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रेल मंत्री पीयूष गोयल की दो टूक, ट्रेन हुई लेट तो अधिकारियों के प्रमोशन पर लगेगा ब्रेक

Mon, 04 Jun 2018 11:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Jun 2018 11:15 AM IST
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Piyush Goyal warned heads of zonal railways that delays in train services will defer their appraisal
भारतीय रेलवे

रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक खुशखबरी है। रेलवे ने यात्रियों को राहत देते हुए फैसला लिया है कि वह ट्रेनों के संचालन में होने वाली देरी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार मानेगा और इसका असर उनके प्रमोशन पर भी पड़ेगा। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे के सभी मंडलों के प्रमुखों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि रेल सेवाओं में देरी होती है तो इससे उनका प्रमोशन प्रभावित होगा। 

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मंत्रालय ने अधिकारियों को ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक महीने का समय दिया है। एक वरिष्ठ रेलवे सूत्र ने बताया, पिछले हफ्ते हुई आतंरिक बैठक में गोयल ने सभी मंडलों के महाप्रबंधकों को फटकार लगाते हुए कहा कि वह रख-रखाव के कामों की आड़ लेकर ट्रेनों के संचालन में देरी होने से पल्ला नहीं झाड़ सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान 30 प्रतिशत ट्रेनें अपने नियत समय से लेट हुई हैं। यहां तक कि छुट्टियों के सीजन में भी इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। 
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खासतौर से उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक को गोयल के गुस्से का शिकार होना पड़ा। इस मंडल का समयबद्धता प्रदर्शन 29 मई तक केवल 49.59 प्रतिशत रहा। जोकि बीते साल की इसी अवधि की तुलना में 32.74 फीसदी कम है। सूत्र ने कहा, 'मंत्री को जहां यह पता था कि बड़े पैमाने पर ट्रैक्स के रीन्यूअल के चलते भी ट्रेनों के संचालन में देरी हो रही है। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या से निपटने के लिए प्रयास करने के लिए कहा।' प्रतिबद्धता के आंकड़े काफी खराब हैं और हमारी अपेक्षा के मुताबिक नहीं हैं। सीधे तौर पर मंडल अधिकारी रख-रखाव के कार्य को ट्रेनों की आवाजाही में होने वाली देरी की वजह बताते रहे हैं।' 
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सूत्र ने बताया कि बैठक के दौरान मंत्री ने हर एक मंडल अधिकारी को व्यक्तिगत तौर पर बुलाया और उनसे खराब प्रतिबद्धता आंकड़ों को समझाने के लिए कहा। गोयल से पिछले महीने प्रगति बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर सवाल पूछा था। इसके बाद ही उन्होंने सभी मंडलों के अधिकारियों से मुलाकात की है। मुख्य तौर से उत्तर रेलवे के मंडल प्रमुख से जिनका मंडल प्रतिबद्धता इंडेक्स के मामले में सबसे नीचे है।

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