फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   People are getting infected even after taking the vaccine confirmed in medical studies of ICMR and ILS

चिंता: टीका लेने के बाद भी लोग हो रहे संक्रमित, आईसीएमआर और आईएलएस  के चिकित्सीय अध्ययनों में पुष्टि

Wed, 25 Aug 2021 07:43 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 25 Aug 2021 07:43 AM IST
सार

  • भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और ओडिशा स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (आईएलएस) के चिकित्सीय अध्ययनों में पुष्टि हुई है कि डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन लेने वालों को भी संक्रमित कर सकता है लेकिन मौत की आशंका बेहद कम है

विज्ञापन
People are getting infected even after taking the vaccine confirmed in medical studies of ICMR and ILS
कोविशील्ड और कोवाक्सिन वैक्सीन - फोटो : For Reference Only

विस्तार

टीका लेने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसके लिए वायरस के डेल्टा वैरिएंट को जिम्मेदार माना जा रहा है। अब दो अलग-अलग अध्ययन सामने आए हैं जिनके अनुसार कोवाक्सिन में सभी, कोविशील्ड लेने के बाद संक्रमित हुए 80 फीसदी में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है।

विज्ञापन


भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और ओडिशा स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (आईएलएस) के चिकित्सीय अध्ययनों में पुष्टि हुई है कि डेल्टा वैरिएंट वैक्सीन लेने वालों को भी संक्रमित कर सकता है लेकिन मौत की आशंका बेहद कम है। अस्पताल में भर्ती होने की संभावना भी कम होती है। आईएलएस का अध्ययन मेडिकल जर्नल मेडरेक्सिव में प्रकाशित हुआ है।
विज्ञापन


अध्ययन में वैक्सीन लेने के बाद संक्रमित हुए 36 मरीजों के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई गई जिसमें से 29 में डेल्टा वैरिएंट मिला है। जबकि 12 फीसदी मरीजों में कप्पा व डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। वहीं जर्नल ऑफ इन्फेक्शन में प्रकाशित आईसीएमआर के अध्ययन में दोनों खुराक लेने के बाद संक्रमित हुए 134 में से 103 संक्रमित हुए हैं लेकिन इनमें 84 में डेल्टा वैरिएंट मिला है। वहीं 26 मरीजों के सैंपल में देरी होने के चलते सीक्वेंसिंग में निष्कर्ष नहीं निकल पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डेल्टा के अलावा भी एंटीबॉडी पर हमला कर रहे वैरिएंट
पुणे स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी की वैज्ञानिक डॉ. प्रज्ञा यादव ने कहा, दोनों खुराक लेने के बाद डेल्टा वैरिएंट से सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं लेकिन सच यह भी है कि संक्रमित होने के बाद घर में ही ठीक हो जा रहे हैं। डेल्टा के अलावा और भी वैरिएंट हैं जो एंटीबॉडी पर हमला कर रहे हैं, उनमें कप्पा व डेल्टा प्लस मुख्य भूमिका में हैं।

दोनों खुराक लेने के बाद कोई मौत नहीं...आईसीएमआर के अनुसार दोनों खुराक लेने के बाद देश में किसी भी मरीज की संक्रमण से मौत होने की जानकारी नहीं मिली है। हालांकि टीके की पहली खुराक लेने के बाद संक्रमित होने में मृत्युदर 1.13 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं वैक्सीन न लेने वालों में यह चार फीसदी के आसपास है।


वैक्सीन लेने के बाद लक्षण पर न हों चितिंत
वैज्ञानिकों का कहना है कि टीकाकरण पूरा होने पर संक्रमण के लक्षण दो सप्ताह बाद दिखाई भी दें तो भी चिंता की बात तब तक नहीं है, जब तक तकलीफ नियंत्रण से बाहर न हो। अध्ययन के मुताबिक 88 फीसदी लोगों में टीकाकरण के बाद संक्रमण होने पर लक्षण दिखाई देने लगते हैं लेकिन इनमें से एक फीसदी को भी अस्पताल में दाखिल कराने की जरूरत नहीं पड़ी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed