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Parliamentary Panel: सीवर की सफाई में मारे गए 104 लोगों के परिवार को नहीं मिला मुआवजा, संसदीय समिति नाराज
Tue, 20 Dec 2022 08:46 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Dec 2022 08:46 AM IST
सार
2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीवर की सफाई करने वालों के पक्ष में एक फैसला दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 1993 के बाद से सीवर की सफाई के दौरान मरने वाले सभी व्यक्तियों के परिवारों को मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये दिए जाएं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संसद की एक स्थायी समिति की रिपोर्ट में सामने आया है कि सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मारे गए 104 लोगों के परिवार को केंद्र सरकार की ओर से अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। भाजपा सांसद रमा देवी की अध्यक्षता वाली सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर स्थायी समिति ने बीते 16 दिसंबर को इस मामले को लेकर लोकसभा में रिपोर्ट पेश की है।
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रिपोर्ट में केंद्र सरकार से मृतक व्यक्तियों के परिवारीजनों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की गई है। कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार 104 मामलों में मुआवजा देने में और देरी नहीं करती है, इसकी जानकारी देती है तो समिति को खुशी होगी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जारी हुआ था 10 लाख मुआवजा
दरअसल, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीवर की सफाई करने वालों के पक्ष में एक फैसला दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 1993 के बाद से सीवर की सफाई के दौरान मरने वाले सभी व्यक्तियों के परिवारों को मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये दिए जाएं। हालांकि, 2019 में दायर एक आरटीआई से पता चला कि 1993 से 2019 के बीच, सीवर की सफाई करने वाले श्रमिकों में से केवल 50% के परिवारों को ही मुआवजा मिला दिया गया है।
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मुआवजे की रकम की गई कम
इस मामले में लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित परिवारों को 10 लाख रपये के बजाय पांच लाख, चार लाख या दो लाख रुपये मुआवजा दिया गया है। संसदीय स्थायी समिति ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट में कहा था कि नीतिगत फैसलों को लागू करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। समिति ने मुआवजें में देरी को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की थी।