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Sudha Murthy: सुधा मूर्ति राज्यसभा के लिए मनोनीत हुईं, बोलीं- महिला दिवस पर यह एलान दोहरी खुशी जैसी
Fri, 08 Mar 2024 01:29 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Fri, 08 Mar 2024 01:29 PM IST
सार
Sudha Murthy: पीएम मोदी ने कहा है कि सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में सुधा जी का योगदान असीम और प्रेरणादायक रहा है।
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पीएम और सुधा मूर्ति
- फोटो : Social Media
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति की पत्नी और सामाजिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने का एलान किया है।
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पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "मुझे खुशी है कि भारत के राष्ट्रपति ने सुधा मूर्ति को राज्यसभा के लिए नामित किया है। सामाजिक कार्य, परोपकार और शिक्षा सहित विविध क्षेत्रों में सुधा जी का योगदान असीम और प्रेरणादायक रहा है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति हमारी 'नारी शक्ति' का एक शक्तिशाली प्रमाण है, जो हमारे राष्ट्र की नियति को आकार देने में महिलाओं की ताकत और क्षमता का उदाहरण है। उनके फलदायी संसदीय कार्यकाल की कामना करता हूं।"
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I am delighted that the President of India has nominated @SmtSudhaMurty Ji to the Rajya Sabha. Sudha Ji's contributions to diverse fields including social work, philanthropy and education have been immense and inspiring. Her presence in the Rajya Sabha is a powerful testament to… pic.twitter.com/lL2b0nVZ8F
विज्ञापन विज्ञापन— Narendra Modi (@narendramodi) March 8, 2024
महिला दिवस पर राज्यसभा के लिए नामांकन दोहरी खुशी: सुधा मूर्ति
परोपकार के लिए प्रसिद्ध लेखिका सुधा मूर्ति ने शुक्रवार को कहा कि राज्यसभा के लिए उनके नामांकन की घोषणा महिला दिवस के दिन होना उनके लिए दोहरी खुशी की बात है। इन्फोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन ने कहा कि उन्होंने कभी इस पद की मांग नहीं की और उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं है कि सरकार ने उन्हें उम्मीदवार क्यों बनाया है। उन्होंने कहा, "यह जानकारी महिला दिवस सामने आई और यह दोहरी खुशी की बात है। मैं बहुत ख़ुश हूँ। मैं अपने प्रधानमंत्री का आभारी हूं।" मूर्ति फिलहाल थाईलैंड की यात्रा पर हैं।
उच्च सदन के सदस्य के रूप में मोनोनीत होने पर इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति की पत्नी ने कहा, "मुझे देखना होगा कि चीजें क्या हैं... मैं क्या कर सकती हूं। यह मेरे लिए एक नया क्षेत्र है। इसलिए, मुझे पहले बैठकर अध्ययन करना होगा और फिर मैं इसे कर पाऊंगर। उन्होंने कहा कि वह घोषणा से सुखद रूप से आश्चर्यचकित थीं।
सुधा मूर्ति कौन हैं ?
सुधा मूर्ति प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका हैं। सुधा मूर्ति ने आठ उपन्यास लिखे हैं। वह भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता इंजीनियरिंग और लोकोमोटिव कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर भी हैं।
सुधा मूर्ति की पारिवारिक पृष्ठभूमि
सुधा मूर्ति इंफोसिस फाउंडेशन के संस्थापक नारायण मूर्ति की पत्नी हैं। सुधा मूर्ति के दो बच्चे हैं, बेटी अक्षता मूर्ति और बेटा रोहन मूर्ति। अक्षता नारायण मूर्ति ब्रिटेन में रहने वाली भारतीय फैशन डिजाइनर हैं और यूके के प्रधानमंत्री की पत्नी हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक सुधा मूर्ति के दामाद हैं। रोहन मूर्ति, मूर्ति क्लासिकल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया के साथ ही एक डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन स्टार्ट अप सोरोको के संस्थापक हैं।
सुधा मूर्ति का जीवन परिचय और शिक्षा
सुधा मूर्ति का जन्म उत्तरी कर्नाटक में शिगांव में 19 अगस्त 1950 को हुआ था। सुधा के पिता का नाम आर.एच कुलकर्णी और माता विमला कुलकर्णी है। उन्होंने बीवीबी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, हुबली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। सुधा इंजीनियरिंग कॉलेज में 150 स्टूडेंट्स के बीच दाखिला पाने वाली पहली महिला थीं। जब वह क्लास में प्रथम आईं तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने उन्हें पदक से सम्मानित किया। बाद में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस से कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स की डिग्री ग्रहण की।
सुधा मूर्ति का करियर
भारत की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी टेल्को में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर सुधा मूर्ति बनीं। पुणे में विकास अभियंता के रूप में काम करने के बाद उन्होंने मुंबई और जमशेदपुर में भी काम किया। पति ने जब इंफोसिस फाउंडेशन की स्थापना की तो सुधा मूर्ति ने उन्हें 10000 रुपये उधार दिए और अपनी नौकरी छोड़कर कंपनी शुरू करने में पति नारायण मूर्ति की मदद की।