{"_id":"5fe6a68b5572f0248f4313be","slug":"pm-cares-owned-controlled-and-established-by-government-of-india-says-centre-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम केयर्स फंडः आयकर ने कहा-यह सार्वजनिक ट्रस्ट है, सरकारी प्राधिकरण नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पीएम केयर्स फंडः आयकर ने कहा-यह सार्वजनिक ट्रस्ट है, सरकारी प्राधिकरण नहीं
Sat, 26 Dec 2020 08:30 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sat, 26 Dec 2020 08:30 AM IST
विज्ञापन
pm cares fund
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विपक्ष द्वारा बार-बार विवाद का विषय बनाए जा रहे पीएम केयर्स फंड को लेकर आयकर विभाग ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर एक याचिका के जवाब में स्पष्ट किया है यह एक सार्वजनिक ट्रस्ट है। इस नाते इसका स्वामित्व और नियंत्रण भारत सरकार के पास है। इसकी स्थापना भारत सरकार द्वारा की गई है।
विज्ञापन
आयकर विभाग द्वारा यह जानकारी 24 दिसंबर को दी गई है। आयकर आयुक्त (छूट) के कार्यालय के अनुसार, पीएम केयर्स फंड काेेे 'पंजीकरण अधिनियम, 1908' के तहत रजिस्टर किया गया है। एक ट्रस्ट के नाते इसका स्वामित्व, नियंत्रण और स्थापना भारत सरकार द्वारा की गई है, लेकिन यह तथाकथित 'सरकारी प्राधिकरण' की परिभाषा को पूरा नहीं करता है।
विज्ञापन
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले दिए गए एक अन्य जवाब में सरकार ने कहा था कि यह फंड किसी भी सरकार द्वारा स्वामित्व, नियंत्रित या पर्याप्त रूप से वित्तपोषित नहीं है। फंड की स्थापना कोविड-19 महामारी जैसी आपात स्थिति (प्राकृतिक आपदाओं से परे) के लिए धन जुटाने के लिए की गई है। प्रधानमंत्री पीएम केयर्स फंड के पदेन अध्यक्ष हैं। पीएम केयर्स फंड में दिए गए योगदान को आयकर से 100 फीसदी छूट मिलती है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: कांग्रेस ने ‘पीएम केयर्स’ कोष में मिले विदेशी अनुदान की जांच की मांग की
ट्रस्ट डीड में यह कहा गया था
17 मार्च को जारी फंड की ट्रस्ट डीड यानी पंजीकरण दस्तावेज में कहा गया था कि यह ट्रस्ट सरकार द्वारा नियंत्रित नहीं है। ट्रस्ट का न तो कोई उद्देश्य है और न ही वास्तव में इसका किसी सरकार या सरकार के किसी भी संस्थान के पास स्वामित्व और नियंत्रण है और न ही उनके द्वारा इसका वित्तपोषण किया जाता है। पीएम केयर्स वेबसाइट के अनुसार, 2019-20 के लिए फंड में 3,076.62 करोड़ रुपये की राशि जमा हुई है।
आरटीआई आवेदन के जवाब में सरकार ने कहा, वह यह सुनिश्चित करती है कि यह फंड सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रहे, क्योंकि यह सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता कमोडोर लोकेश बत्रा (रिटायर्ड) ने कहा कि मुझे इस बात में कोई संदेह नहीं है कि फंड पब्लिक चैरिटेबल यानी सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट या एक एनजीओ की तरह है, लेकिन पंजीकृत फंड को पारदर्शी होना चाहिए, क्योंकि इसे कई सरकारी सेवाएं और सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।