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बालमुरुगन हत्या केस: 'पुलिस ने गवाहों को पढ़ाया था पाठ', सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु DGP को दिए ये सख्त निर्देश

Fri, 05 Apr 2024 08:56 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Fri, 05 Apr 2024 08:56 PM IST
सार

तमिलनाडु में बालमुरुगन की हत्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा मामले के गवाहों को ट्यूशन दी गई थी, जो पूरी तरह से पुलिस मशीनरी की शक्तियों का दुरुपयोग है। 

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Police tutoring witnesses shocking, says SC, asked Tamilnadu DGP to take action against erring cops
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने तमिलनाडु के बालमुरुगन की हत्या मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराने और उम्रकैद की सजा के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि ये चौंकाने वाला है कि पुलिस द्वारा मामले के गवाहों को पाठ पढ़ाया गया। तमिलनाडु के डीजीपी से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। 
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ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट ने इसे नजरअंदाज किया- सुप्रीम कोर्ट
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने कहा कि आश्चर्यजनक है कि ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट दोनों ने मामले में गवाह के ट्यूशन के महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज कर दिया है। पीठ ने एक आदेश में कहा कि उनके सबूतों को खारिज करना होगा क्योंकि इस बात की स्पष्ट संभावना है कि उक्त गवाहों को पहले दिन पुलिस द्वारा सिखाया गया था। न्यायिक प्रक्रिया में पुलिस द्वारा इस तरह का हस्तक्षेप चौंकाने वाला है।
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यह पुलिस मशीनरी द्वारा शक्ति का घोर दुरुपयोग- सुप्रीम कोर्ट
अदालत ने सख्त लहजें में कहा कि पुलिस को अभियोजन पक्ष के गवाहों को पढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि यह पुलिस मशीनरी द्वारा शक्ति का घोर दुरुपयोग है। पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष के एक गवाह ने स्वीकार किया है कि दो आरोपियों में से एक तिरुपुर नामक दूसरे गांव में काम कर रहा था और हालांकि मामले में स्वतंत्र गवाह उपलब्ध थे, लेकिन अभियोजन पक्ष ने उनसे पूछताछ नहीं की।
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क्या है मामला
पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत द्वारा अपीलकर्ताओं को जमानत दिए जाने से पहले, वे 10 साल से अधिक समय तक जेल में रह चुके थे। दो आरोपियों, मणिकंदन और शिवकुमार पर आरोप था कि उन्होंने 4 अक्तूबर, 2007 को बालामुरुगन की हत्या कर दी थी। मणिकंदन द्वारा अपने घर पर इडली की डिलीवरी को लेकर हुए झगड़े के बाद बालमुरुगन की हत्या कर दी गई थी।


 
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