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सियासत: कर्नाटक को सूखा राहत राशि नहीं देने पर अमित शाह के बयान पर भड़की कांग्रेस, कहा- वो सरासर झूठ बोल रहे
Thu, 04 Apr 2024 06:34 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 04 Apr 2024 06:34 PM IST
सार
सूखा राहत राशि को लेकर केंद्र और कर्नाटक सरकार के बीच जुबानी जंग जारी है। बीते कुछ दिन पहले मामले पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान को कांग्रेस ने खारिज करते हुए सरासर झूठ करार दिया है। कांग्रेस के मुताबिक, विवाद खड़ा करना अमित शाह की पुरानी आदत है।
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जयराम रमेश- अमित शाह(फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कर्नाटक सरकार और केंद्र के बीच सूखा राहत राशि को लेकर चल रही जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते कुछ पहले सूबे के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्र को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्होंने कर्नाटक को सूखा राहत राशि नहीं दी। जिसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसका कारण राज्य में कांग्रेस सरकार की लेटलतीफी है, उन्होंने तीन महीनें बाद केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। तमाम बयानबाजी के बीच, कांग्रेस ने गुरुवार को केंद्र के दावे को सरासर झूठ करार दिया है।
अमित शाह का बयान सरासर झूठ है- जयशंकर
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह मुद्दा पहली बार उठाए जाने के आठ महीनें बाद मोदी सरकार अब अपनी निष्क्रियता का बचानव करने के लिए कहानियां गढ़ रही है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पीएम ने मई 2014 में अपनी पारी की शुरुआत सहकारी संघवाद के बारे में बड़ी बात करके की थी। सहकारी संघवाद आम सहमति पर आधारित है, जिसके लिए पीए मोदी ने अक्षमता का प्रदर्शन किया है।
'विवाद पैदा करना PM मोदी-गृह मंत्री अमित शाह की पुरानी आदत'
कर्नाटक सरकार और केंद्र के बीच लगातार बयानबाजी को जयराम रमेश ने टकरावपूर्ण संघवाद करार दिया है। विवाद करना और विभाजन पैदान करना पीएम मोदी और गृह मंत्री पहले का कौशल है। जैसा कि गृह मंत्री अमित शाह ने हालिया दावे से पता चलता है। जयराम रमेश ने कहा कि कर्नाटक के 236 तालुकों में से 223 सूखे के प्रभाव से जूझ रहे हैं, 123 में गंभीर सूखे की स्थिति है।
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कर्नाटक को 17900 करोड़ के मुआवजे की जरूरत- जयराम
केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि कर्नाटक को मुआवजे के तौर पर 17,900 करोड़ रुपये की जरूरत है और किसानों की 35,000 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो गई है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए केंद्र ने आज तक एक भी रुपया जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह दावा कर रहे हैं कि सूखा राहत राशि जारी करने में देरी इसलिए हुई क्योंकि राज्य सरकार ने तीन महीने देरी से प्रस्तुत किया था। केंद्रीय मंत्री का यह बयान सरासर झूठ है। कर्नाटक सरकार ने 22 सितंबर, 2023 को सूखा राहत के लिए एक प्रस्ताव दिया था।
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अमित शाह का बयान सरासर झूठ है- जयशंकर
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह मुद्दा पहली बार उठाए जाने के आठ महीनें बाद मोदी सरकार अब अपनी निष्क्रियता का बचानव करने के लिए कहानियां गढ़ रही है। जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि पीएम ने मई 2014 में अपनी पारी की शुरुआत सहकारी संघवाद के बारे में बड़ी बात करके की थी। सहकारी संघवाद आम सहमति पर आधारित है, जिसके लिए पीए मोदी ने अक्षमता का प्रदर्शन किया है।
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'विवाद पैदा करना PM मोदी-गृह मंत्री अमित शाह की पुरानी आदत'
कर्नाटक सरकार और केंद्र के बीच लगातार बयानबाजी को जयराम रमेश ने टकरावपूर्ण संघवाद करार दिया है। विवाद करना और विभाजन पैदान करना पीएम मोदी और गृह मंत्री पहले का कौशल है। जैसा कि गृह मंत्री अमित शाह ने हालिया दावे से पता चलता है। जयराम रमेश ने कहा कि कर्नाटक के 236 तालुकों में से 223 सूखे के प्रभाव से जूझ रहे हैं, 123 में गंभीर सूखे की स्थिति है।
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कर्नाटक को 17900 करोड़ के मुआवजे की जरूरत- जयराम
केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि कर्नाटक को मुआवजे के तौर पर 17,900 करोड़ रुपये की जरूरत है और किसानों की 35,000 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो गई है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए केंद्र ने आज तक एक भी रुपया जारी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अमित शाह दावा कर रहे हैं कि सूखा राहत राशि जारी करने में देरी इसलिए हुई क्योंकि राज्य सरकार ने तीन महीने देरी से प्रस्तुत किया था। केंद्रीय मंत्री का यह बयान सरासर झूठ है। कर्नाटक सरकार ने 22 सितंबर, 2023 को सूखा राहत के लिए एक प्रस्ताव दिया था।