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पेगासस केस: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, इस्राइली सॉफ्टवेयर से जासूसी मामले में अब 25 फरवरी को पेशी

Tue, 22 Feb 2022 11:36 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 22 Feb 2022 11:36 AM IST
सार

शीर्ष कोर्ट ने मेहता के आग्रह को मंजूर करते हुए 25 फरवरी का वक्त तय किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी ने पिछले दिनों कहा था कि शिकायतकर्ता व आमजन उसे जांच के लिए अपने उपकरण यानी मोबाइल आदि सौंपें।

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Pegasus case: Hearing postponed in Supreme Court, in the case of spying from Israeli software, now on February 25
पेगासस जासूसी कांड - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित पेगासस जासूसी मामले की सुनवाई आज 25 फरवरी तक स्थगित कर दी। सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया कि वह 23 फरवरी को अन्य केस में व्यस्त रहेंगे, इसलिए सुनवाई आगे बढ़ा दी जाए। यह सुनवाई 23 बुधवार को होने वाली थी। 

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शीर्ष कोर्ट ने मेहता के आग्रह को मंजूर करते हुए 25 फरवरी का वक्त तय किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच लिए एक कमेटी बनाई है। कमेटी ने पिछले दिनों कहा था कि शिकायतकर्ता व आमजन उसे जांच के लिए अपने उपकरण यानी मोबाइल आदि सौंपें।
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इससे पहले पिछले साल 27 अक्तूबर को सुनवाई हुई थी। तब अदालत ने भारत में कुछ लोगों की जासूसी या निगरानी के लिए इस्राइली स्पाइवेयर के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों के तीन सदस्यीय पैनल के गठन का आदेश दिया था।  प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने मामले में 12 जनहित याचिकाओं को सूचीबद्ध किया है। इनमें एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार द्वारा दायर जनहित याचिकाएं शामिल हैं। 
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मामले की जांच के लिए गठित समिति में साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक, नेटवर्क और हार्डवेयर पर तीन विशेषज्ञ शामिल हैं। इन्हें पूछताछ करने, जांच करने और यह निर्धारित करने के लिए कहा गया था कि क्या पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल नागरिकों पर जासूसी करने के लिए किया गया था? इसकी जांच की निगरानी का जिम्मा शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश आर वी रवींद्रन को दिया गया था। पैनल के सदस्य नवीन कुमार चौधरी, प्रभरण पी और अश्विन अनिल गुमस्ते थे। 


न्यायमूर्ति रवींद्रन कर रहे अध्यक्षता 
निगरानी पैनल की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति रवींद्रन को तकनीकी पैनल की जांच की निगरानी में पूर्व आईपीएस अधिकारी आलोक जोशी और अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठन/अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रो-तकनीकी आयोग/संयुक्त तकनीकी समिति में उप समिति के अध्यक्ष संदीप ओबेरॉय द्वारा सहायता प्रदान की गई है। पीठ ने समिति से पूरी जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करने और इसे जल्द से जल्द अदालत के समक्ष पेश करने को कहा था। 

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