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जरूरत पड़ी तो राज्यपाल के बिना आयोजित होगा कलकत्ता विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह: बंगाल के मंत्री
Tue, 14 Jan 2020 02:09 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 14 Jan 2020 02:09 PM IST
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Partha Chatterjee
- फोटो : Facebook
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पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कलकत्ता विश्वविद्यालय का आगामी दीक्षांत समारोह राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बिना भी आयोजित किया जा सकता है क्योंकि उन्होंने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए लगातार कई बयान दिए हैं।
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उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला विश्वविद्यालय ही लेगा क्योंकि यह एक स्वायत्त संस्था है। बता दें कि कलकत्ता विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 28 जनवरी को होना है।
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चटर्जी ने सोमवार शाम को एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा कि आमतौर पर सामान्य हालात में उच्च शिक्षा विभाग ने दीक्षांत समारोह जैसे कार्यक्रम में राज्यपाल को आमंत्रित नहीं करने के बारे में सोचा नहीं होता क्योंकि राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं।
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उन्होंने कहा कि लेकिन जिस तरह से वह लगातार विवादित बयान दे रहे हैं और राज्य के हर कदम पर अपने ट्वीट के जरिए निशाना साध रहे हैं, यह राज्यपाल के पद के अनुरूप नहीं है। इसलिए हो सकता है कि हमें ऐसा कदम (राज्यपाल को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित नहीं करने के बारे में) उठाना पड़े। उनसे पूछा गया था कि दीक्षांत समारोह में धनखड़ उपस्थित होंगे या नहीं।
सोमवार को धनखड़ ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में हालात पर चर्चा के लिए कुलपतियों और उच्च शिक्षा सचिव के साथ राज भवन में बैठक बुलाई थी। लेकिन यह बैठक हो नहीं सकी क्योंकि इसमें कुलपति और अन्य अधिकारी हिस्सा लेने ही नहीं आए।