West Bengal: 'पोइला बोइसाख' पर मनाया जाएगा राज्य दिवस, टैगोर का 'बांग्लार माटी' राज्य गीत; सरकार ने की घोषणा
West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश के मुताबिक रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गीत 'बांग्लार माटी बांग्लार जल' राज्य गीत होगा। राज्य गीत बजाने का अनुमानित समय 1 मिनट और 59 सेकंड है। राज्य गीत बजने पर सभी को ध्यान की स्थिति में खड़ा होना होगा।
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पश्चिम बंगाल सरकार ने बंगाली नववर्ष के पहले दिन (पोइला बोइसाख) को राज्य दिवस के रूप में घोषित किया है। इसके अलावा, नोबेल पुरस्कार विजेता रविंद्रनाथ द्वारा लिखित 'बांग्लार माटी बांग्लार जल' को राज्य गीत घोषित किया गया है। एक आधिकारिक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई।
निवर्तमान मुख्य सचिव एच के द्विवेदी की ओर से शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य दिवस को 'बांग्ला दिवस' कहा जाएगा। इसके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में सभी आधिकारिक समारोहों की शुरुआत में राज्य गीत बजाना 'अनिवार्य' होगा। आदेश में कहा गया, सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद यह घोषणा की जाती है कि 'पोइला बोइसाख' को राज्य दिवस के रूप में मनाया जाएगा और 'बांग्ला दिवस' नाम दिया जाएगा।
इसमें आगे कहा गया, रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गीत 'बांग्लार माटी बांग्लार जल' राज्य गीत होगा। राज्य गीत बजाने का अनुमानित समय 1 मिनट और 59 सेकंड है। आदेश के अनुसार, राज्य गीत बजने पर सभी को ध्यान की स्थिति में खड़ा होना चाहिए और इसके सामूहिक गायन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
आदेश में कहा गया, राज्य दिवस पश्चिम बंगाल के सभी लोगों द्वारा हर साल सम्मान और गरिमा के साथ मनाया जाएगा। समारोह की शुरुआत में राज्य सरकार के सभी समारोहों में राज्य गीत अनिवार्य रूप से उचित सम्मान के साथ बजाया जाएगा और इसके समापन पर राष्ट्रगान अनिवार्य रूप से बजाया जाएगा।
सितंबर में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने एक प्रस्ताव पारित किया था। जिसमें बंगाली कैलेंडर के पहले दिन 'पोइला बैसाख' को राज्य दिवस और रवींद्रनाथ टैगोर के गीत 'बांग्लार माटी बांग्लार जल' को राज्य गीत के रूप में घोषित किया गया। आदेश में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध संस्कृति और विरासत को ध्यान में रखते हुए राज्य दिवस और राज्य गीत की घोषणा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।