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Rajya Sabha: ‘निपाह-कोविड 19 जैसी महामारियों का जन्म गैर-मानवीय स्रोतों से हुआ’, राज्य सभा में बोले जेपी नड्डा

Tue, 30 Jul 2024 04:42 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Tue, 30 Jul 2024 04:42 PM IST
सार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य सभा में कहा कि निपाह और कोविड-19 जैसी महामारी गैर-मानवीय स्रोतों से उपजीं हैं। उन्होंने कहा कि ये बीमारियां जीव-जंतुओं के संपर्क में आने के बाद इंसानों के बीच फैलीं हैं।

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Parliament Updates Nipah virus outbreaks Covid-19 originated from non-human source says jp nadda
राज्यसभा में जेपी नड्डा - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य सभा में निपाह वायरस से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निपाह और कोविड-19 जैसी महामारी गैर-मानवीय स्रोत से उपजीं हैं। ये बीमारियां जीव-जंतुओं के संपर्क में आने के बाद इंसानों के बीच फैलीं हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी उभरती बीमारियों से निपटने के लिए मानव, जीव-जंतुओं और पर्यावरणीय स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। 

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राज्य सभा में जेपी नड्डा ने क्या कहा?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने बताया है कि बीते कुछ दशकों से कई महामारियों और संक्रामक रोगों की उत्पत्ति जीव-जंतुओं के संपर्क में आने से हुई है। इस वजह से स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी आपातकालीन स्थितियां सामने आईं हैं, जो वैश्विक स्तर पर चिंता का सबब बनीं हैं। जेपी नड्डा ने ऐसे संक्रामक रोगों और महामारियों के उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में बांग्लादेश और भारत में निपाह वायरस का प्रकोप फैला। इसके अलावा वर्ष 2002-03 में हांगकांग में सार्स (SARS), वर्ष 2005 में एच5एन1, 2009 में एच1एन1, 2012 में एमईआरएस (MERS), 2014 में जीका वायरस और 2019 में कोविड-19 महामारियां फैलीं। 
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‘इन महामारियों की उत्पत्ति गैर मानवीय स्रोत से हुई’
नड्डा ने कहा, ‘इन महामारियों की उत्पत्ति गैर मानवीय स्रोत से हुई है। जीव-जंतुओं के संपर्क में आने से इंसानों तक ये बीमारियां फैल गईं।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन बीमारियों से निपटने के लिए ‘एक स्वास्थ्य दृष्टिकोण’ (One Health approach) की महत्ता को समझना जरूरी है। आपको बता दें कि वर्ष 2022 के जुलाई महीने में प्रधानमंत्री के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सलाहकार परिषद (पीएम-एसटीआईएसी) ने ‘एक स्वास्थ्य मिशन’ की स्थापना की सिफारिश की थी। इसका उद्देश्य देश में सभी मौजूदा एक स्वास्थ्य गतिविधियों का एकीकरण करना था। इस तरह से, राष्ट्रीय एक स्वास्थ्य मिशन (एनओएचएम), अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों को ऐसी बीमारियों से लड़ने के लिए एक सामूहिक प्रयास है। 
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आधुनिक तकनीक से लैस एकीकृत निगरानी तंत्र पर जोर
जेपी नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि नई और अभरती हुई बीमारियों से निपटने के लिए एनओएचएम का मुख्य स्तंभ आधुनिक तकनीक से लैस एकीकृत निगरानी तंत्र है। एकीकृत निगरानी तंत्र की मदद से मानवों, जीव जंतुओं और वन्य जीवन पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि महामारियों पर शोध और अनुसंधान के लिए एनओएचएम को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) की तरफ से 386.86 करोड़ का बजट जारी किया गया है।

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