फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pentium chip inventor, USB creator among Padma awardees, Osamu Suzuki awarded Padma Vibhushan posth. updates

Padma Awards: दो अमेरिकी वैज्ञानिकों विनोद धाम और अजय भट्ट को पद्म सम्मान; दिवंगत ओसामु सुजुकी को पद्म विभूषण

Sat, 25 Jan 2025 11:32 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 25 Jan 2025 11:32 PM IST
सार

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कार 2025 के विजेताओं के नामों का एलान किया है। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों - पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण में प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार कई विषयों जैसे कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा और साहित्य आदि में दिए जाते हैं।

विज्ञापन
Pentium chip inventor, USB creator among Padma awardees, Osamu Suzuki awarded Padma Vibhushan posth. updates
पद्म पुरस्कार 2025 की घोषणा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय-अमेरिकी इंजीनियर विनोद धाम, जिन्हें 'पेंटियम चिप के जनक' के रूप में जाना जाता है, प्रसिद्ध मलेरिया शोधकर्ता चेतन चितनीस, प्रमुख रासायनिक इंजीनियर और भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा जैसे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को इस साल के पद्म पुरस्कारों में सम्मानित किया गया है।
विज्ञापन


साल 2025 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा
विनोद धाम, जो एक आविष्कारक और उद्यमी हैं, को पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया है, जबकि चेतन चितनीस और आशुतोष शर्मा को पद्म श्री मिलेगा। वहीं प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ और यूनिवर्सल सर्विस बस (यूएसबी) और एक्सेलेरेटेड ग्राफिक्स पोर्ट (एजीपी) के निर्माता अजय वी भट्ट को भी पद्म श्री पुरस्कार मिलेगा। भौतिक विज्ञानी एमडी श्रीनिवास, कृषि वैज्ञानिक सुरिंदर कुमार वासल और अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान संस्थान के निदेशक सेठुरामन पंचानाथन भी पद्म श्री पुरस्कार प्राप्त करेंगे। इंजीनियर से प्रशासक बने पवन कुमार गोयनका, भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रचार और स्वीकृति केंद्र के अध्यक्ष और महिंद्रा एंड महिंद्रा के पूर्व प्रबंध निदेशक को भी पद्म श्री मिलेगा।
विज्ञापन

 

Pentium chip inventor, USB creator among Padma awardees, Osamu Suzuki awarded Padma Vibhushan posth. updates
बिबेक देबरॉय को मरणोपरांत पद्म भूषण पुरस्कार - फोटो : PTI
डॉ. बिबेक देबरॉय को मरणोपरांत पद्म भूषण पुरस्कार

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. बिबेक देबरॉय को मरणोपरांत पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एक नवंबर 2024 को उनका निधन हुआ था। वह 2017 से प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष थे। बिबेक देबरॉय ने देश के नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। वह वित्त मंत्रालय की 'अमृत काल के लिए बुनियादी वर्गीकरण और वित्तपोषण ढांचे की विशेषज्ञ समिति' के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने खेल, आर्थिक, सामाजिक असमानताएं, गरीबी, कानून सुधार और रेलवे सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अर्थशास्त्र के साथ ही वे इतिहास, संस्कृति, राजनीति और अध्यात्म के भी ज्ञाता थे। देबरॉय को उनके कार्यों और विचारों के लिए याद किया जाता है। 2015 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 2016 में उन्हें यूएस-इंडिया बिजनेस समिट की तरफ से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और 2022 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स (एआईसीसी) की तरफ से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया था।

Pentium chip inventor, USB creator among Padma awardees, Osamu Suzuki awarded Padma Vibhushan posth. updates
ओसामु सुजुकी को मरणोपरांत पद्म विभूषण - फोटो : ANI
ओसामु सुजुकी को मरणोपरांत पद्म विभूषण
जापान के दिवंगत उद्योगपति ओसामु सुजुकी, जो सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रमुख थे, को भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म विभूषण से मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। ओसामु सुजुकी, जिन्होंने भारत में एक सफल ऑटोमोबाइल कंपनी बनाने में विश्वास किया, जबकि उस समय कोई भी ऐसा मानने के लिए तैयार नहीं था, को 'व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में विशिष्ट और असाधारण सेवा' के लिए पद्म विभूषण दिया गया है। उनका पिछले साल 94 वर्ष की आयु में निधन हो गए थे।

1981 में, ओसामु सुजुकी ने उस समय भारतीय सरकार के साथ साझेदारी करने का जोखिम उठाया और मारुति उद्योग लिमिटेड का गठन किया, जब भारत अभी भी लाइसेंस शासन के तहत बंद अर्थव्यवस्था था। उन्हें देश में ऑटोमोबाइल उद्योग को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। मारुति उद्योग लिमिटेड बाद में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड बन गई, जब सरकार ने 2007 में अपनी हिस्सेदारी समाप्त की और सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने बहुमत हिस्सेदारी रखी। ओसामू सुजुकी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के निदेशक और मानद अध्यक्ष थे।

भारत को अपना दूसरा घर मानते थे ओसामु सुजुकी
ओसामु सुजुकी को भारत को अपने दूसरे घर के रूप में मानते थे, और उनकी दूरदृष्टि और नेतृत्व मारुति उद्योग लिमिटेड के निर्माण में महत्वपूर्ण थे। उन्होंने कहा था कि भारत को पहियों पर लाने का सपना पूरा करने में उन्होंने 'कई भारतीय परिवारों को सस्ते, विश्वसनीय, कुशल और अच्छे गुणवत्ता वाले वाहन प्रदान करने' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ओसामु सुजुकी ने भारत के कई प्रधानमंत्रियों का विश्वास और समर्थन भी प्राप्त किया, जिनमें वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं, जिनसे उनकी गहरी समझ थी।

ओसामु सुजुकी का जीवन परिचय
ओसामु सुजुकी का जन्म 30 जनवरी, 1930 को हुआ था। उन्होंने चुओ विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया और अप्रैल 1958 में सुजुकी मोटर कंपनी में शामिल हुए। नवंबर 1963 में उन्हें निदेशक नियुक्त किया गया और दिसंबर 1967 में निदेशक और प्रबंध निदेशक बने। वह जून 2000 में सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष बने। जून 2021 में उन्हें वरिष्ठ सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया, जबकि उनके बड़े बेटे तोशिहिरो सुजुकी ने कंपनी की कमान संभाली।
विज्ञापन

व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में इन्हें पद्म पुरस्कार
इस साल के व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में अन्य पद्म पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में नल्ली साड़ी के कपड़ा व्यापारी नल्ली कुप्पुस्वामी चेत्ति (पद्म भूषण), जाइडस लाइफसाइंसेस के अध्यक्ष पंकज पटेल (पद्म भूषण), भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रचार और स्वीकृति केंद्र (आईएन-स्पेस) के अध्यक्ष पवन गोयनका (पद्म श्री), सेंटुरी प्लाईबोर्ड्स के अध्यक्ष सज्जन भजनका (पद्म श्री) और रेहवा सोसाइटी की सह-संस्थापक सैली होलकर (पद्म श्री) शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed