फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   pm modi will address global climate summit on december 12 on fifth anniversary of paris climate agreement

जलवायु परिवर्तन के लिए भारत कतई जिम्मेदार नहीं: जावड़ेकर

Fri, 11 Dec 2020 01:29 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 11 Dec 2020 01:29 PM IST
विज्ञापन
pm modi will address global climate summit on december 12 on fifth anniversary of paris climate agreement
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : ANI

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्षों से होती आ रहीं गतिविधियों का नतीजा है और भारत इसके लिए कतई जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुल एतिहासिक उत्सर्जन का इतिहास महज तीन फीसदी है। 

विज्ञापन


पेरिस समझौते के पांच वर्ष होने की पूर्व संध्या पर उन्होंने कहा, इस वक्त भारत का उत्सर्जन महज छह फीसदी है और देश ने राष्ट्रीय स्तर के दृढ़ संकल्प योगदान के सभी लक्ष्याें को करीब करीब हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा, जलवायु परिवर्तन रातों रात हुआ बदलाव नहीं है बल्कि इसका अस्तित्व सौ वर्षों से भी पुराना है। अतीत को देखें तो दुनिया भर के कुल उत्सर्जन का 25 फीसदी अकेले अमेरिका में होता रहा है। वहीं यूरोप में 22 और चीन के हिस्से में 13 फीसदी उत्सर्जन है। वहीं भारत का उत्सर्जन में योगदान महज 3 फीसदी है। इसलिए हम जलवायु परिवर्तन के लिए किसी सूरत में जिम्मेदार नहीं हैं।
विज्ञापन


भारत ने हमेशा अपनी जिम्मेदारी निभाई 
जावड़ेकर ने कहा, जब भी जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनिया ने गंभीर चिंतन कर कोई संकल्प लिया भारत ने हमेशा अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाई है। भारत सदैव उसके सामने आई सभी जलवायु चुनौतियों से लड़ा है। पांच साल पहले पेरिस समझौते में हमने 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता को 33-35 फीसदी कम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। इसमें 21 फीसदी हम पहले ही हासिल कर चुके हैं और अगले 10 वर्षों में शेष हासिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, भारत उन गिने चुने देशों में शुमार है जिन्होंने पेरिस समझौते को लागू किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
  • 25 फीसदी कुल पृथ्वी का वन क्षेत्र भारत के हिस्से में है
  • 2.4 फीसदी पृथ्वी के कुल क्षेत्रफल में है भारत  
  • 17 फीसदी विश्व की आबादी यहां बसती है
  • 4 फीसदी दुनिया का शुद्ध जल संसाधन है भारत के पास 

भारत वादा पूरा करने वाला जी20 का इकलौता सदस्य देश 
जावड़ेकर ने जलवायु पारदर्शिता रिपोर्ट 2020 का हवाला देते हुए कहा कि जी20 देशों में भारत इकलौता है जिसने अपना वादा पूरा किया। यूएनईपी की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2019 में उत्सर्जन वृद्धि औसत से भी बहुत कम हुई। पिछले दशक की 3.3 फीसदी वार्षिक औसत वृद्धि के मुकाबले भारत में 2019 में महज 1.4 फीसदी उत्सर्जन वृद्धि दर्ज की गई। 
 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed