यूएई राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को किया फोन: जन्मदिन की दी बधाई; दोनों नेताओं ने किन मुद्दों पर की चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच फोन पर बातचीत हुई। यूएई राष्ट्रपति ने मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, निवेश और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के नए उपायों पर चर्चा की।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच फोन पर बातचीत हुई। यूएई के राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर गर्मजोशी से शुभकामनाएं दीं। बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, निवेश और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
भारत और यूएई की रणनीतिक साझेदारी को कैसे मजबूत किया जाएगा?
प्रधानमंत्री मोदी और शेख मोहम्मद ने द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के लिए नए कदमों पर चर्चा की। इसमें ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, निवेश और स्वास्थ्य के क्षेत्र शामिल हैं। दोनों नेताओं ने इन क्षेत्रों में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया। बातचीत का मुख्य फोकस भारत और यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना रहा। इससे दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद सहयोग को नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की दिशा में चर्चा हुई।
ब्रिक्स को लेकर यूएई के राष्ट्रपति ने मोदी से क्या कहा?
बातचीत के दौरान यूएई के राष्ट्रपति ने भारत की सफल ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने भारत की अध्यक्षता के दौरान ठोस परिणाम हासिल करने में यूएई के सहयोग और साझेदारी के लिए भी आभार जताया। दोनों नेताओं की बातचीत में ब्रिक्स से जुड़े सहयोग का भी उल्लेख हुआ।
पश्चिम एशिया के हालात पर दोनों नेताओं में क्या बात हुई?
प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया में चल रहे घटनाक्रम पर भी विचार साझा किए। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों में लगातार सहयोग और समन्वय बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यानी बातचीत सिर्फ भारत-यूएई के द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रही, बल्कि पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्रीय शांति से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की।