Tariff Policy: भारत की टैरिफ नीति मुक्त व्यापार की दिशा में अहम कदम, पीयूष गोयल ने बताया क्या है उद्देश्य
आज केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत की टैरिफ नीति के उद्देश्य पर जोर दिया। लोकसबा में एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि भारत की टैरिफ नीति का मुख्य उद्देश्य व्यापार को विनियमित करना, घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और आयात-निर्यात वस्तुओं पर करों के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करना है।
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भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत की टैरिफ नीति के उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की टैरिफ नीति का मुख्य उद्देश्य व्यापार को विनियमित करना, घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और आयात-निर्यात वस्तुओं पर करों के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करना है। लोकसभा में एक लिखित जवाब में गोयल ने कहा कि बदलते व्यापार की स्थिति में भारत अब मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां सीमा शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाएं कम या फिर समाप्त की जा रही हैं।
गोयल ने बताया टैरिफ में कटौती का कारण
साथ ही गोयल ने ये भी बताया कि टैरिफ में कटौती करने से, खासकर इनपुट और मध्यवर्ती वस्तुओं पर, निर्माताओं का मुकाबला बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिति भी सुधरेगी।
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भारत-अमेरिका के व्यापार पर जितिन प्रसाद का बयान
राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत-अमेरिका के व्यापार पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के साथ पारस्परिक लाभकारी और निष्पक्ष तरीके से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को बढ़ाने के लिए बातचीत कर रही है।
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टैरिफ नीति के बीच भारत सरकार की पहल
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार आपूर्ति श्रृंखलाओं पर टैरिफ के प्रभावों को समझते हुए नए अवसरों की पहचान करने के लिए उद्योग को प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही, डब्ल्यूटीओ के तहत आयात की निगरानी की जा रही है, ताकि यदि किसी देश से आयात बढ़ने से घरेलू उद्योग को नुकसान हो, तो सुरक्षा उपाय किए जा सकें।