नागरिकता कानून पर बवाल के बीच नेपाल बॉर्डर से भारत में घुसने का प्रयास कर रहे हैं इन देशों के लोग
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर देश में हो-हल्ला मचा है। विपक्षी दल इस मसले को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। इस बीच अवैध नागरिकों या घुसपैठ को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। नेपाल बॉर्डर के जरिए अवैध तरीके से दूसरे देशों के लोग भारत में घुसने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल की बजाए इस बार ये मामले दोगुणा हो गए हैं।
2018 में 28 लोग नेपाल सीमा के जरिए भारत में घुसने का प्रयास करते पकड़े गए थे। इनमें आतंकी, नकली नोटों का धंधा करने वाले एवं दूसरे संदिग्ध लोग शामिल हैं। इस साल 59 लोगों को पकड़ा गया है। इनमें ज्यादातर पाकिस्तानी और बांग्लादेशी हैं। चीन के चार नागरिक और अमेरिका के तीन नागरिक भी नेपाल बॉर्डर से भारत में घुसने का प्रयास करने वाले लोगों की सूची में शामिल हैं। सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक कुमार राजेश चंद्रा ने इस बात की पुष्टि की है।
मंगलवार को बल के 56 वें स्थापना दिवस के अवसर पर हुई बातचीत में कुमार राजेश चंद्रा ने कहा, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चूंकि भारत-नेपाल के बीच फ्रेंडली बॉर्डर हैं, इसलिए वहां हर जगह पर फेंसिंग नहीं की गई है। इस वजह से थर्ड पार्टी देशों के अवांछित तत्वों की घुसपैठ या दूसरी संदिग्ध गतिविधियों की संभावना बनी रहती है। इसके लिए कुछ जगहों पर लेजर फेंसिंग लगा रहे हैं। हालांकि अभी ये पायलट प्रोजेक्ट है, लेकिन इसके नतीजे ठीक मिले तो सीमा के दूसरे हिस्सों पर भी इसे लगाया जा सकता है।
ऐसे लोग नेपाल और भूटान का वीजा लेकर भारत में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं। वे जानते हैं कि नेपाल के जरिए भारत में प्रवेश संभव है। चूंकि अब फ्रेंडली बॉर्डर है तो वाहनों में बैठे हर व्यक्ति की जांच पड़ताल नहीं की जाती। इसी चक्कर में कई बार थर्ड पार्टी कंट्री के नागरिक भारत में घुसने का दुस्साहस करते हैं। भारत नेपाल सीमा पर एसएसबी ही इंटेलीजेंस जुटाने की लीड एजेंसी है, इसलिए ऐसी घटनाओं पर हम कहीं ज्यादा तेजी से नजर रख पा रहे हैं। वर्तमान में भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं पर 53 एसएसबी बटालियन तैनात हैं। भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं की सुरक्षा के अपने कर्तव्यों को पूरा करने, सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बीच सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देने और सीमावर्ती क्षेत्रो में अपराधों को रोकने के लिए सीमा पर 719 बीओपी (बॉर्डर आउट पोस्ट) स्थापित व परिचालित की गई हैं।
6100 तस्करों को किया गया गिरफ्तार
सीमाओं पर अपराध, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम एसएसबी का मुख्य कर्तव्य है। वर्ष 2019 के सन्दर्भ में यदि इन अपराधिक गतिविधियों के बारे में बात की जाए तो एसएसबी ने इस वर्ष भी सीमा पर होने वाले अपराधों, मादक पदार्थ, वन्यजीव तथा वन सम्पदा, जाली मुद्रा आदि की तस्करी के खिलाफ सफलतापूर्वक कार्रवाई करते हुए महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं हैI एसएसबी द्वारा इस वर्ष 6100 तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से लगभग 367 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध वस्तुएं जब्त की गईं हैं।
बिहार और झारखण्ड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गयी एसएसबी बटालियनो ने 937 एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में की गयी अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया। इस वर्ष एसएसबी ने हथियारों एवं गोला-बारूद की बड़ी मात्रा में बरामदगी की है, जिसमें उच्च तकनीक के हथियार जैसे एके-47 राइफल, 5.56 इनसास राइफल, 9 एमएम पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक और लाइव राउंड शामिल हैं। नक्सलियों के खिलाफ अभियान में एसएसबी ने 201 माओवादी/नक्सलियों/लिंकमैन, 07 एनडीएफबी कैडर, 04 पीएलएफआई कैडर व 50 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है।
नक्सलियों के खिलाफ हो रही निरंतर कार्रवाई के फलस्वरूप, कई बड़े नक्सलियों ने भी एसएसबी के सामने आत्मसमर्पण किया है। इस वर्ष एसएसबी ने नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में वांछित नक्सली सहदेव राय उर्फ ताला दा को झारखंड के दुमका में मार गिराया, जिसके उपर 10 लाख का ईनाम रखा गया था। बिहार के मुजफ्फरपुर में एसएसबी ने एक अन्य नक्सली रमेश पासवान को भी मार गिराया गया। वर्ष 2019 के दौरान, एसएसबी ने मानव तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चला कर 242 मामलों में 456 पीड़ितों को बचाया और 234 मानव तस्करो को गिरफ्तार किया।