PM Modi: अरुण जेटली स्मृति व्याख्यान में शामिल हुए पीएम मोदी, संबोधन के दौरान शिंजो आबे को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिना समावेश के वास्तविक विकास संभव ही नहीं है और बिना विकास के समावेश का लक्ष्य भी पूरा नहीं किया जा सकता है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले 'अरुण जेटली मेमोरियल लेक्चर' कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी उपस्थित रही। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए अपूर्णीय क्षति और असहनीय पीड़ा का दिन है। मेरे घनिष्ठ मित्र और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री श्री शिंजो आबे अब हमारे बीच नहीं रहे हैं। आबे मेरे तो मेरे तो साथी थे ही, वे भारत के भी उतने ही विश्वस्नीय दोस्त थे। आज भारत के विकास की जो गति है जापान के सहयोग से हमारे यहां जो कार्य हो रहे हैं, इनके जरिए शिंजो आबे भारत के जन-मन में सालों तक बसे रहेंगे।
#WATCH | It's a day of irreparable damage & unbearable pain for me today. My close friend & former Japanese PM Shinzo Abe is no longer with us. He was not only my but also India's trusted friend... I again pay my heartfelt tributes to my friend: PM Narendra Modi, in Delhi pic.twitter.com/JI394ZxPTB
— ANI (@ANI) July 8, 2022विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिना समावेश के वास्तविक विकास संभव ही नहीं है और बिना विकास के समावेश का लक्ष्य भी पूरा नहीं किया जा सकता है। वर्तमान सरकार की नीतियां जनता की आवश्यकताओं और उनकी आकांक्षाओं पर आधारित होती हैं ना कि किसी प्रकार की लोकलुभावन भावनाओं के दबाव में। पहले भारत में बड़े सुधार तभी हुए जब पहले की सरकारों के पास कोई और रास्ता नहीं बचता था, लेकिन उनकी सरकार सुधारों को आवश्यक बुराई नहीं, बल्कि कामयाबी की पसंद मानती है, जिसमें राष्ट्रहित और जनहित समाहित है।
उन्होंने कहा कि आज का भारत बाध्य होकर सुधार के कदम उठाने की बजाय दृढ़ विश्वास द्वारा सुधार के कदम उठा रहा है और आने वाले 25 सालों का खाका तैयार कर रहा है। हमारा नीति निर्माण जनता की नब्ज पर आधारित है। हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुनते हैं। उनकी आवश्यकता और उनकी आकांक्षा को समझते हैं। इसलिए हमने नीति को लोकलुभावन भावनाओं के दबाव में नहीं आने दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में भारत ने समावेशी विकास के लिए जिस गति के साथ काम किया है और जिस स्तर पर काम किया है, वैसा उदाहरण दुनिया में कहीं भी नहीं मिलता। उन्होंने नौ करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संख्या दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, न्यूजीलैंड की सारी आबादी के जोड़ से भी ज्यादा है।
इसी प्रकार उन्होंने 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए जाने, तीन करोड़ मुफ्त आवास देने और 45 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खोले जाने की सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह संख्या कई देशों की आबादी से अधिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले के 10 सालों में करीब 50 मेडिकल कॉलेज बना करते थे जबकि भारत में पिछले 7-8 साल में ही पहले के मुकाबले चार गुना से ज्यादा यानी 209 नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा चुके हैं।