फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Police detained 15 people who were protesting against BMC action against Kangana Ranaut

कंगना के खिलाफ बीएमसी की कार्रवाई का कर रहे थे विरोध, हिरासत में लिए गए 15 लोग

Wed, 09 Sep 2020 09:18 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 09 Sep 2020 09:18 PM IST
विज्ञापन
Police detained 15 people who were protesting against BMC action against Kangana Ranaut
बीएमसी की कार्रवाई का विरोध करते कंगना के समर्थक - फोटो : PTI

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के यहां बांद्रा स्थित बंगले के एक हिस्से को ढहाने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की ओर से बुधवार को कार्रवाई की गई। इसके विरोध में प्रदर्शन करने के आरोप में कुछ महिलाओं समेत करीब 15 लोगों को यहां हिरासत में लिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

विज्ञापन


अभिनेत्री द्वारा संपत्ति में कथित तौर पर अवैध रूप से कुछ बदलाव कराए जाने के बाद बीएमसी ने कंगना रनौत के बंगले के उस हिस्से को ढहा दिया। इसके बाद अभिनेत्री के साथ एकजुटता दिखाने के उद्देश्य से प्रदर्शनकारी उनके पाली हिल इलाके में स्थित बंगले के सामने इकट्ठा हो गए थे और नारेबाजी करने लगे थे।
विज्ञापन


खार पुलिस थाने के वरिष्ठ निरीक्षक गजानन काब्दुले ने कहा, 'प्रदर्शनकारियों ने बीएमसी के खिलाफ और कंगना के समर्थन में नारेबाजी की। हमने करीब 15 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें महिलाएं भी हैं। अवैध रूप से प्रदर्शन करने पर उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया है। हम जानकारी जुटा रहे हैं कि वे कहां से हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन






अधिकारी ने कहा कि अब तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किए जाने की खबरों को खारिज कर दिया। इसे लेकर गजानन काब्दुले ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करने की खबरें सिर्फ अफवाह हैं। 


बता दें कि कंगना रनौत द्वारा हाल ही में अपनी एक टिप्पणी में मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) से करने से सत्ताधारी शिवसेना नाराज है। पार्टी का बीएमसी पर भी नियंत्रण है। रनौत (33) आज ही दिन में मुंबई पहुंची हैं।

बीएमसी ने बुधवार को उनके बांद्रा स्थित बंगले में 'अवैध रूप से किए गए बदलावों' को ढहाना शुरू किया था। हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बाद में इस प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए नगर निकाय से यह जानना चाहा कि संपत्ति के स्वामी की गैरमौजूदगी में वह परिसर में कैसे दाखिल हुई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed