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आजादी का अमृत महोत्सव : 75 हजार हेक्टेयर में होगी जड़ी-बूटियों की खेती, आयुष मंत्रालय मुफ्त बांट रहा पौधे
Thu, 02 Sep 2021 08:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 02 Sep 2021 08:04 PM IST
सार
महाराष्ट्र में किसानों को 7500 और उत्तर प्रदेश में 750 औषधीय पौधे बांटे गए। नेशनल मेडिसिनल बोर्ड ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत यह अभियान शुरू किया है।
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विस्तार
आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत देश में जड़ी-बूटियों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिए आयुष मंत्रालय ने खास अभियान शुरू किया है। मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल मेडीसिनल प्लांट्स बोर्ड (एनएमपीबी) ने इस दौरान 75 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में औषधीय फसलों की खेती का लक्ष्य रखा है।
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मंत्रालय का कहना है कि इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और 'ग्रीन इंडिया' का सपना पूरा होगा। अभियान के तहत, देशभर में अगले एक वर्ष में 75 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जड़ी-बूटियों की खेती की जाएगी। केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि औषधीय पौधों के सिलसिले में देश की अपार क्षमता है। 75,000 हेक्टेयर रकबे में जड़ी-बूटियों की खेती से देश में देशी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। जड़ी-बूटियों की खेती किसानों की आय का बड़ा स्रोत बनेगी। आयुर्वेदिक दवाओं की उपलब्धता के मामले में देश भी आत्मनिर्भर होगा।
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सहारनपुर व पुणे से शुरुआत
कार्यक्रम की शुरूआत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और महाराष्ट्र के पुणे से की गई है। यह 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का दूसरा कार्यक्रम है। पुणे में औषधीय पौधे किसानों को बांटे गए, जो लोग पहले से जड़ी-बूटियों की खेती कर रहे हैं, उन्हें सम्मानित किया गया। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के पारनेर से विधायक नीलेश लंके, केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) के महानिदेशक डॉ. आसिम अली खान और एनएमपीबी के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सांवल ने भिन्न-भिन्न स्थानों से कार्यक्रमों की अगुवाई की। डॉ. सांवल ने कहा कि इस प्रयास से देश में औषधीय पौधों की आपूर्ति में और तेजी आएगी।
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सहारनपुर में उत्तर प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धर्म सिंह सैनी, एनएमपीबी के अनुसंधान अधिकारी सुनील दत्त और आयुष मंत्रालय के अधिकारियों ने संबंधित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जड़ी-बूटियों की खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। आसपास के कई जिलों से आए 150 किसानों को औषधीय पौधे निशुल्क वितरित किये गए। पौधों की पांच प्रजातियां वितरित की गईं, जिनमें पारिजात, बेल, नीम, अश्वगंधा और जामुन के पौधे शामिल थे। किसानों को जामुन के 750 पौधे अलग से निशुल्क बांटे गए।