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PM Modi: पीएम मोदी ने कांग्रेस को याद दिलाया इतिहास, बताया किसने सबसे ज्यादा बार चुनी हुई सरकारें गिराईं
Thu, 09 Feb 2023 04:47 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 09 Feb 2023 04:47 PM IST
सार
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जन-जन की पीढ़ियों से बना देश है। यह देश किसी परिवार की जागीर नहीं। हमने मेजर ध्यान चंद्र के नाम पर खेल खत्न का नाम रख दिया। हमें गर्व हो रहा है। जो लोग आए दिन हमारे देश की सेना को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ते, हमने द्वीपों को परमवीर चक्र पाने वाले वीरों के नाम पर रख दिया।
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PM Modi
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जवाब दिया। इस दौरान सदन में कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्य अदाणी समूह पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री ने चर्चा का जवाब दिया। इसके बाद कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। इसके बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।
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इसी दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने 'मोदी-मोदी' के नारे लगाने शुरू कर दिए। सभापति ने हंगामे पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि सदन में कहीं से भी अव्यवस्था उत्पन्न नहीं की जानी चाहिए चाहे वह सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हो। सदन में जो कुछ हो रहा है, उससे उन्हें गहरी पीड़ा होती है।
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क्या शर्मिंदगी है नेहरू सरनेम रखने में?
इससे पहले मोदी ने राज्यसभा में कांग्रेस को उनका इतिहास याद दिलाया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए गांधी परिवार पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि 600 से ज्यादा योजनाएं गांधी-नेहरू के परिवार के नाम पर हैं। अगर अब किसी कार्यक्रम में नेहरू जी का नाम नहीं प्रयोग हुआ तो कुछ लोगों का खून गर्म हो जाता था, लेकिन मुझे ये समझ नहीं आता कि उनकी पीढ़ी का कोई व्यक्ति नेहरू सरनेम रखने से डरता क्यों है? क्या शर्मिंदगी है नेहरू सरनेम रखने में? इतना बड़ा महान व्यक्ति आपको और आपके परिवार को मंजूर नहीं है और आप हमारा हिसाब मांगते हो।
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पीएम बोले- देश किसी परिवार की जागीर नहीं
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह जन-जन की पीढ़ियों से बना देश है। यह देश किसी परिवार की जागीर नहीं। हमने मेजर ध्यान चंद्र के नाम पर खेल खत्न का नाम रख दिया। हमें गर्व हो रहा है। जो लोग आए दिन हमारे देश की सेना को नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़ते, हमने द्वीपों को परमवीर चक्र पाने वाले वीरों के नाम पर रख दिया।
90 बार चुनी हुई सरकारों को किसने गिराया?
उन्होंने कहा कि जो लोग आज विपक्ष में बैठे हैं, उन्होंने राज्यों के अधिकारों की धज्जियां उड़ा दी थीं। उनका कच्चा चिट्ठा मैं खोलना चाहता हूं। जरा इतिहास उठाकर देख लीजिए वो कौन पार्टी थी, वो लोग कौन सत्ता में बैठे थे, जिन्होंने जिन्होंने आर्टिकल 356 का सबसे ज्यादा बार दुरुपयोग किया। 90 बार चुनी हुई सरकारों को गिरा दिया। कौन है वो? कौन है जिन्होंने किया? इतना ही नहीं एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया, उनका नाम है श्रीमती इंदिरा गांधी का।
केरल में कांग्रेस ने क्या किया था?
उन्होंने कहा कि केरल में आज जो लोग इनके साथ खड़े हैं। जरा याद कर लीजिए, थोड़ा बहुत माइक लगा लीजिए। केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई, जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे। कुछ ही समय के बाद चुनी हुई सरकार गिरा दी गई। जरा डीएमके के मित्रों को भी बताता हूं। तमिलनाडू में एमजीआर और करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारों को भी इन्हीं कांग्रेस वालों ने ही बर्खास्त कर दिया। एमजीआर की आत्मा देखती होगी, आप कहां खड़े हो।
शरद पवार का भी दिया उदाहरण
उन्होंने आगे कहा कि यहां पर पीछे बैठे है इस सदन के वरिष्ठ सदस्य और जिनको मैं हमेशा आदरणीय नेता मानता हूं श्रीमान शरद पवार जी। 1980 में उनकी उम्र 35-40 साल की थी। एक नौजवान मुख्यमंत्री लोगों की सेवा करने निकला था, उनकी सरकार को भी गिरा दिया गया। आज वे कहां बैठे हैं। हर क्षेत्रीय नेता को परेशान किया गया।
एक वक्त राजभवनों को कांग्रेस का दफ्तर बना दिया गया था: पीएम
उन्होंने कहा कि एनटीआर के साथ क्या किया? यहां कुछ लोगों ने कपड़े बदले होंगे, नाम बदला होगा। ज्योतिषों की सूचना के अनुसार नाम बदला होगा। वो कभी उनके साथ थे। उन एनटीआर की सरकार को, वो अपनी सेहत के लिए अमेरिका गए थे। आपने उनकी सरकार को गिराने का प्रयास किया। ये कांग्रेस की राजनीति का स्तर था। अखबार उठाकर देख लीजिए। अखबार निकालकर देख लीजिए, हर अखबार लिखता था कि राजभवनों को कांग्रेस का दफ्तर बना दिया गया है।
कांग्रेस देश को गुमराह कर रही: पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि 2005 में झारखंड में एनडीए के पास ज्यादा सीटें थीं, लेकिन राज्यपाल ने कांग्रेस को शपथग्रहण के लिए बुला लिया था। 1982 में हरियाणा में भाजपा और देवीलाल के पास चुनाव पूर्व गठबंधन था। इसके बावजूद राज्यपाल ने कांग्रेस की सरकार के लिए निमंत्रण कर दिया था। यही कांग्रेस आज देश को गुमराह करने की बातें कर रही है।
पड़ोसी देश का उदाहरण देकर चेतावनी दी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं एक बात जानना चाहता हूं। आर्थिक नीतियों की जिनको समझ नहीं है, जिन्हें 24 घंटों सिर्फ राजनीति ही सूझती है। सत्ता का खेल खेलना जिनको सार्वजनिक जीवन का काम लगता है। उन्होंने अर्थ नीति को अनर्थ नीति में बदल दिया है। मैं उन्हें चेतावनी देना चाहता हूं और इस सदन की गंभीरता के साथ उनसे कहना चाहता हूं कि अपने राज्यों को जाकर समझाएं कि ये गलत रास्ते पर न चले जाएं। हम हमारे पड़ोसी देशों के हाल देख रहे हैं। अनाप-शनाप कर्ज लेकर किस प्रकार से देशों को डूबा दिया गया है। आज हमारे देया में भी तत्कालीन लाभ के लिए कि भुगतान आने वाली पीढ़ी करेगी, हम तो कर्ज करो घी पिओ, आगे आने वाला देखेगा, ये कुछ राज्यों ने अपनाया है। ये उनके तो बर्बाद करेंगे ही, देश को भी बर्बाद कर देंगे। हमारे बीच राजनीतिक वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। दलों के बीच टीका टिप्पणी हो सकती है, लेकिन देश की आर्थिक सेहत के साथ खिलवाड़ मत करिए। आप ऐसा कोई पाप मत कीजिए जो आपके बच्चों के अधिकारों को छीन ले। आप आज तो मौज कर लें और बच्चों के नसीब में बर्बादी छोड़कर न जाएं। मैंने देखा कि एक मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने तो निर्णय कर लिया, मुसीबत मुझे कहां आएगी। 2030-32 के बाद आएगी जो रहेगा वो देखेगा।
'एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा'
पीएम मोदी ने कहा कि देश की जनता की रोजी रोटी के लिए हमने काम किया। 140 करोड़ लोगों के लिए हमारी सरकार काम कर ही है। देश देख रहा है कि एक अकेला कितनों पर भारी पड़ रहा है। अरे नारे बोलने के लिए भी लोग बदलने पड़ रहे हैं। मैं घंटेभर से जवाब दे रहा हूं, रुका नहीं रहा। देश के लिए जीता हूं, देश के लिए कुछ करने के लिए निकला हूं। इसलिए राजनीतिक खेल खेलने वालों के अंदर अंदर हौसला नहीं है। वे बचने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।