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गुजरात: 10 हजार रुपये में गिरवी रखा बेटा, पत्नी के इलाज के लिए मजबूरी में उठाया कदम

Tue, 09 Mar 2021 02:21 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अरावली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अरावली Published by: कुमार संभव Updated Tue, 09 Mar 2021 02:21 PM IST
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Pledged his son for 10 thousand rupees steps taken under compulsion for treatment of wife in Aravalli district gujarat
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

गुजरात के अरावली जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। दरअसल, यहां एक शख्स को पत्नी का इलाज कराने के लिए रुपयों की जरूरत थी। जब उसे कहीं से भी मदद नहीं मिली तो उसने मजबूरी में अपने बेटे को 10 हजार रुपये में गिरवी रख दिया। मामले की मिलने के बाद अधिकारी हरकत में आ गए। उन्होंने बच्चे को रेस्क्यू करा लिया। 

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यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, उत्तर गुजरात के मालपुर क्षेत्र के वांकानेडा गांव में एक परिवार रहता है, जिसमें पांच सदस्य (माता-पिता और तीन बच्चे) हैं। यह परिवार एक अस्थायी झोपड़ी में रहता है। बता दें कि तीनों बच्चों की मां हृदय रोग से जूझ रही है। ऐसे में उसके इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। 

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मजबूरी में पिता ने उठाया यह कदम

बताया जा रहा है कि इस परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। उनके पास गिरवी रखने को ऐसा कुछ भी नहीं था, जिससे पैसों का इंतजाम किया जा सके। ऐसे में पिता ने अपने दिल पर पत्थर रखते हुए अपने बेटे को 10 हजार रुपये में गिरवी रख दिया। 

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भेड़ चराने के लिए सौंपा अपना बेटा

जानकारी के मुताबिक, परिवार के मुखिया को अपनी पत्नी की दवाओं के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। ऐसे में उसने अपने 12 साल के बेटे को 10 हजार रुपये में भेड़-बकरी चराने के लिए गिरवी रख दिया।

अधिकारियों में मचा हड़कंप

बता दें कि इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए बच्चे को रेस्क्यू किया और हिम्मत नगर स्थित चाइल्ड होम भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के रहने और शिक्षा के साथ-साथ अन्य लाभ दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में अधिकारियों ने दोनों पक्षों को आज (9 मार्च) बातचीत के लिए बुलाया है। साथ ही, बाल सुरक्षा समिति की बैठक भी बुलाई गई है।

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