां तक कि उन्होंने पीएम के साथ हुई मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी इस मुद्दे को नहीं उठाया।’ - प्रशांत किशोर, पूर्व जेडीयू उपाध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed