{"_id":"6731bee9bb9506ebe401f627","slug":"passenger-express-trains-will-speed-up-from-mathura-travelling-between-mp-rajasthan-mumbai-will-become-easier-2024-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Railways: अब मथुरा से रफ्तार भरेगी पैसेंजर-एक्सप्रेस ट्रेन; इस वजह से MP-राजस्थान, मुंबई का सफर होगा आसान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Railways: अब मथुरा से रफ्तार भरेगी पैसेंजर-एक्सप्रेस ट्रेन; इस वजह से MP-राजस्थान, मुंबई का सफर होगा आसान
Mon, 11 Nov 2024 02:07 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 11 Nov 2024 02:07 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
Train
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
भारतीय रेलवे लगातार ट्रेनों की स्पीड को बढ़ाने को लेकर काम कर रहा है। रेलवे कभी ट्रैक को अपग्रेड कर रहा है तो कभी नई लाइन बिछा रहा है, ताकि ट्रेनों की स्पीड बढ़ाए जा सके। इसी क्रम में रेलवे मथुरा-कोटा-नागदा रेल खंड पर मिशन रफ्तार के गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत 545 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर तेजी से काम कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का जनवरी 2025 तक पूरा होने का अनुमान है। इसके बाद इस रुट पर ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।
रेलवे के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का दिसंबर 2024 या जनवरी 2025 तक पूरा हो होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट से मथुरा से कोटा होते हुए नागदा तक का सफर सिर्फ 3 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। फिलहाल ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा है और इस दूरी को तय करने में 4 घंटे 20 मिनट का समय लगता है। अभी इस प्रोजेक्ट का करीब 91 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकि रेलवे लाइन पर मवेशियों को रोकने के लिए 96 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।
दरअसल, रेलवे का यह प्रोजेक्ट पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में मिशन रफ्तार के तहत चल रहा है। इसकी कमान डीआरएम कोटा और मुख्य परियोजना प्रबंधक गति शक्ति यूनिट के हाथों में है। नई दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर 'मिशन रफ्तार 160 किमी/घंटा प्रोजेक्ट' के तहत मंडल के नागदा से मथुरा खंड के बीच 545 किलोमीटर की दूरी पर तेजी से काम चल रहा है। कोटा मंडल में इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2024 या जनवरी 2025 से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। नागदा-मथुरा के बीच 'मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट' को तीन भागों में बांटा गया है। इनमें मथुरा-गंगापुर सिटी (152 किलोमीटर), गंगापुर सिटी-कोटा (172 किलोमीटर) और कोटा-नागदा (221 किलोमीटर) है। इनमें तीन विभाग इलेक्ट्रिकल, सिग्नल व दूरसंचार और इंजीनियरिंग इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सबसे ज्यादा फायदा दिल्ली से मुंबई, मध्य प्रदेश, गुजरात और दक्षिण भारत की तरफ जाने वाली ट्रेनों को होगा। क्योंकि दिल्ली से इन राज्यों के लिए पैसेंजर ट्रेनों के अलावा सुपरफास्ट ट्रेन और राजधानी ट्रेन नियमित तौर पर चलाई जाती है। ये सभी ट्रेन मथुरा, भरतपुर, सवाई माधोपुर, कोटा और रामगंज मंडी होते हुए नागदा पहुंचती है। राजस्थान के लिहाज से कोटा, भरतपुर और सवाई माधोपुर अहम स्टेशन है। जबकि मध्य प्रदेश से नागदा एक बड़ा जंक्शन है। नागदा से ही महज 45 किलोमीटर की दूरी पर रतलाम स्टेशन है। यह दोनों ही स्टेशन राज्य के सबसे अहम स्टेशनों में से है। राजधानी ट्रेनों के अलावा कई सुपरफास्ट ट्रेनों के स्टॉपेज इन दोनों राज्यों के इन स्टेशनों आते है। इस ट्रैक पर स्पीड बढ़ने के बाद यात्रियों सफर का समय कम हो सकेगा।
प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ाए जाने से यात्रा में साढ़े तीन घंटे की बचत होगी. साथ ही दिल्ली मुंबई के बीच यात्रा का समय 10 घंटे रह जाएगा। अपग्रेडेशन का काम पूरा होने के बाद आने वाले समय में इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाने की संभवाना है। फिलहाल इस रूट पर अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें चलती हैं। मालगाड़ी भी इस रूट पर 160 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेंगी।