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सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका से भड़के राज्यपाल, कहा- मूक दर्शक बनकर नहीं रहेंगे

Sun, 19 Jan 2020 10:07 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: देव कश्यप Updated Sun, 19 Jan 2020 10:07 PM IST
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Petition filed in Supreme Court against CAA Kerala Governor seeks response from Chief Secretary
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : Twitter

राज्य का संवैधानिक मुखिया होने के बावजूद संसद से पारित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ बिना सूचना दिए केरल सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने से नाराज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह मूक दर्शक’ बनकर नहीं रहेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि देश का कानून लागू किया जाए। उधर, राज्य सरकार में शामिल माकपा के प्रदेश सचिव के. बालकृष्णन ने रविवार को राज्यपाल की आलोचना करते हुए उन पर सरकार के कामों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।

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राज्यपाल ने बंगलूरू से लौटने पर कहा, यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। हमें संविधान को बरकरार रखना होगा। उन्होंने कहा कि मैं मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकता। मैं कानून को सही ठहराए जाने के लिए सुनिश्चित करने का प्रयास करूंगा। उधर,बालकृष्णन ने आरोप लगाया कि राज्यपाल बिना मतलब के ही सरकार के दैनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं। बालकृष्णन ने पार्टी के मुखपत्र देशभिमानी में एक लेख में कहा, राज्यपाल लोगों द्वारा निर्वाचित राज्य सरकार का अपमान कर रहे हैं। राज्यपाल का पद राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए नहीं है। इससे पहले शनिवार को भी माकपा के मुखपत्र में राज्यपाल पर एक कड़ा लेख लिखकर हमला बोला गया था।
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बता दें कि राज्य की एलडीएफ सरकार ने 13 जनवरी को शीर्ष अदालत में इस कानून को चुनौती दी थी। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से इस कानून को संविधान विरुद्ध घोषित किए जाने की मांग की है। इससे नाराज होकर राज्यपाल ने कहा था कि अनुच्छेद 34(2) के उपखंड 5 के हिसाब से राज्य सरकार को केंद्र से उसके संबंधों को प्रभावित करने वाला कोई भी कदम उठाने से पहले राज्यपाल को सूचित करना अनिवार्य होता है। उन्होंने कहा था कि मुझे सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने में आपत्ति नहीं है, लेकिन प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाना चाहिए।
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राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के बावजूद मुझे इसके बारे में समाचार पत्रों से जानकारी मिली है। हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण दिया था कि उसने राज्यपाल की अधिकारों को चुनौती देने वाला कोई कदम नहीं उठाया है। राज्य के कानून मंत्री एके बालन ने शनिवार को कहा था कि सरकार राज्यपाल की तरफ से उठाई गई सभी शंकाओं का निवारण करेगी।

केरल लिटरेचर फेस्टिवल में संबोधन अचानक रद्द

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का केरल लिटरेचर फेस्टिवल में रविवार को होने वाला संबोधन अचानक रद्द कर दिया गया। राजभवन ने कहा कि आयोजकों ने सुरक्षा कारणों से संबोधन रद्द करने की बात कही है। माना जा रहा है कि आयोजकों ने संबोधन के दौरान राज्यपाल का सीएए को लेकर विरोध किए जाने की आशंका से उन्हें नहीं बुलाने का निर्णय लिया है।

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