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पीएम मोदी की पत्नी की बिहार में जनसभा, हिंदी बोलकर लोगों का जीता दिल
amarujala.com- submitted by: आनंद
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:42 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन ने शनिवार को पहली बार बिहार की राजधानी पटना का सफर किया। महाराणा प्रताप के मंत्री और सेनापति रहे भामा शाह की जयंती पर बेगूसराय जिले में एक बड़ा समारोह आयोजित किया गया था जिसमें जशोदाबेन मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित थीं। इस सांस्कृतिक और सामाजिक समारोह का आयोजन तैलिक-साहू समाज ने किया था।
समारोह के आयोजकों का कहना था कि नरेंद्र मोदी का परिवार उनकी बिरादरी से है और जशोदाबेन उनके समाज के लिए एक बड़ा नाम हैं। बहरहाल, अपने छोटे भाई अशोक मोदी और भतीजे संदीप मोदी के साथ जशोदाबेन ने इस समारोह में शिरकत की। शनिवार को एक सर्विस उड़ान के जरिए व मुंबई से पटना पहुंची थीं।
एयरपोर्ट से होटल पहुंचने तक ज्यादातर लोगों की नजर कड़ी सुरक्षा के बीच तमाम अंगरक्षकों से घिरीं जशोदाबेन की सादगी पर थी। गुजराती शैली में अपनी पसंदीदा गहरे भूरे रंग की साड़ी पहने जशोदाबेन जब होटल में दाखिल हुईं तो वे हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन कर रही थीं।
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समारोह के आयोजकों का कहना था कि नरेंद्र मोदी का परिवार उनकी बिरादरी से है और जशोदाबेन उनके समाज के लिए एक बड़ा नाम हैं। बहरहाल, अपने छोटे भाई अशोक मोदी और भतीजे संदीप मोदी के साथ जशोदाबेन ने इस समारोह में शिरकत की। शनिवार को एक सर्विस उड़ान के जरिए व मुंबई से पटना पहुंची थीं।
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एयरपोर्ट से होटल पहुंचने तक ज्यादातर लोगों की नजर कड़ी सुरक्षा के बीच तमाम अंगरक्षकों से घिरीं जशोदाबेन की सादगी पर थी। गुजराती शैली में अपनी पसंदीदा गहरे भूरे रंग की साड़ी पहने जशोदाबेन जब होटल में दाखिल हुईं तो वे हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन कर रही थीं।
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क्या पीएम मोदी भी आमंत्रित थे?
क्या पीएम मोदी को भी इस समारोह में आमंत्रित किया गया था? इसके जवाब में साहू सभा के अध्यक्ष राम चरित्र साहू ने कहा कि उनका वक्त मिलना मुश्किल था। इसलिए यह फैसला किया गया कि कम से कम उनके परिवार से किसी सदस्य को जरूर बुलाया जाए। खुशी की बात यह रही कि जशोदाबेन ने आमंत्रण स्वीकार कर लिया। कार्यक्रम में जशोदाबेन से मुलाकात के लिए कई सामाजिक संगठनों के लोग पहुंचे थे।
बिहार की अपनी पहली यात्रा के दौरान उन्होंने टूटी-फूटी हिंदी में ही सही, लेकिन लोगों को संबोधित करने का एक प्रयास जरूर किया। लेकिन ऐसा महसूस हो रहा था कि हिंदी बोलने में कठिनाई के कारण जशोदाबेन अपनी बातें रख नहीं पा रहीं।
फिर भी वो मुस्कुराकर महिलाओं के मुद्दों को सुनती रहीं। उनके छोटे भाई अशोक मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी बहन तप और त्याग की भावना से काम कर रही है। उनका कोई राजकीय स्वार्थ नहीं है। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ भी की।
बिहार की अपनी पहली यात्रा के दौरान उन्होंने टूटी-फूटी हिंदी में ही सही, लेकिन लोगों को संबोधित करने का एक प्रयास जरूर किया। लेकिन ऐसा महसूस हो रहा था कि हिंदी बोलने में कठिनाई के कारण जशोदाबेन अपनी बातें रख नहीं पा रहीं।
फिर भी वो मुस्कुराकर महिलाओं के मुद्दों को सुनती रहीं। उनके छोटे भाई अशोक मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी बहन तप और त्याग की भावना से काम कर रही है। उनका कोई राजकीय स्वार्थ नहीं है। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ भी की।
इस यात्रा के मायने?
इस बीच जशोदाबेन के पटना आगमन और उनकी यात्रा के राजनीतिक मायने समझने के लिए बीबीसी ने सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सुमन से बात की। महेंद्र ने कहा कि तैलिक-साहू समाज दावा करता रहा है कि उनके समाज का शत प्रतिशत वोट भाजपा के पक्ष में जाता है।
यह प्रयास तैलिक-साहू समाज की आकांक्षा को दर्शाता है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश भाजपा में इस समाज की ताकत दिखाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री की पत्नी के सम्मान समारोह में प्रदेश भाजपा का कोई भी बड़ा नेता उपस्थित नहीं था।
कुछ जानकारों की मानें तो प्रदेश में तैलिक-साहू समाज का बड़ा वोट शेयर हासिल करने के बाद भी भाजपा ने प्रदेश में इस समाज से सिर्फ एक जिलाध्यक्ष बनाया है। इसे लेकर इस समाज से जुड़े लोगों में प्रदेश भाजपा से कुछ तनातनी की बात भी कही जा रही है।
यह प्रयास तैलिक-साहू समाज की आकांक्षा को दर्शाता है। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश भाजपा में इस समाज की ताकत दिखाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री की पत्नी के सम्मान समारोह में प्रदेश भाजपा का कोई भी बड़ा नेता उपस्थित नहीं था।
कुछ जानकारों की मानें तो प्रदेश में तैलिक-साहू समाज का बड़ा वोट शेयर हासिल करने के बाद भी भाजपा ने प्रदेश में इस समाज से सिर्फ एक जिलाध्यक्ष बनाया है। इसे लेकर इस समाज से जुड़े लोगों में प्रदेश भाजपा से कुछ तनातनी की बात भी कही जा रही है।