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आतंकवाद का संरक्षण इस दौर की सबसे बड़ी चुनौती : पीएम मोदी
Sat, 08 Jun 2019 08:51 PM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 08 Jun 2019 08:51 PM IST
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मालदीव दौरे पर पीएम मोदी
- फोटो : एएनआई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिवसीय मालदीव दौरे पर पहुंचे। मालदीव संसद में अपने संबोधन के दौरान मोदी ने ‘राज्य समर्थित’ आतंकवाद का जिक्र करते हुए पाकिस्तान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौती और मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। अब पानी सिर के ऊपर से गुजर रहा है इसलिए वैश्विक नेतृत्व को एकजुट होना चाहिए। यह दुर्भाग्य है कि लोग आज भी अच्छे और बुरे आतंकवाद में फर्क रखते हैं। पीएम ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवादियों को मिलने वाली धन सुविधा और हथियार पर सवाल उठाए। साथ ही आतंकवाद पर एक ग्लोबल कांफ्रेंस की जरूरत भी बताई।
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पीपुल्स मजलिस (संसद) में मोदी ने मालदीव को गहरा साझीदार और मित्र देश बताते हुए कहा कि दोस्तों में कोई छोटा-बड़ा या ताकतवर-कमजोर नहीं होता। दोस्ती सद्भावना और सहयोग से तय होती है, दोनों देशों की साझी चिंताओं के समाधान से मजबूत होती हैं। उन्होंने हिंद प्रशांत क्षेत्र को भारत-मालदीव की जीवनरेखा और व्यापार का राजमार्ग बताया। साथ ही कहा, मौजूदा समय चुनौतियों से भरा है और चुनौतियां अवसर भी लाती हैं। हमें सुरक्षा, शांति स्थापित करने, समुद्री लेन सुरक्षित रखने और आतंकवाद को हराने के लिए काम करना है।
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अपने संबोधन में पीएम ने भारत की ‘नेबरहु़ड फर्स्ट’ नीति को प्राथमिकता जाहिर की। उन्होंने कहा, भारत स्वतंत्रता, लोकतंत्र, खुशहाली और शांति के समर्थन में मालदीव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहा है। चाहे वह 1988 की घटना हो, या 2004 की सुनामी या जल संकट। हमें गर्व है कि भारत हर मुश्किल में मालदीव के हर प्रयास में हर कदम साथ चला है। मोदी ने कहा, देशों के रिश्ते सिर्फ सरकारों के बीच नहीं होते, लोगों के बीच संपर्क उनका प्राण होते हैं। इसलिए मैं उन सभी उपायों को अहमियत देता हूं, जिनसे लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा मिले। इसके अलावा पीएम ने वसुधैव कुटंबकम की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने अपनी उपलब्धियों को हमेशा विश्व और पड़ोसियों के साथ साझा किया है।
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