PFI Ban: बाय-बाय पीएफआई से लेकर मोदी युग का भारत...पढ़ें केंद्र के एक्शन पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
PFI ban in India: गृह मंत्रालय ने आतंकी फंडिंग व अन्य देश विरोधी गतिविधियों के चलते भारत में पीएफआई को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है।
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PFI Ban News: कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर पांच साल के प्रतिबंध के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का ट्वीट सामने आया है। उन्होंने गृह मंत्रालय की अधिसूचना को पोस्ट करते हुए अपने ट्वीट में लिखा है, "बाय-बाय पीएफआई।"
इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा, राजस्थान में जिस प्रकार कई जिलों में दंगा हुआ, उसी समय हम कह रहे थे कि PFI का इसमें हाथ था। कर्नाटक में भी जब सिद्धारमैया कि सरकार थी, उस समय भी 23 से अधिक लोगों की हत्या हुई थी। देश को अखंड रखने के लिए इस पर(PFI) बैन जरूरी था।
विश्व हिंदू परिषद ने भी दी प्रतिक्रिया
पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद विश्व हिंदू परिषद ने भी प्रतिक्रिया दी है। एक ट्वीट में लिखा गया है कि 'पीएफआई जैसी राष्ट्र विरोधी शक्तियों को समाप्त करने के लिए उठाए गए कदम का विश्व हिंदू परिषद स्वागत करती है। आशा करती है की उनके सहयोगी भी इस घटना से सबक लेंगे। अब यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जिस प्रकार सिम्मी से पीएफआई बना, कोई और ना खड़ा हो जाए।
कर्नाटक सीएम बोले, समय आ गया था
कर्नाटक सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा, देश के लोगों समेत पूरा विपक्ष भी लंबे समय से पीएफआई पर प्रतिबंध की मांग कर रहा था। पीएफआई देश विरोधी गतिविधियों, हिंसा में शामिल था। इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया था। भारत सरकार ने सही फैसला लिया है। यह सभी राष्ट्र विरोधी समूहों के लिए एक संदेश है। मैं लोगों से ऐसे संगठनों से नहीं जुड़ने का आग्रह करता हूं।
असम सीएम बोले-मोदी युग का भारत साहसिक
केंद्र सरकार के फैसले पर असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, मैं भारत सरकार द्वारा पीएफआई पर प्रतिबंध का स्वागत करता हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के अपने संकल्प में दृढ़ है कि भारत के खिलाफ किसी भी शैतानी, विभाजनकारी या विघटनकारी योजना के खिलाफ मजबूती से निपटा जाएगा। मोदी युग का भारत निर्णायक और साहसिक है।
वोट बैंक के नाम पर आतंकियों को संरक्षण देता था विपक्ष
गृह मंत्रालय के फैसले पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि केंद्र सरकार ने पीएफआई पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। लेकिन हमने पूर्व में देखा है कि कैसे कांग्रेस, सपा, राजद, वामपंथी आदि ने वोटबैंक के नाम पर आतंक को राजनीतिक संरक्षण दिया। कैसे कांग्रेस ने राजस्थान में PFI को चलाने की अनुमति दी और कर्नाटक में कांग्रेस ने PFI पर केस कैसे वापस लिए थे।
मालवीय बोले, सलमान खुर्शीद इस पर कुछ बोलेंगे
भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, सलमान खुर्शीद जैसे कांग्रेसी नेता, जो पहले सिमी जैसे कट्टरपंथी संगठन का बचाव कर चुके हैं, अब प्रतिबंधित आतंकी समूह के लिए कुछ बोलेंगे? उन्होंने आगे कहा, कांग्रेस ने पूर्व में पीएफआई का सक्रिय रूप से बचाव और सहयोग किया है।
किसी ने तो हिम्मत दिखाई: विवेक अग्निहोत्री
फिल्म निर्माता विवके अग्निहोत्री ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा शानदार काम। आखिर में किसी ने तो पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने की हिम्मत की। उन्होंने पीएफआई को अर्बन नक्सल का मुख्यालय बताते हुए भारत का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। कहा, मुझे खुशी है कि मैं अपने जीवनकाल में अर्बन नक्सलियों की हार देख रहा हूं।
पीएफआई से जुड़े संगठनों पर भी प्रतिबंध
दरअसल, गृह मंत्रालय ने आतंकी फंडिंग व अन्य देश विरोधी गतिविधियों के चलते भारत में पीएफआई को पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है। यूएपीए एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है। PFI के अलावा उनके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन(केरल) पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
इंद्रेश कुमार ने साधा कांग्रेस पर निशाना
केरल के कांग्रेस सांसद के सुरेश ने सरकार द्वारा पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कहा था कि देश में आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगे क्योंकि वह भी पूरे देश में हिंदू सांप्रदायिकता फैला रहा है। अब इस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार ने बुधवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने और इसे पीएफआई से जोड़ने की मांग पूरी तरह से असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अमानवीय है और देश के सम्मान के खिलाफ भी है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि जब भी किसी ने आरएसएस पर उंगली उठाई है, तो वह बेकार हो गया है। वाम और कांग्रेस देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार हैं। कांग्रेस कभी भी आरएसएस पर गालियां देकर इस पाप को नहीं धो सकती है। उनका पाप हमेशा उनके साथ रहेगा।
आगे कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि अतीत में जब तत्कालीन कांग्रेस सरकारों द्वारा आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, तो कांग्रेस पार्टी को हर बार हार का सामना करना पड़ा था और उसके बाद संगठन लोकतंत्र के रक्षक के रूप में उभरा।