फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Piyush Goyal on Abhijeet Banerjee, says he is totally left leaning

पीयूष गोयल ने नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी को दी बधाई, कहा- वह लेफ्ट विचारधारा के हैं

Fri, 18 Oct 2019 02:35 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 18 Oct 2019 02:35 PM IST
विज्ञापन
Piyush Goyal on Abhijeet Banerjee, says he is totally left leaning
पीयूष गोयल (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अभिजीत बनर्जी जी को नोबेल पुरस्कार मिला मैं उनको बधाई देता हूं।

विज्ञापन


पीयूष गोयल ने कहा कि लेकिन उनकी समझ के बारे में आप सब जानते हैं। उनकी जो सोच है वह वामपंथ से प्रेरित हैं। उन्होंने न्याय (कांग्रेस की योजना) के गुणगान गाए थे। भारत की जनता ने उनकी सोच को पूरी तरह से खारिज कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

कांग्रेस की न्याय स्कीम में अभिजीत बनर्जी का था दिमाग

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस गरीबी हटाने की जिस बहुप्रचारित और चर्चित 'न्याय' स्कीम को लेकर मैदान में उतरी थी उसे तैयार करने और तानाबाना बुनने में अभिजीत बनर्जी का भी दिमाग लगा था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी ने घोषणापत्र तैयार करने में कुछ बड़े अर्थशास्त्रियों की राय और मदद ली थी जिसमें अभिजीत भी प्रमुख सलाहकारों में थे। गरीब परिवारों को प्रति माह छह हजार रुपए देने का सुझाव उनका ही था। ताकि गांवों में भी गरीब खरीदारी करे और अर्थव्यवस्था में तेजी आए। अभिजीत ने नोटबंदी को लेकर भी अर्थव्यवस्था में नुकसान की बात कही थी।

'वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग के लिए दिया गया नोबेल

भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी के साथ उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को भी उस पुरुस्कार दिया गया है। यह पुरस्कार उनके द्वारा किए गए शोध 'वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग'  के लिए दिया गया।

कोलकाता में 21 फरवरी 1961 को अभिजीत का जन्म हुआ था। अभिजीत विनायक बनर्जी को बचपन से ही गरीबी परेशान करती थी। वे अपने अर्थशास्त्री पिता डा. दीपक बनर्जी और अर्थशास्त्री डा. निर्मला से इस बार में सवाल पूछते रहते थे।

बता दें, वर्तमान में अभिजीत बनर्जी मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में प्रोफेसर हैं। वहां वे स्टूडेंट्स को में अर्थशास्त्र पढ़ाते हैं। अगर उनकी शिक्षा की बात करें तो 1981 में बीएससी की डिग्री कोलकाता यूनिवर्सिटी से लेने के बाद उन्होंने 1983 में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से एमए की पढाई संपन्न की। उसके बाद अभिजीत बनर्जी ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी की। वह और उनकी पत्नी डफ्लो अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब के सह-संस्थापक भी हैं।

अभिजीत को किताबें पढ़ने व लिखने का है शौक

अभिजीत को किताबें पढ़ने व लिखने का बेहद शौक है। उन्होंने अर्थशास्त्र पर कई किताबें लिखी हैं। अभिजीत ने पूअर इकोनॉमिक्सः ए रेडिकल रीथीकिंग ऑफ द वे टू फाइट ग्लोबल पॉवर्टी नामक पुस्तक 2011 में लिखी थी, जसके कारण वे चर्चा में आए और उन्हें प्रसिद्धी हासिल हुई। बता दें कि वोलाटिलिटी एंड ग्रोथ के नाम से सन् 2005 में इनकी पहली किताब मार्केट में आई। उसके बाद उन्होंने कुल सात किताबें और लिखी हैं।
 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed