'महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए इंद्राणी ने चढ़ा दी बच्चों की बलि'
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बेटी की हत्या के मामले में पत्नी इंद्राणी मुखर्जी की मदद करने के आरोप में जेल में बंद पीटर मुखर्जी ने पहली बार जुबान खोली है। अपनी पत्नी को अति महत्वाकांक्षी महिला बताते हुए पीटर ने कहा कि उसने अपनी महत्वाकांक्षाओं के चक्कर में अपने बच्चों की बलि चढ़ा दी।
भारत के पूर्व मीडिया मुगल कहे जाने वाले पीटर मुखर्जी ने बेटी शीना बार्डर मर्डर केस में दूसरी बार जमानत याचिका दायर की है। पुलिस ने काफी दिनों तक चली पूछताछ के बाद कुछ दिन पहले ही पीटर मुखर्जी को भी जेल भेज दिया था। ऐसा पहली बार हुआ है जब मामले में सहअभियुक्त बनाए गए पीटर मुखर्जी ने खुलकर अपनी पत्नी के खिलाफ जुबान खोली है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पीटर मुखर्जी के वकील कुशल मोर की ओर से पेश किए गए 32 पेज के दस्तावेज में कहा गया है कि यह सोचना बिल्कुल बकवास है कि पीटर की तरह एक उच्च शिक्षित और व्यवसायिक रूप से सृदुढ़ व्यक्ति जो अपने क्षेत्र में काफी सम्मान रखता हो वह एक ऐसी महिला के साथ मिलकर जिसका अतीत पहले से ही संदेहास्पद हो के साथ मिलकर एक ऐसी लड़की का कत्ल करेगा जिसे वह पहले से जानता न हो और न ही उसे कत्ल से कोई फायदा होने वाला हो।
पीटर की ओर से दायर की गई है जमानत याचिका
बता दें कि पीटर मुखर्जी को सीबीआई ने इंद्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय के साथ शीना बोरा की हत्या के मामले में आरोपी बनाया हुआ है। मामले में 31 मार्च को सुनवाई होनी है जिसमें सीबीआई अपना जवाब दाखिल करेगी। पिछले महीने ही कोर्ट ने पीटर मुखर्जी की पहली जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
पीटर की नई जमानत याचिका में बताया गया है कि उनका जन्म लंदन के एक ब्राहमण परिवार में हुआ था जिनके अभिभावक डॉक्टर थे।
इसमें बताया गया है कि पीटर को नहीं पता था कि शीना इंद्राणी की बेटी है, यह भी आरोप लगाया गया है कि इंद्राणी ने फर्जी तरीके से दिल्ली की एक प्रापर्टी को नाम कराने के लिए उनके फर्जी हस्ताक्षर किए थे।
इसमें यह भी बताया गया है कि इंद्राणी अच्छी तरह जानती थी उसके पति कभी अपनी संपति की वसीयत में शीना का नाम रखने के लिए तैयार नहीं होंगे क्योंकि न वह उनकी कोई रिश्तेदार थी और न जानने वाली।