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निधन: आईवीएफ अनुसंधान के जाने-माने चिकित्सक डॉ. बैद्यनाथ चक्रवर्ती नहीं रहे, इलाज के दौरान हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस
Fri, 15 Apr 2022 09:56 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलकाता
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 15 Apr 2022 09:56 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक जताते हुए कहा कि उनके निधन से चिकित्सा और अनुसंधान जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
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Dr. Baidyanath Chakrabarty
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आईवीएफ अनुसंधान में भारत के जाने-माने चिकित्सकों में से एक डॉ. बैद्यनाथ चक्रवर्ती का लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह 94 वर्ष के थे। अस्पताल ने बताया कि उनका दिल का दौरा पड़ने के बाद मार्च से ही सॉल्ट लेक के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। उन्हें निमोनिया भी हो गया था।
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अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें कई बीमारियां थीं, जिनमें से ज्यादातर उम्र संबंधी थीं। उन्होंने सुबह अंतिम सांस ली। डॉ. चक्रवर्ती ने कृत्रिम गर्भाधान अनुसंधान के लिए 1986 में ‘इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन’ (आईआरएम) की स्थापना की। उन्होंने 2019 में इसे आईसीएमआर को सौंप दिया। उनका पार्थिव शरीर दोपहर को उनके आवास पर लाया गया। वहां से पार्थिव शरीर सीआईटी रोड पर उनके पुराने क्लिनिक ले जाया गया, जहां लोग उन्हें अंतिम विदाई दे सकेंगे।
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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शोक जताते हुए कहा कि उनके निधन से चिकित्सा और अनुसंधान जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने एक बयान में कहा कि वह भारत में आईवीएफ या कृत्रिम गर्भाधान अनुसंधान और इलाज के क्षेत्र में अग्रणी थे। अनुभवी चिकित्सा द्वारा स्थापित किए गए इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन ने असंख्य निसंतान दंपतियों को बच्चे दिलाने में मदद की। राज्य सरकार ने उन्हें 2019 में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ दिया था।
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