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जलवायु परिवर्तन : पीएम मोदी ने कहा- नई बीमारियां और महामारी आ रहीं सामने, स्वास्थ्य के लिए बन रहा खतरा
Wed, 29 Sep 2021 04:50 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 29 Sep 2021 04:50 AM IST
सार
रायपुर में राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के नये परिसर का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, जलवायु परिवर्तन के कारण नए कीट, नई बीमारियों से फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इन पहलुओं पर निरंतर गहन अनुसंधान जरूरी है।
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पीएम मोदी
- फोटो : Twitter@bjp4india
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण में नई बीमारियां और महामारी सामने आ रही हैं, जो मनुष्य और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा, नए कीट, नई बीमारियों से फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इन पहलुओं पर निरंतर गहन अनुसंधान जरूरी है।
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विशिष्ट गुणों वाली फसलों की 35 किस्मों का किया लोकार्पण
उन्होंने जलवायु परिवर्तन और कुपोषण की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा विकसित विशेष गुणों वाली फसलों की 35 किस्मों का लोकार्पण करते हुए कहा, जब विज्ञान, सरकार और समाज मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे। किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा।
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान के नये परिसर का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले वर्ष ही कोविड-19 महामारी से लड़ाई के बीच में हमने देखा है कि कैसे टिड्डी दल ने भी अनेक राज्यों में बड़ा हमला कर दिया था तथा भारत ने बहुत प्रयास करके इस हमले को रोका था, और किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचाया था।
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उन्होंने कहा कि किसानों को प्रौद्योगिकी से जोड़ने के लिए हमने उन्हें बैंकों से मदद की प्रक्रिया को और आसान बनाया है तथा आज किसानों को ज्यादा बेहतर तरीके से मौसम की जानकारी मिल रही है। प्रधानमंत्री ने इस मौके कृषि विश्वविद्यालयों को ‘ग्रीन कैंपस अवार्ड’ वितरित किए और विभिन्न राज्यों से कार्यक्रम में भाग ले रहे किसानों से बातचीत भी की। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद थे।
430 लाख मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों को बढ़ावा देने के लिए खरीद प्रक्रिया में सुधार किया, जिसके कारण रबी सीजन के दौरान 430 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई और किसानों को 85000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। पीएम ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान गेहूं खरीद केंद्रों को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया। कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए 11 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए। उन्होंने कहा फसलों के लिए न केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई है, बल्कि सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए खरीद प्रक्रिया में सुधार के प्रयास भी किए हैं।
फसलों की 1300 से अधिक किस्में विकसित हुईं
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेती की पुरानी परंपरा के साथ ही भविष्य का रोड मैप भी तय किया जाना चाहिए। हाल के सालों में अलग-अलग फसलों की 1300 से अधिक किस्में विकसित हुईं। उन्होंने कहा कि पोषण युक्त बीजों पर सरकार का ज्यादा जोर है। राष्ट्र को समर्पित 35 फसलों की विशेष किस्मों में कम पानी में उगने वाली चने की फसल, चावल, अरहर, सोयाबीन है जो फसली बीमारियों से सुरक्षित रहेंगी और जल्दी तैयार भी होंगी। इनमें गेहूं, बाजरा, मक्का, कट्टू और बींस की अलग-अलग किस्में हैं जो गुणवत्ता और स्वाद के साथ ही जैविक खेती के लिहाज से मुफीद हैं।