फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   phone tapping of investigative journalist by Spying software Pegasas

Pegasas: फिर चर्चाओं में आया जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस, पत्रकार का फोन टैप करने की कोशिश, OCCRP ने लगाए यह आरोप

Fri, 10 Nov 2023 06:18 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 10 Nov 2023 06:18 AM IST
सार

मगलाने के फोन की फोरेंसिक जांच करने वाली एजेंसी आईवेरिफाई ने कहा कि वह पूरे भरोसे से कह सकते हैं कि फोन पर पेगासस के जरिये हमला किया गया। खुद मगलाने ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आईटी मंत्रालय ने भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

विज्ञापन
phone tapping of investigative journalist by Spying software Pegasas
हैकिंग - फोटो : ANI

विस्तार

इस्राइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस फिर चर्चा में है। आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर के जरिये अगस्त में एक पत्रकार के आईफोन में सेंध लगाने का प्रयास किया गया था।

विज्ञापन


पेगासस घुसपैठ से मेल खाता है
पत्रकार आनंद मगनाले एक वैश्विक खोजी पत्रकार समूह ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। उनके फोन के विश्लेषण से पता चला कि अगस्त में जासूसी का प्रयास किया गया था। ओसीसीआरपी के सह संस्थापक ड्रियू सुलीवन ने बताया कि मगलाने के फोन की फोरेंसिक जांच से संदिग्ध क्रैश का एक पैटर्न मिला है, जो पेगासस घुसपैठ से मेल खाता है। सुलीवन ने कहा, सरकार पत्रकारों के फोन में जो भी तलाश रही है उसकी राजनीतिक वजह के अलावा और कोई सफाई नहीं हो सकती। 

विज्ञापन

मगलाने के फोन की फोरेंसिक जांच करने वाली एजेंसी आईवेरिफाई ने कहा कि वह पूरे भरोसे से कह सकते हैं कि फोन पर पेगासस के जरिये हमला किया गया। खुद मगलाने ने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आईटी मंत्रालय ने भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। आनंद उन लोगों में हैं जिन्हें एपल की ओर से पिछले दिनों जासूसी संबंधी अलर्ट मिला था। उनके साथ कई विपक्षी नेताओं को भी यह अलर्ट मिला था। विपक्ष ने इस अलर्ट के आधार पर आरोप लगाया है कि वे सरकार प्रायोजित हैकरों के निशाने पर हैं। हालांकि एपल ने इस अलर्ट में किसी सरकार, समूह या स्पाईवेयर का नाम नहीं लिया था। केंद्र सरकार ने भी इस अलर्ट को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि दुनिया के 150 देशों में एपल ने इस तरह के अलर्ट भेजे हैं। सरकार ने मामले में जांच के आदेश भी दिए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed