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नीतीश की विधान परिषद सदस्यता रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Tue, 01 Aug 2017 08:32 AM IST
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कथित तौर पर आपराधिक मामला दर्ज होने का दावा करते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई और मांग की गई कि इस आधार पर उनकी राज्य विधान परिषद की सदस्यता रद्द कर दी जाए।
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याचिका में कहा गया है कि 1991 में बिहार के बार चुनाव क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव से पहले नीतीश पर कांग्रेस के स्थानीय नेता सीताराम सिंह की हत्या और चार अन्य को घायल करने का आरोप लगा था। यह याचिका वकील एमएल शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से दायर की है।
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याचिका में उन्होंने यह भी मांग की है कि इस मामले में सीबीआई को नीतीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। याचिका में कहा गया है कि उत्तरदायी नंबर 2 (निर्वाचन आयोग) ने उनके (नीतीश) खिलाफ आपराधिक मामले के तथ्यों को जानने के बावजूद उनकी परिषद सदस्यता रद्द नहीं की और उत्तरदायी (नीतीश) अभी भी संवैधानिक कार्यालय का आनंद ले रहे हैं।
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याचिकाकर्ता ने दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री ने 2012 को छोड़कर 2004 के बाद अपने ऊपर लगे आपराधिक मामलों का हलफनामों में खुलासा नहीं किया है।