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PM Modi: 'हमारा लक्ष्य सबका अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण', वन अर्थ-वन हेल्थ हेल्थकेयर इंडिया समिट में बोले पीएम
Wed, 26 Apr 2023 06:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, अमर उजाला, नई दिल्ली
पीटीआई, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Wed, 26 Apr 2023 06:43 PM IST
सार
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बैठक भारत की जी-20 की अध्यक्षता की थीम से मेल खाती है और कई देशों के सैकड़ों प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सदी में एक बार आने वाली महामारी ने दुनिया को कई सच्चाइयों की याद दिला दी। इसने हमें दिखाया कि गहराई से जुड़ी दुनिया में, सीमाएं स्वास्थ्य से जुड़े खतरों को रोक नहीं सकती हैं।
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PM Modi
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'वन अर्थ वन हेल्थ- एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023 समिट' को संबोधित किया। इस सम्मेलन में पश्चिम एशिया, सार्क, आसियान और अफ्रीकी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के अलावा कई देशों के स्वास्थ्य मंत्री भाग ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति भारत की दृष्टि केवल बीमारी की कमी पर ही नहीं रुकती। रोगों से मुक्त होना कल्याण के मार्ग का एक पड़ाव मात्र है। भारत ने G-20 की प्रेसीडेंसी 'वन अर्थ वन हेल्थ वन फ्यूचर' की थीम के साथ शुरू की।
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कोविड महामारी में भारत ने सभी की मदद की: पीएम
'वन अर्थ वन हेल्थ- एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2023 समिट' को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य सभी का अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण है। हमारा लक्ष्य सभी का शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण है। वैक्सीन और दवाओं के माध्यम से जीवन बचाने के महान मिशन में भारत को कई देशों का भागीदार होने पर गर्व है। भारत ने कोविड महामारी के दौरान 30 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन डोज 100 से ज्यादा देशों में मदद के लिए पहुंचाई हैं। यहा हमारी क्षमता और प्रतिबद्धता को दिखाता है।
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स्वास्थ्य के लिए भारत का दृष्टिकोण सार्वभौमिक: मोदी
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य न केवल हमारे नागरिकों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और किफायती बनाना है। संस्कृत के एक प्राचीन श्लोक का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हर किसी के खुश रहने और बीमारियों से मुक्त होने के समावेशी दृष्टिकोण में विश्वास किया है। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले भी जब कोई वैश्विक महामारी नहीं थी, तब भी स्वास्थ्य के लिए भारत का दृष्टिकोण सार्वभौमिक ही था।
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हमारी दृष्टि केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं: पीएम
उन्होंने कहा कि आज जब हम ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ की बात करते हैं तो यह हमारे काम में भी झलकता है। इसके अलावा हमारी दृष्टि केवल मनुष्यों तक ही सीमित नहीं है। यह हमारे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र तक फैला हुआ है। पौधों से लेकर जानवरों तक, मिट्टी से लेकर नदियों तक, जब हमारे आसपास सब कुछ स्वस्थ होगा, तभी हम भी स्वस्थ हो सकते हैं।
बैठक भारत की जी-20 की अध्यक्षता की थीम से मेल खाती है: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बैठक भारत की जी-20 की अध्यक्षता की थीम से मेल खाती है और कई देशों के सैकड़ों प्रतिभागी इसमें भाग ले रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि सदी में एक बार आने वाली महामारी ने दुनिया को कई सच्चाइयों की याद दिला दी। इसने हमें दिखाया कि गहराई से जुड़ी दुनिया में, सीमाएं स्वास्थ्य से जुड़े खतरों को रोक नहीं सकती हैं। संकट के समय, दुनिया ने यह भी देखा कि कैसे वैश्विक दक्षिण के देशों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और यहां तक कि संसाधनों तक से वंचित होना पड़ा।
दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा कवरेज योजना भारत में
पीएम मोदी ने कहा कि प्रतिभा, प्रौद्योगिकी, ट्रैक रिकॉर्ड और परंपरा के अलावा भारत में एक ऐसी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली है जो सस्ती और सुलभ है। यह घर में हमारे प्रयासों में देखा जा सकता है। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा कवरेज योजना है। आयुष्मान भारत पहल में 500 मिलियन से अधिक लोगों को मुफ्त चिकित्सा उपचार के साथ कवर किया गया है। 40 मिलियन से अधिक लोग पहले ही कैशलेस और पेपरलेस तरीके से सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। इससे हमारे नागरिकों के लिए पहले ही लगभग 7 अरब डॉलर की बचत हुई है।