संसद डायरी: कनाडा के आरोपों पर केंद्र सरकार ने जानकारी; 10 साल में विदेशियों ने इतने भारतीय बच्चों को लिया गोद
Parliament Diary: केंद्र सरकार की तरफ से लोकसभा में तमाम सवालों के जवाब दिए गए हैं। इसमें केंद्र सरकार ने बताया कि कनाडा ने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत साझा नहीं किया है। वहीं ये भी जानकारी दी गई कि मालदीव के स्पीकर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ 10-14 फरवरी तक भारत का दौरा करेंगे।
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पिछले 10 वर्षों में लगभग 5,000 भारतीय बच्चों को विदेशियों ने गोद लिया है। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि सरकार को विदेशियों की ओर से गोद लिए गए बच्चों के अनुचित पालन-पोषण और शोषण की कोई शिकायत नहीं मिली है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 10 सालों में 4,963 बच्चों को विदेशियों ने गोद लिया है। सबसे अधिक बच्चे अमेरिका में 2,031 गोद लिए गए हैं, इसके बाद इटली में 1,029, स्पेन में 517, संयुक्त अरब अमीरात में 252 और माल्टा में 215 बच्चे गोद लिए गए हैं।
भारत ने शुक्रवार को कहा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ मालदीव के स्पीकर एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अगले साल 10-14 फरवरी तक देश का दौरा करेंगे। विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्घेरिटा ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाने के लिए 'पड़ोसी पहले' नीति के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, हमारे पड़ोसी देशों के साथ वर्षों से नियमित संसदीय आदान-प्रदान हो रहा है।
सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 21 अक्तूबर तक देश में 14,000 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (पीएमबीजेके) खोले जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया। उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) योजना के तहत 2,047 प्रकार की दवाओं और 300 सर्जिकल उपकरणों को इसके दायरे में लाया गया है, जिनमें हृदय, कैंसर रोधी, मधुमेह रोधी दवाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज या तो मुफ्त है या अत्यधिक सब्सिडी दी जाती है। प्रमुख एनसीडी का इलाज आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएमजेएवाई) के तहत भी उपलब्ध है। यह योजना पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है। नड्डा ने कहा कि केंद्र ने हाल ही में पीएमजेएवाई के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए उनकी आय की परवाह किए बिना स्वास्थ्य कवरेज को मंजूरी दे दी है। जेपी नड्डा ने कहा कि नवीनतम एबीपीएम-जेएवाई पैकेज 27 विशिष्टताओं में 1,961 प्रक्रियाओं से संबंधित कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है।
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राज्यसभा को एक लिखित जवाब में बताया कि इस साल नवंबर तक 593 इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (ईएमयू) और मेनलाइन मल्टीपल इलेक्ट्रिकल यूनिट (मेमू) कोचों का निर्माण किया गया। पर्याप्त कोचों की कथित कमी के कारण मेमू सेवाओं में व्यवधान के संबंध में कांग्रेस सांसद जेबी माथेर हिशाम के सवालों का जवाब देते हुए वैष्णव ने कहा, वर्तमान में, भारतीय रेलवे पर सभी उपलब्ध मेमू कोचों का उपयोग उनकी निर्धारित संरचना के अनुसार मेमू सेवाओं के संचालन के लिए किया जा रहा है।
हिशाम ने पूछा, क्या मेमू कोचों का उत्पादन बढ़ाया जाएगा, क्या लिंक-हॉफमैन-बुश (एलएचबी) कोचों और वंदे भारत कोचों के उत्पादन को मेमू कोचों की तुलना में अधिक प्राथमिकता दी गई है। इस पर मंत्री ने कहा कि एलएचबी, मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (एमईएमयू) और वंदे भारत सहित सभी प्रकार के कोचों के उत्पादन की योजना उत्पादन इकाइयों की उत्पादन क्षमता और आपूर्ति शृंखला की बाधाओं को ध्यान में रखते हुए यातायात आवश्यकताओं के अनुसार बनाई गई है।
किसी भी ट्रेन में पैंट्री कार लगाना उपलब्धता, वहन क्षमता और यात्रा समय जैसे कारकों पर आधारित होता है, सरकार ने राज्यसभा को सूचित किया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक लिखित उत्तर में ट्रेनों और स्टेशनों में भोजन की गुणवत्ता और कीमत से संबंधित सवालों का जवाब दिया। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के राज्यसभा सांसद हारिस बीरन ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और कीमत को बनाए रखने के लिए ट्रेनों में खानपान सेवाओं का नियमित निरीक्षण करने के साथ-साथ सरकार की पहल पर सवाल उठाए। साथ ही बिना पेंट्री कार या कैटरिंग सेवाओं के ट्रेनों के परिचालन पर भी सवाल पूछा था।
अनैतिक उद्देश्यों के लिए बौद्धिक संपदा (आईपी) वेबसाइट से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के दुरुपयोग के कुछ मामले सामने आए हैं, संसद को शुक्रवार को सूचित किया गया। राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि आईपी कानूनों में ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए विशिष्ट प्रावधानों का अभाव है, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 बेईमानी या धोखाधड़ी के इरादे से डाटा तक अनधिकृत पहुंच, परिवर्तन या क्षति को अपराध मानता है। भारतीय न्याय संहिता 2023 ऐसे मुद्दों के समाधान के लिए कड़े प्रावधान प्रदान करता है।
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री ने कहा, आईपी कार्यालय दो प्रकार के आवेदनों के संबंध में कार्यवाही करता है - प्रकाशित और अप्रकाशित। अप्रकाशित आईपी एप्लिकेशन गोपनीय रहते हैं और जनता के लिए पहुंच योग्य नहीं होते हैं क्योंकि उनका विवरण एक निर्दिष्ट अवधि के लिए गोपनीय रखा जाता है, जिसके बाद उन्हें प्रासंगिक आईपी वैधानिक प्रावधानों के अनुसार प्रकाशित किया जाता है।
सरकार ने देश भर के टियर 2 और टियर 3 शहरों में डाटा और एआई लैब स्थापित करने की योजना बनाई है और इसके लिए सभी 36 राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। शुक्रवार को संसद को इसकी जानकारी दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से अपेक्षित प्रस्तावों के अलावा, एनआईईएलआईटी के सहयोग से इंडिया एआई देश भर के टियर 2 और टियर 3 शहरों में 27 डाटा लैब स्थापित करने की भी योजना बना रहा है। सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) से डाटा लैब की स्थापना के लिए टियर 2 और टियर 3 शहरों में स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई)/पॉलिटेक्निक की अपनी नामांकित सूची जमा करने का अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त, इंडियाएआई के सहयोग से प्रसाद ने कहा, एनआईईएलआईटी की योजना देश भर के टियर 2 और टियर 3 शहरों में 27 डाटा लैब स्थापित करने की है। डाटा और एआई लैब इंडियाएआई मिशन के तहत सरकार की कौशल पहल का हिस्सा हैं।
संसद में शुक्रवार को पेश आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दशक में भारत में गैस और रासायनिक रिसाव दुर्घटनाओं की संख्या दोगुनी से अधिक होकर 30 हो गई है, 2023 में सबसे ज्यादा घटनाएं गुजरात में हुईं। रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि 2013 में ऐसी दुर्घटनाओं की संख्या केवल 13 थी। 2023 में 30 घटनाओं में से 24 गुजरात में दर्ज की गईं।
इसके बाद उत्तर प्रदेश में तीन मामले, असम में 2, और गोवा में 1 मामले सामने आए, जिसके परिणामस्वरूप 25 मौतें हुईं और 32 घायल हुए। यह 2013 की तुलना में एक महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है, जब देश भर में 13 घटनाएं दर्ज की गईं, जिसके परिणामस्वरूप 11 मौतें हुईं और एक घायल हुआ। मामले पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में फैले हुए थे, जिसमें तेलंगाना में छह घटनाएं दर्ज की गईं।
धर्मांतरण राज्यों का विषयः केंद्र
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि धर्मांतरण राज्यों का विषय है। धर्मांतरण से संबंधित कोई भी डेटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है। धर्मांतरण की घटनाओं में विदेशी नागरिकों के शामिल होने के सवाल पर कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस राज्य का विषय हैं। धर्मांतरण सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ा राज्यों का विषय है।
आयुष्मान योजना 33 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में लागू
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबीपीएमजेएवाई) के तहत इस साल 30 नवंबर तक 8.39 करोड़ अस्पतालों में 1.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की भर्तियों को अधिकृत किया गया है। लाखों लोगों को इस योजना का लाभ पहुंचा है। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली और ओडिशा को छोड़कर देश के 33 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में यह योजना चल रही है।
कमांडिंग अधिकारियों से जुड़ी शिकायतें मिलींः केंद्र
सरकार को सेना में वरिष्ठों, विशेषकर कमांडिंग अधिकारियों की ओर से अपने जूनियर अधिकारियों के साथ बल प्रयोग और उनके अपमान से जुड़े मामलों की जानकारी है। सरकार ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बर्ताव से जुड़े सवाल पर सकारात्मक जवाब दिया है। सरकार ने माना है कि 2023-24 अवधि के दौरान सेना में कमांडिंग अधिकारियों से जुड़ी कुछ शिकायतें प्रात्त हुई हैं। रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने बताया कि सशस्त्र बलों में शिकायत निवारण के साथ-साथ अपेक्षित अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एक सुस्थापित तंत्र मौजूद है।
सैनिकों से जुड़े अध्ययन की जानकारीः केंद्र
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि वह सैनिकों और उनके परिवारों को प्रभावित करने वाले 'तनाव कारकों' के बारे में पिछले साल किए गए अध्ययन से अवगत है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि 2023 में एक अध्ययन के तहत चिकित्सा विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं की एक टीम ने 12 सैन्य स्टेशनों का दौरा किया था। इस दौरान टीम ने मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों की पहचान करने के लिए अधिकारियों और अन्य लोगों से बातचीत की और कई अहम उपाय सुझाए।