फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Pegasus Case: Opposition is continuously attacking govt, but center keeping silent like Rafale case

पेगासस जासूसी: विपक्ष लगातार कर रहा घेराबंदी, सरकार राफेल मामले की तरह साध रही चुप्पी

Fri, 30 Jul 2021 11:07 PM IST
सुरेंद्र जोशी शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 30 Jul 2021 11:07 PM IST
सार

शुक्रवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों के नेताओं ने बैठक कर इस मामले में आगे की रणनीति बनाई। जासूसी को लेकर दो सप्ताह से नहीं हो पाया सदन का सुचारू कामकाज।
 

विज्ञापन
Pegasus Case: Opposition is continuously attacking govt, but center keeping silent like Rafale case
पेगासस - फोटो : self

विस्तार

केंद्र सरकार संसद भवन में विपक्ष के साथ हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार रहती है, लेकिन जो मुद्दे उठाता है, उस पर कोई विशेष ध्यान नहीं देती। ताजा मामला पेगासस जासूसी प्रकरण का है। पिछले दो सप्ताह से विपक्ष ने लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक में करीब-करीब सभी दांव आजमा लिए। शुक्रवार का फिर विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के दफ्तर में बैठक की। इसमें सरकार को घेरने, उससे जवाब मांगने की अगली रणनीति पर चर्चा हुई। दूसरी तरफ केंद्र सरकार के मंत्रियों ने इस डेवलपमेंट को सुना और मुस्कुराकर आगे बढ़ गए।

विज्ञापन


केंद्र सरकार की रणनीति से यही लग रहा है कि विपक्ष को वह इस मुद्दे पर राजनीति करने या सरकार को दबाव में लाने का कोई अवसर नहीं देगी। केंद्रीय गृहमंत्री विपक्ष की इस मांग को लेकर पहले ही अपना बयान दे चुके हैं। उन्होंने विपक्ष द्वारा इस मुद्दे को उठाने की टाइमिंग पर ही बड़ा सवाल उठा दिया था। रवि शंकर प्रसाद के पास अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय नहीं है। वहीं नए मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जो जवाब दिया है, उससे विपक्ष संतुष्ट नहीं है।
विज्ञापन


क्या शुतुरमुर्ग जैसा रवैया छोड़ेगी सरकार : पी चिदंबरम
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम पेगासस जासूसी प्रकरण पर केंद्र सरकार को ट्वीट के जरिए लगातार घेर रहे हैं। चिदंबरम ने फ्रांस में पेगासस जासूसी प्रकरण को लेकर हुए खुलासे और इसे राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे से संदर्भित करते हुए प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। चिदंबरम ने सरकार से पूछा है कि क्या वह भारत में पेगासस स्पाइवेयर के दुरुपयोग पर संसद में पूर्ण चर्चा की विपक्ष की मांग पर शुतुरमुर्ग जैसा रवैया अपनाना छोड़ देगी? चर्चा के लिए मान जाएगी? कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने, उससे सवाल पूछने, सोशल मीडिया के जरिए हमला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

विपक्ष के नेताओं ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति

मल्लिकार्जुन खड़गे के चैंबर में हुई इस बैठक में विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने इस मुद्दे पर आगे की रणनीति के लिए विचार विमर्श किया। इस बैठक में खड़गे के अलावा राज्यसभा में विपक्ष के नेता आनंद शर्मा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, सुखेंदु शेखर राय (टीएमसी), संजय राउत (शिवसेना), वंदना चव्हाण (एनसीपी), तिरुचि शिवा, आरएस भारती (डीएमके), इलामाराम करीम (सीपीएम), विनय विश्वम (भाकपा), श्रेयांश कुमार (एलजेडी) लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, रंजन गगोई समेत अन्य रहे। 

सूत्र बताते हैं कि बैठक में केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर आगे घेरना जारी रखने पर निर्णय हुआ। विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक को लेकर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। सरकार से सवाल पूछना, मुद्दे उठाना, विरोध दर्ज कराना हमारा धर्म है। संसद चलने देने या चलाने की जिम्मेदारी केवल विपक्ष की नहीं है। यह सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वह चर्चा कराए, मुद्दे पर जवाब दे और इस तरह के जवाबदेह वातावरण का निर्माण करे। पी चिदंबरम कहते हैं कि केंद्र सरकार का चर्चा में यकीन ही नहीं है। वह मुद्दे से भागने और लोकतंत्र को कमजोर करने में भरोसा रखती है।

कांग्रेस का काम है, सरकार की राह में रोड़े अटकाना: प्रधानमंत्री

पेगासस स्पाइवेयर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हो चुकी है। दूसरी तरह विपक्ष ने भी सदन में हंगामा जारी रखा। वहीं इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विपक्ष को घेरने की कोशिश की है। पेगासस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार के कामकाज में रोड़े अटकाती रहती है। प्रधानमंत्री की इसी लाइन पर सत्ता पक्ष के मंत्री और सांसद भी विपक्ष को घेर रहे हैं। 

पेगासस स्पाइवेयर प्रकरण को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। फ्रांस की साइबर मामलों की एजेंसी ने भी पेगासस स्पाइवेयर से जासूसी के प्रकरण पर एक तरह से मुहर लगा दी है। फ्रांस में इस मुद्दे पर चल रही जांच पर भारतीय नीति निर्माताओं की भी नजर है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed