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मानसून सत्र: राज्यसभा में पास हुआ बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल, 135 साल पुराना कानून बनेगा इतिहास
Mon, 10 Aug 2026 06:22 PM IST
राहुल कुमार
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 10 Aug 2026 06:22 PM IST
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निर्मला सीतारमण
- फोटो : amarujala.com
राज्यसभा में सोमवार को बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल ध्वनि मत से पारित हो गया है। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के सदस्य संसद से बाहर चले गए। इस कानून का मकसद 135 साल पुराने 'बैंकर्स बुक्स एविडेंस एक्ट, 1891' की जगह लेना और वित्तीय सबूतों से जुड़े कानूनी ढांचे को आज के डिजिटल बैंकिंग तौर-तरीकों के अनुरूप बनाना है।
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1891 का मूल कानून बना था- निर्मला सीतारमण
इस कानून की जरूरत बताते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि 1891 का मूल कानून तब बनाया गया था जब बैंकिंग रिकॉर्ड मुख्य रूप से फिजिकल रूप में रखे जाते थे। इसका मुख्य उद्देश्य कानूनी कार्यवाही में बैंक रिकॉर्ड की सर्टिफाइड कॉपी को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत देना था, ताकि बैंक अधिकारियों को कोर्ट में ओरिजिनल लेजर पेश करने की परेशानी न हो।
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डिजिटल बैंकिंग के तेजी से बढ़ने के साथ, अब रिकॉर्ड आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके बनाए और सुरक्षित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बिल "पूरी प्राइवेसी और सुरक्षा" सुनिश्चित करने के लिए पेश किया गया है। जब बिल पेश किया गया, तो विपक्ष के सदस्य नारे लगाते रहे।
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सदन में विपक्ष का हंगामा
उप-सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से कहा कि अगर वे बिल तक ही अपनी बात सीमित रखें, तो उन्हें 1952 के नियमों के तहत बोलने की इजाजत दी जाएगी। इसके बाद तीखी बहस हुई। खरगे ने अपनी आवाज ऊंची करते हुए "चंदा चोर..." कहा, लेकिन शोर-शराबे में उनकी बात दब गई।
इसके बाद उप-सभापति ने सदस्यों से विषय पर ही बात करने का अनुरोध किया और कई वक्ताओं को बोलने के लिए बुलाया, जिनमें मोहम्मद नदीमुल हक (एआईटीसी, पश्चिम बंगाल), अरुण सिंह (बीजेपी, उत्तर प्रदेश), मानस रंजन मंगराज (बीजेडी, ओडिशा), एस. निरंजन रेड्डी (वाईएसआरसीपी, आंध्र प्रदेश), राजेंद्र हीरालाल जैन (एनसीपी, महाराष्ट्र), भाष्यम रामा कृष्णा (टीडीपी, आंध्र प्रदेश), रवि चंद्र वद्दिराजू (वीआरएस, तेलंगाना), एल.के. सुधीश (डीएमडीके, तमिलनाडु), डॉ. एम. धनपाल (एआईएडीएमके, तमिलनाडु) और डॉ. ज्योति नागनाथ वाघमारे (शिव सेना, महाराष्ट्र) शामिल थे।
छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर गृह मंत्री अमित शाह जवाब दें: राहुल गांधीबिल पर बोलने वाले सदस्यों ने लंबे समय से लंबित इस तकनीकी अपडेट का स्वागत किया और नए कानून में डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के बारे में भी बात की।