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शिक्षकों से मिले पीएम मोदी: पूछा- अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या करूं; शिक्षिका के जवाब पर खूब हंसे प्रधानमंत्री
Sat, 05 Sep 2026 11:14 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:14 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने खुद को विद्यार्थी मानते हुए सावल पूछा कि कुशल वक्ता बनने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए। शिक्षिका ने आत्मविश्वास और लगातार अभ्यास को जरूरी बताया। इस दौरान शिक्षिका ने कहा कि आपके सामने मेरा ही आत्मविश्वास कम हो गया। इतना बोलते ही पूरे हॉल में खुशनुमा माहौल हो गया। सभी लोग ठहाके लगाने लगे। आगे की बातचीत में पीएम मोदी ने स्क्रीन की लत, खेल, रचनात्मक गतिविधियों, ड्रेस कोड और बच्चों के बचपन को लेकर भी शिक्षकों को संदेश भी दिया। आइए, विस्तार से जानते हैं कि पीएम मोदी ने क्या कुछ कहा...
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पीएम मोदी ने शिक्षकों से की मुलाकात
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पीएम मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों से शुक्रवार को मुलाकात की। उन्होंने इस बातचीत का एक वीडियो भी जारी किया। और एक्स अकाउंट पर लिखा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के समाज में महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने का अवसर है। यह दिन भारत के महान शिक्षाविद और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने के लिए भी मनाया जाता है। आइए, जानते हैं पीएम मोदी ने शिक्षकों से किन-किन मुद्दों पर बात की।
इस दौरान उन्होंने एक शिक्षिका से अपने सार्वजनिक भाषण कौशल को बेहतर बनाने का सुझाव मांगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगर मैं आपका विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में अध्यापिका ने कहा कि आपको पहले कॉन्फिडेंस होना है। इसके बाद वहां मौजूद सभी शिक्षिक हंसने लगे। इस खुशनुमा माहौल में पीएम मोदी भी हंसने लगे। इसके बाद शिक्षिका ने कहा हंसते हुए कहा कि सर, आपका औरा इतना देखकर मुझे ही डाउट हो गया।
ये भी पढ़ें- बॉम्बे हाईकोर्ट: भेदभाव पर अदालत सख्त, कहा- भारत भले चांद पर पहुंचा, समाज में आज भी जाति व्यवस्था की बुराई
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इस दौरान उन्होंने एक शिक्षिका से अपने सार्वजनिक भाषण कौशल को बेहतर बनाने का सुझाव मांगा। पीएम मोदी ने कहा कि अगर मैं आपका विद्यार्थी होता और एक कुशल वक्ता बनना चाहता, तो आप मुझे क्या सुझाव देतीं? मुझे क्या करना चाहिए? इस सवाल के जवाब में अध्यापिका ने कहा कि आपको पहले कॉन्फिडेंस होना है। इसके बाद वहां मौजूद सभी शिक्षिक हंसने लगे। इस खुशनुमा माहौल में पीएम मोदी भी हंसने लगे। इसके बाद शिक्षिका ने कहा हंसते हुए कहा कि सर, आपका औरा इतना देखकर मुझे ही डाउट हो गया।
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#TeachersDay is about appreciating the strong contribution of teachers to our society. It is also a day to pay homage to Dr. S. Radhakrishnan.
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Here is what happened when the National Teachers' Awards winners were invited to 7, LKM yesterday…. pic.twitter.com/LtXTvHiQoQ — Narendra Modi (@narendramodi) September 5, 2026
शिक्षिका ने अच्छा वक्ता बनने के लिए क्या मंत्र दिया?
इसके बाद शिक्षिका ने कहा कि अच्छी बोलने की क्षमता केवल जन्मजात गुण नहीं है, बल्कि इसे अभ्यास से बेहतर किया जा सकता है। उन्होंने आत्मविश्वास को सबसे पहली जरूरत बताया और कहा कि लगातार अभ्यास करने से आत्मविश्वास आता है। प्रधानमंत्री ने इस जवाब को शिक्षकों के साथ अपनी बातचीत का हिस्सा बनाया। इसके बाद उन्होंने बच्चों और शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने खास तौर पर बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर चिंता जताई और कहा कि यह अब एक तरह की लत बनता जा रहा है।ये भी पढ़ें- बॉम्बे हाईकोर्ट: भेदभाव पर अदालत सख्त, कहा- भारत भले चांद पर पहुंचा, समाज में आज भी जाति व्यवस्था की बुराई
पीएम मोदी ने बच्चों पर नशे के खतरे को लकेर क्या अपील की?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को नशे के खतरे और उसके बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक करें।
- पीएम मोदी ने कहा कि बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि कोई बच्चा नशे की चपेट में कैसे आया। ऐसे में शिक्षकों को जागरूकता फैलाने की पहल करनी चाहिए।
- प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों के व्यवहार में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी बारीकी से नजर रखें, ताकि किसी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।
बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बनता जा रहा है। उनके अनुसार बच्चों की रुचि खेलों में बढ़ाई जानी चाहिए। यहां खेल से उनका मतलब वीडियो गेम नहीं, बल्कि मैदान पर जाकर खेलने से था। उन्होंने कहा कि बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर उनका ध्यान स्क्रीन से हटाया जा सकता है। साथ ही ऐसे कार्यक्रमों को आदत बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए, जो बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ावा दें।ड्रेस कोड और बच्चों की जिंदगी पर पीएम मोदी ने शिक्षकों को क्या संदेश दिया?
- पीएम मोदी ने कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में सामने आए ड्रेस कोड के मुद्दे पर भी बात की।
- उन्होंने कहा कि कई बार नियमों को लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं होती और कभी-कभी बिना समझाए नियम लागू कर दिए जाते हैं।
- उन्होंने शिक्षकों से कहा कि उन्हें ऐसे फैसलों से जुड़ी चिंताओं और उनके असर को समझना चाहिए और यह देखना चाहिए कि बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव तो नहीं आ रहा।
- पीएम मोदी ने आगे कहा कि शिक्षकों को केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों की जिंदगी से जुड़ना चाहिए।
- उन्होंने शिक्षकों से बात करते हुए यह भी कहा कि बचपन को खत्म नहीं होने देना चाहिए और बच्चों के बचपन को बचाए रखने में शिक्षक की बड़ी भूमिका है।