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आईसीएआर ने विकसीत की फसलों की विशेष किस्में: पीएम मोदी बोले- सुरक्षा कवच मिलने से होता है किसानों का विकास
Wed, 29 Sep 2021 05:44 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 29 Sep 2021 05:44 AM IST
सार
प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण जो नए प्रकार के कीट, नई बीमारियां, महामारियां आ रहीं हैं, इससे इंसान और पशुधन के स्वास्थ्य पर भी बड़ा संकट आ रहा है और फसलें प्रभावित हो रही है।
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पीएम मोदी
- फोटो : Twitter@bjp4india
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन न केवल कृषि बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। इस समस्या को हल करने के लिए तेजी से प्रयास की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि जब भी किसानों और कृषि को सुरक्षा कवच मिलता है, उनका तेजी से विकास होता है। प्रधानमंत्री ने विशेष गुणों वाली 35 फसलों की किस्में राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा, जब विज्ञान, सरकार और समाज एक साथ काम करते हैं तो परिणाम बेहतर होते हैं।
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प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस टॉलरेंस) के नये परिसर का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करते हुए किसानों से संवाद कर रहे थे।
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उन्होंने कहा, जब साइंस सरकार और सोसायटी मिलकर काम करेंगे तो उसके नतीजे और बेहतर आएंगे। किसानों और वैज्ञानिकों का ऐसा गठजोड़, नई चुनौतियों से निपटने में देश की ताकत बढ़ाएगा।
आईसीएआर ने विकसित की हैं खास गुण वाली फसलों की किस्में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 35 फसलों की खास किस्में राष्ट्र को समर्पित की हैं। जलवायु परिवर्तन और कुपोषण की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा इन्हें विकसित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कृषि विश्वविद्यालयों को ‘ग्रीन कैंपस अवार्ड’ भी वितरित किए। प्रधानमंत्री ने कहा, खेती की पुरानी परंपरा के साथ ही भविष्य का रोड मैप भी तय किया जाना चाहिए। हाल के सालों में अलग-अलग फसलों की 1300 से अधिक किस्में विकसित हुईं। उन्होंने कहा कि पोषण युक्त बीजों पर सरकार का ज्यादा जोर है। राष्ट्र को समर्पित 35 फसलों की विशेष किस्मों में कम पानी में उगने वाली चने की फसल, चावल, अरहर, सोयाबीन है, जो फसली बीमारियों से सुरक्षित रहेंगी और जल्दी तैयार भी होंगी।
टिड्डी के हमले का किया जिक्र
पीएम ने जलवायु परिवर्तन की चर्चा करते हुए टिड्डी के हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, पिछले वर्ष ही कोविड-19 महामारी से लड़ाई के बीच में हमने देखा है कि कैसे टिड्डी दल ने भी अनेक राज्यों में बड़ा हमला कर दिया था। भारत ने बहुत प्रयास करके इस हमले को रोका और किसानों का ज्यादा नुकसान होने से बचाया था। उन्होंने कहा कि किसानों को प्रौद्योगिकी से जोड़ने के लिए हमने उनके लिए बैंकों से मदद की प्रक्रिया आसान की। किसानों का आज मौसम की जानकारी भी बेहतर तरीके से मिल रही है।
430 लाख मीट्रिक टन गेहूं की हुई खरीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों को बढ़ावा देने के लिए खरीद प्रक्रिया में सुधार किया, जिसके कारण रबी सीजन के दौरान 430 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई और किसानों को 85000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया। उन्होंने कहा महामारी के दौरान गेहूं खरीद केंद्रों को तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया। 11 करोड़ मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए। फसलों के लिए न केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई।