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संसद ने ऐरा संशोधन विधेयक को दी मंजूरी, पुरी बोले- सरकार एयर इंडिया के निजीकरण के लिए प्रतिबद्ध

Sat, 03 Aug 2019 06:08 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Sat, 03 Aug 2019 06:08 AM IST
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Parliament passes bill on major airports, Hardeep Puri says committed to privatisation of Air India
Minister Hardeep Singh Puri - फोटो : ANI
संसद ने भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (ऐरा), संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ऐरा को पूर्व निर्धारित दरों पर नए हवाई अड्डों की बोली लगाने की इजाजत दी गई है। राज्यसभा ने विधेयक को पहले ही मंजूरी दे दी थी। शुक्रवार को लोकसभा ने भी इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया। अभी सालाना 15 लाख यात्री क्षमता वाले बड़े एयरपोर्ट ऐरा के दायरे में आते हैं।
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नए संशोधन के तहत अब 35 लाख यात्री क्षमता वाले हवाई अड्डे बड़े एयरपोर्ट कहलाएंगे। इस दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार एयर इंडिया के निजीकरण के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि इसका कर्ज पूरी तरह से अस्थिर हो गया है।
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संसद में विधेयक पर बहस के दौरान बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों, जिनका निजीकरण पहली यूपीए सरकार के दौरान किया गया था वह यातायात का 34 प्रतिशत हिस्सा है। जबकि छह हवाई अड्डे, जिनका निजीकरण मोदी सरकार के तहत किया गया है वह 6 प्रतिशत यातायात के लिए हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि इंडिगो का संचालन दिसंबर से शुरू हो जाएगा, जो कि आगरा, वाराणसी, भोपाल, लखनऊ और बंगलूरू को जोड़ेगा। 
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इधर, भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने शुक्रवार को कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के रूप में जेट एयरवेज जैसे बड़े खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद पहले लो-कॉस्ट कैरियर एयर डेक्कन ने परिचालन शुरू किया।


रूडी ने कहा कि भारतीय विमानपत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण अधिनियम में संशोधन के लिए एक बिल पर, एयर डेक्कन के संस्थापक जी आर गोपीनाथ को साल 2000 की शुरुआत में लो-कॉस्ट कैरियर को लेकर पागल कहा जा रहा था, लेकिन उनका मानना था कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र को ऐसे सुधारों की नितांत आवश्यकता थी। इस बार भी बिल में जरुरी सुधार किए गए। 
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