मानसून सत्र: तीसरे हफ्ते की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ी, सिर्फ 24 फीसदी ही हो सका काम
उच्च सदन में इस हफ्ते 24 फीसदी ही काम हो पाया है। सरकार की ओर से इस दौरान कुछ बिल पास कराए गए हैं। बता दें कि 19 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में 5 अगस्त तक 135 करोड़ से ज्यादा रुपये बर्बाद हो चुके है।
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मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन में विपक्ष पेगासस जासूसी कांड, महंगाई और कृषि कानूनों को लेकर हमलावर है। इस सत्र में एक दिन भी कार्यवाही ठीक से नहीं चली है। राज्यसभा में जारी हंगामे के बीच तीसरे हफ्ते की उत्पादकता 24 फीसद तक पहुंच गई है। पहले हफ्ते के मुकाबले करीब आठ फीसदी की कमी आई है। वहीं, दूसरे हफ्ते की अपेक्षा 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पहले हफ्ते की उत्पादकता 32.2 फीसद थी। दूसरे सप्ताह की उत्पादकता 13.7 फीसद तक हो गई थी, दूसरे हफ्ते में पेगासस मुद्दे को लेकर संसद में एक दिन भी कामकाज नहीं हो पाया। कुल मिलाकर उच्च सदन में इस हफ्ते 24 फीसदी ही काम हो सका है।
17 दलों के 68 सांसद चर्चा में हुए शामिल
जिन दलों के सांसदों ने कुछ समय के लिए विधेयकों पर चर्चा में हिस्सा लिया, उसमें अन्नाद्रमुक, आप, बीजद, भाजपा, कांग्रेस, भाकपा, सीपीएम, द्रमुक, जदयू, राकांपा, राजद, आरपीआई, शिवसेना, तेदेपा, तमिल मनीला कांग्रेस (मूपनार), टीआरएस, वाईएसआरसीपी के नेता शामिल हुए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, तीसरे हफ्ते में 17 दलों के 68 सांसद विधेयकों पर चर्चा के दौरान शामिल हुए, जिसमें 8 विधेयक पास हुए। हालांकि, ज्यादा वक्त हंगामे की भेंट चढ़ गया। 19 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में पांच अगस्त तक 133 करोड़ से ज्यादा रुपये बर्बाद हो चुके हैं।
Passing of 8 Bills in Rajya Sabha increases the productivity of the third week of monsoon session, to 24%. 68 members from 17 parties discussed 8 Bills during the week. 60 of 78 hours of the time of the House lost due to disruptions during the first 3 weeks: Official Sources
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 7, 2021