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संसद डायरीः 'पूर्व अग्निवीरों के लिए बना विशेष प्रकोष्ठ', गृह राज्य मंत्री नित्यानंद ने लोकसभा में दी जानकारी
Tue, 10 Feb 2026 11:37 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 10 Feb 2026 11:37 PM IST
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संसद डायरी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
सरकार ने लोकसभा को बताया कि गृह मंत्रालय ने सेवानिवृत्ति अग्निवीरों के लिए एक विशेष इकाई और प्रकोष्ठ की स्थापना की है। इससे उन्हें करिअर प्रगति और पुनर्वास के लिए समन्वय में मदद मिलेगी। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
यू- विन पोर्टल पर 14.8 करोड़ गर्भवती महिलाएं और बच्चे पंजीकृत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि तीन फरवरी तक टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल पर 11.05 करोड़ बच्चे और 3.75 करोड़ गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। प्रत्येक लाभार्थी यू-विन पोर्टल से क्यूआर कोड आधारित टीकाकरण प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नड्डा ने कहा कि 2025 में, 8.01 करोड़ लाभार्थियों ने यू-विन पर पंजीकरण कराया और उन्हें क्यूआर कोड आधारित प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए गए। इस दौरान लाभार्थियों को रिमाइंडर एसएमएस सहित कुल 29.42 करोड़ एसएमएस भेजे गए।
1.39 लाख उद्यमियों को पीएम-सूरज पोर्टल के जरिये दिया गया ऋण
केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष पीएम-सूरज पोर्टल के जरिये 1.39 लाख उद्यमियों को 1,389.61 करोड़ रुपये के ऋण दिया गया जबकि लक्ष्य एक लाख उद्यमियों को लाभ पहुंचाने का था। मंत्री ने एक लिखित उत्तर में कहा कि ये ऋण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) ने प्रदान किए गए।
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ड्रग्स तस्करी की निगरानी के लिए डार्क नेट और क्रिप्टो पर कार्यबल का गठन
सरकार ने डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर एक कार्य बल का गठन किया है, जो मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्म पर नजर रखती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने सीमा पार से होने वाली और अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य नारकोटिक्स रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, बहु-एजेंसी केंद्र के तहत कार्य बल का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी में सहायक प्लेटफार्म की निगरानी करना, तस्करी से संबंधित जानकारियों का एजेंसियों/एमएसी सदस्यों के बीच आदान-प्रदान करना है।
कोलकाता बंदरगाह के हिस्से को मिनी पाकिस्तान बताने पर हंगामा
भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में कोलकाता बंदरगाह की भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर के महापौर ने सार्वजनिक रूप से उस क्षेत्र (अतिक्रमित क्षेत्र) को मिनी पाकिस्तान बताया है। उनके इस बयान पर सदन में हंगामा होने लगा। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने स्वीकार किया कि कोलकाता बंदरगाह की भूमि का एक बड़ा हिस्सा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों के कब्जे में है। वह भूमि वापस लेने में बंदरगाह को कठिनाई हो रही है। टीएमसी ने उस क्षेत्र को मिनी पाकिस्तान कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा करते हुए गलियारे में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। अपने पूरक प्रश्न में भट्टाचार्य ने कहा कि कोलकाता बंदरगाह लगभग 4,000 एकड़ भूमि के साथ कोलकाता का सबसे बड़ा भूस्वामी है। इसकी लगभग 170 एकड़ की मुख्य भूमि पर अवैध कब्जा है।
बजट में ओडिशा की अनदेखी और बांग्लादेश को 60 करोड़ क्यों- सुलता देव
बीजद सदस्य सुलता देव ने बजट में ओडिशा की अनदेखी करने के लिए केंद्र की आलोचना की और बांग्लादेश के लिए आवंटित 60 करोड़ रुपये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, बजट में ओडिशा के लिए कुछ भी नहीं है, बल्कि राज्य पर कर्ज 18 महीनों में बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। देव ने कहा, आपने बजट में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये दिए हैं। क्यों? बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है और आप उन्हें पैसा दे रहे हैं। आपने 60 करोड़ रुपये क्यों दिए? यह सहानुभूति क्यों? वे हमारे प्रति सहानुभूति नहीं रखते... यह हमारे कर का पैसा है। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
पांच हजार छात्रों का भविष्य खतरे में- मालीवाल
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने पिछली राज्य सरकार के अधीन दिल्ली के स्कूलों का मुद्दा उठाया। मालीवाल ने कहा, 2020 में दिल्ली सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके एक सरकारी स्कूल बनवाया। यह चार मंजिला है। बड़ी इमारतें, बड़े-बड़े विज्ञापन, शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे लेकिन निर्माण सामग्री इतनी घटिया थी कि छत बच्चों पर गिरने लगी। 2024 में इस स्कूल को खतरनाक घोषित कर बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 5,000 बच्चों का भविष्य खतरे में है।
ऑनलाइन गेमिंग के पूरे तंत्र विनियमित करे सरकार- कार्तिकेय
राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने सरकार से ऑनलाइन गेमिंग के पूरे तंत्र को विनियमित करने की मांग की है। सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए शर्मा ने ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक खेल का दर्जा देने की भी मांग की, जिसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। शर्मा ने कहा, मैं एक ऐसे डिजिटल क्षेत्र पर बात करना चाहता हूं जो संभावनाओं से भरा होने के साथ-साथ खतरों से भी भरपूर है। मैं इलेक्ट्रॉनिक गेमिंग की दुनिया की बात कर रहा हूं, क्योंकि हम 2047 तक एक विकसित भारत के सपने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें ऑरेंज इकोनॉमी को पहचानना होगा। उन्होंने कहा, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह गेम डेवलपमेंट से लेकर स्ट्रीमिंग तक पूरे इकोसिस्टम को विनियमित करे और गेम ऑडिट अनिवार्य करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये डिजिटल स्पेस हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित हैं।
8.80 करोड़ में से 24.64 लाख आईटीआर तीन महीने से ज्यादा समय से लंबित- मंत्री
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल किए गए कुल 8.80 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) में से लगभग 24.64 लाख रिटर्न 90 दिनों से अधिक समय से प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी, 2026 तक कुल 8,79,62,234 रिटर्न दाखिल किए गए थे। मंत्री ने नज (एनयूडीजीई) अभियान की सफलता का भी जिक्र किया। इसके माध्यम से पिछले 2 वर्षों में 1.11 करोड़ संशोधित रिटर्न दाखिल हुए, जिससे 6,976.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स प्राप्त हुआ। इस अभियान का कुल राजस्व प्रभाव 8,810.59 करोड़ रुपये रहा। इसके तहत जोखिम विश्लेषण के आधार पर करदाताओं को उनके रिटर्न की समीक्षा करने के लिए संदेश भेजे जाते हैं।
एमबीबीएस में दाखिले के लिए आयुष स्नातकों को कोई केंद्रीय कोटा नहीं- सरकार
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी के माध्यम से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए आयुष स्नातकों के लिए केंद्रीय स्तर पर कोई विशिष्ट आरक्षण नीति नहीं है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष स्नातक, स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम (जीएमईआर) के मानदंडों के अनुसार नीट परीक्षा में बैठने के पात्र हैं, लेकिन उन्हें उनकी पिछली डिग्री के आधार पर कोई विशेष वरीयता नहीं दी जाती है। ऑल इंडिया कोटा सीटों पर काउंसलिंग केंद्र सरकार की मौजूदा आरक्षण नीतियों के अनुसार होती है। हालांकि, राज्य कोटा सीटों पर प्रवेश संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की नीतियों पर निर्भर करता है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि केरल सरकार ने राज्य कोटे के तहत एमबीबीएस कोर्स में आयुष उम्मीदवारों के लिए 11 सीटें आरक्षित की हैं।
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यू- विन पोर्टल पर 14.8 करोड़ गर्भवती महिलाएं और बच्चे पंजीकृत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि तीन फरवरी तक टीकाकरण के लिए यू-विन पोर्टल पर 11.05 करोड़ बच्चे और 3.75 करोड़ गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं। प्रत्येक लाभार्थी यू-विन पोर्टल से क्यूआर कोड आधारित टीकाकरण प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता है। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में नड्डा ने कहा कि 2025 में, 8.01 करोड़ लाभार्थियों ने यू-विन पर पंजीकरण कराया और उन्हें क्यूआर कोड आधारित प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए गए। इस दौरान लाभार्थियों को रिमाइंडर एसएमएस सहित कुल 29.42 करोड़ एसएमएस भेजे गए।
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1.39 लाख उद्यमियों को पीएम-सूरज पोर्टल के जरिये दिया गया ऋण
केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा को बताया कि चालू वित्त वर्ष पीएम-सूरज पोर्टल के जरिये 1.39 लाख उद्यमियों को 1,389.61 करोड़ रुपये के ऋण दिया गया जबकि लक्ष्य एक लाख उद्यमियों को लाभ पहुंचाने का था। मंत्री ने एक लिखित उत्तर में कहा कि ये ऋण राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) ने प्रदान किए गए।
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ड्रग्स तस्करी की निगरानी के लिए डार्क नेट और क्रिप्टो पर कार्यबल का गठन
सरकार ने डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर एक कार्य बल का गठन किया है, जो मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्म पर नजर रखती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने सीमा पार से होने वाली और अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य नारकोटिक्स रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, बहु-एजेंसी केंद्र के तहत कार्य बल का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी में सहायक प्लेटफार्म की निगरानी करना, तस्करी से संबंधित जानकारियों का एजेंसियों/एमएसी सदस्यों के बीच आदान-प्रदान करना है।
कोलकाता बंदरगाह के हिस्से को मिनी पाकिस्तान बताने पर हंगामा
भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में कोलकाता बंदरगाह की भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। कहा कि शहर के महापौर ने सार्वजनिक रूप से उस क्षेत्र (अतिक्रमित क्षेत्र) को मिनी पाकिस्तान बताया है। उनके इस बयान पर सदन में हंगामा होने लगा। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर ने स्वीकार किया कि कोलकाता बंदरगाह की भूमि का एक बड़ा हिस्सा सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े लोगों के कब्जे में है। वह भूमि वापस लेने में बंदरगाह को कठिनाई हो रही है। टीएमसी ने उस क्षेत्र को मिनी पाकिस्तान कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और सदन में हंगामा करते हुए गलियारे में खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। अपने पूरक प्रश्न में भट्टाचार्य ने कहा कि कोलकाता बंदरगाह लगभग 4,000 एकड़ भूमि के साथ कोलकाता का सबसे बड़ा भूस्वामी है। इसकी लगभग 170 एकड़ की मुख्य भूमि पर अवैध कब्जा है।
बजट में ओडिशा की अनदेखी और बांग्लादेश को 60 करोड़ क्यों- सुलता देव
बीजद सदस्य सुलता देव ने बजट में ओडिशा की अनदेखी करने के लिए केंद्र की आलोचना की और बांग्लादेश के लिए आवंटित 60 करोड़ रुपये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, बजट में ओडिशा के लिए कुछ भी नहीं है, बल्कि राज्य पर कर्ज 18 महीनों में बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। देव ने कहा, आपने बजट में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये दिए हैं। क्यों? बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार हो रहा है और आप उन्हें पैसा दे रहे हैं। आपने 60 करोड़ रुपये क्यों दिए? यह सहानुभूति क्यों? वे हमारे प्रति सहानुभूति नहीं रखते... यह हमारे कर का पैसा है। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता।
पांच हजार छात्रों का भविष्य खतरे में- मालीवाल
राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल ने पिछली राज्य सरकार के अधीन दिल्ली के स्कूलों का मुद्दा उठाया। मालीवाल ने कहा, 2020 में दिल्ली सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके एक सरकारी स्कूल बनवाया। यह चार मंजिला है। बड़ी इमारतें, बड़े-बड़े विज्ञापन, शिक्षा क्रांति के बड़े-बड़े दावे लेकिन निर्माण सामग्री इतनी घटिया थी कि छत बच्चों पर गिरने लगी। 2024 में इस स्कूल को खतरनाक घोषित कर बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि 5,000 बच्चों का भविष्य खतरे में है।
ऑनलाइन गेमिंग के पूरे तंत्र विनियमित करे सरकार- कार्तिकेय
राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने सरकार से ऑनलाइन गेमिंग के पूरे तंत्र को विनियमित करने की मांग की है। सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए शर्मा ने ई-स्पोर्ट्स को आधिकारिक खेल का दर्जा देने की भी मांग की, जिसे वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है। शर्मा ने कहा, मैं एक ऐसे डिजिटल क्षेत्र पर बात करना चाहता हूं जो संभावनाओं से भरा होने के साथ-साथ खतरों से भी भरपूर है। मैं इलेक्ट्रॉनिक गेमिंग की दुनिया की बात कर रहा हूं, क्योंकि हम 2047 तक एक विकसित भारत के सपने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें ऑरेंज इकोनॉमी को पहचानना होगा। उन्होंने कहा, मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह गेम डेवलपमेंट से लेकर स्ट्रीमिंग तक पूरे इकोसिस्टम को विनियमित करे और गेम ऑडिट अनिवार्य करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये डिजिटल स्पेस हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित हैं।
8.80 करोड़ में से 24.64 लाख आईटीआर तीन महीने से ज्यादा समय से लंबित- मंत्री
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल किए गए कुल 8.80 करोड़ आयकर रिटर्न (आईटीआर) में से लगभग 24.64 लाख रिटर्न 90 दिनों से अधिक समय से प्रोसेसिंग के लिए लंबित हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी, 2026 तक कुल 8,79,62,234 रिटर्न दाखिल किए गए थे। मंत्री ने नज (एनयूडीजीई) अभियान की सफलता का भी जिक्र किया। इसके माध्यम से पिछले 2 वर्षों में 1.11 करोड़ संशोधित रिटर्न दाखिल हुए, जिससे 6,976.50 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स प्राप्त हुआ। इस अभियान का कुल राजस्व प्रभाव 8,810.59 करोड़ रुपये रहा। इसके तहत जोखिम विश्लेषण के आधार पर करदाताओं को उनके रिटर्न की समीक्षा करने के लिए संदेश भेजे जाते हैं।
एमबीबीएस में दाखिले के लिए आयुष स्नातकों को कोई केंद्रीय कोटा नहीं- सरकार
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी के माध्यम से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए आयुष स्नातकों के लिए केंद्रीय स्तर पर कोई विशिष्ट आरक्षण नीति नहीं है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष स्नातक, स्नातक चिकित्सा शिक्षा विनियम (जीएमईआर) के मानदंडों के अनुसार नीट परीक्षा में बैठने के पात्र हैं, लेकिन उन्हें उनकी पिछली डिग्री के आधार पर कोई विशेष वरीयता नहीं दी जाती है। ऑल इंडिया कोटा सीटों पर काउंसलिंग केंद्र सरकार की मौजूदा आरक्षण नीतियों के अनुसार होती है। हालांकि, राज्य कोटा सीटों पर प्रवेश संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की नीतियों पर निर्भर करता है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि केरल सरकार ने राज्य कोटे के तहत एमबीबीएस कोर्स में आयुष उम्मीदवारों के लिए 11 सीटें आरक्षित की हैं।
देशभर के बैंकों में बिना दावे के पड़े हैं 72,454 करोड़ रुपये
देश के विभिन्न बैंकों में करीब 72,454 करोड़ रुपये की राशि दावा रहित पड़ी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि 28 जनवरी, 2026 तक यह राशि आरबीआई के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष (डीईए) में जमा की जा चुकी है। जिन बचत या चालू खातों में 10 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता, या सावधि जमा पर मैच्योरिटी के बाद 10 वर्ष तक दावा नहीं किया जाता, उन्हें लावारिस मान लिया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सबसे ज्यादा 60,571.02 करोड़ रुपये दावा रहित हैं। वहीं, निजी बैंकों में यह राशि 9,607.76 करोड़ और विदेशी बैंकों में 2,275.01 करोड़ रुपये है। ब्यूरो
विपक्षी गठबंधन में फूट पड़ी तो टूटा कांग्रेस का हठ, खत्म हुआ गतिरोध
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पहले बोलने देने की जिद पूरी हुए बिना ही कांग्रेस को आम बजट पर चर्चा के लिए राजी होना पड़ा। दरअसल, अपने इस रुख की वजह से कांग्रेस विपक्षी गठबंधन के अलग-थलग पड़ गई थी। सरकार ने भी इसे भांप लिया और मंगलवार को बिना शर्त गतिरोध खत्म करने पर अड़ गई। सहयोगियों के विपरीत रुख के कारण मजबूर कांग्रेस को भी आखिरकार झुकना पड़ा।
दरअसल, सोमवार और मंगलवार को हुई विपक्षी गठबंधन की बैठक में सपा, तृणमूल और वाम दल बजट सत्र पर चर्चा को जाया नहीं होने देने के पक्ष में थे। सपा और तृणमूल का कहना था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते समेत बजट की खामियों पर सरकार को घेरना चाहिए। इसके बाद मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान जहां तृणमूल के सदस्य कांग्रेस के साथ विरोध में शामिल नहीं हुए, वहीं सपा सांसद इकरा हसन ने कांग्रेस के रुख के उलट पूरक सवाल भी पूछे।
अविश्वास की चिंता...
बदली परिस्थितियों में कांग्रेस को अपने अविश्वास प्रस्ताव की चिंता हुई, क्योंकि तृणमूल इसके लिए भी तैयार नहीं थी। सहयोगियों के प्रतिकूल रुख के बाद कांग्रेस ने ध्यान नोटिस से एकजुटता दिखाने में लगाई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सपा समेत उन दलों से संपर्क साधा, जिनका रुख इस मामले में भी स्पष्ट नहीं था। हालांकि तृणमूल को छोड़ अन्य सहयोगी नोटिस पर हस्ताक्षर के लिए तैयार हो गए।
सरकार ने मौके को भुनाया...
विपक्ष में फूट को सरकार ने सही मौके पर भुनाया। पहले प्रश्नकाल के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला कि उसे छोड़ कर सभी विपक्षी सदन चलाना चाहते हैं। विपक्ष के साथ बैठक में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दो टूक कहा कि सदन चलाने के लिए सरकार एक भी शर्त नहीं मानेगी।
दूरबीन से भी नहीं दिख रहा फायदा- अखिलेश यादव
बजट पर चर्चा के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा बताए शून्य बड़ा है या 18। अखिलेश ने कहा, इस बजट ने लोगों पर बोझ डालने के अलावा कुछ नहीं किया। लोग दूरबीन लगाकर ढूंढ रहे कि उनके लिए क्या है। स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यूपी में तो और बुरे हाल हैं। अस्पतालों को खोलने की बात कर रहे हैं, लेकिन इलाज नहीं दे रहे। दिल्ली के एम्स के लिए 5600 करोड़ दिए और पूरे देश के आयुष्मान के लिए 4700 करोड़ दिए। बताएं किसको दोषी ठहराएं।
अखिलेश यादव ने कहा, सरकार किसानों के लिए काले कानून लाई, लेकिन उन्हें मजबूर होकर वापस लेना पड़ा। अब वे फिर यही कर रहे हैं। हमारे दूध के उत्पादक किसानों को एमएसपी कब देंगे। सरकार बताए कि धान और आलू की कीमत किसानों को क्यों नहीं मिल रही है। अमीरी बेतहाशा बढ़ रही है। मेक इन इंडिया का शेर जंग खा रहा है। सभी योजनाएं फेल हो रही हैं। आप बेरोजगारी नहीं खत्म कर पा रहे हैं।
कारसेवकों पर जिसने गोलियां चलवाईं- अखिलेश यादव
अखिलेश ने चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अरुण गोविल की ओर इशारा करते हुए कहा कि रामजी को सबसे पीछे बैठाया गया है। इस पर सत्ता पक्ष ने कहा, कार सेवकों पर गोली चलाने वाले यह बात कर रहे हैं। इस पर अखिलेश भड़क गए। कहा, जिन्होंने गोली चलवाई, वो राम मंदिर बनवा रहे हैं। उनका इशारा नृपेंद्र मिश्रा की ओर था, जो 1990 में मुलायम सरकार में सचिव थे। वर्तमान में मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन हैं।
व्यापार समझौते पर पिंग पोंग खेल रहे मंत्री- शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा शुरू करते हुए कहा कि बजट की असली कमजोरी इसके कार्यान्वयन में निहित है क्योंकि बयानबाजी वास्तविकता से मेल नहीं खाती। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए थरूर ने कहा कि पिछले बजट में 53 कल्याणकारी योजनाओं के लिए पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान था, पर पहले नौ महीनों में केवल 41% ही खर्च किया गया।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के मुद्दे पर थरूर ने केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर और पीयूष गोयल पर भी निशाना साधा और पिंग पोंग खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जब दोनों मंत्री कहते हैं कि जवाब देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और एक-दूसरे पर जवाब ठेल देते हैं तो यह बेहद निराशाजनक प्रतीत होता है।
रॉबिन हुड मॉडल को उल्टा लागू कर रही सरकार- अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, सरकार रॉबिन हुड मॉडल को उल्टा लागू कर रही है। गरीबों से टैक्स और महंगाई के जरिये पैसा लिया जा रहा है, जबकि अमीरों को रियायतें दी जा रही हैं। सात वर्षों में प. बंगाल ने 6.5 लाख करोड़ टैक्स के रूप में दिए, पर उसे 1.90 लाख करोड़ रुपये का बकाया नहीं मिला।
जहां से सस्ता और बेहतर तेल मिलेगा, वहीं से खरीदेगा भारत- विदेश मामलों की संसदीय समिति
सरकार ने मंगलवार को विदेश मामलों की संसदीय समिति को बताया कि भारत आगे भी उन्हीं देशों से कच्चा तेल आयात करेगा, जहां वह सस्ता और बेहतर गुणवत्ता वाला होगा। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय तेल कंपनियां भू-राजनीतिक हालात और गैर-प्रतिबंधित स्रोतों को ध्यान में रखते हुए तेल की खरीद करेंगी। यह जानकारी विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संसदीय स्थायी समिति (विदेश मामलों) को दी, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक तीन घंटे से अधिक चली, जिसमें 30 में से 28 सदस्य शामिल हुए। बैठक के बाद शशि थरूर ने इसे बेहद प्रभावी बताते हुए कहा कि अधिकारियों ने सदस्यों के सभी सवालों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि बैठक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते पर केंद्रित रही। रूसी तेल और कृषि उत्पादों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सरकारी पक्ष की ओर से बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने समिति को बताया कि भारत अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहा है और इसके ब्योरे के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।
ड्रग्स तस्करी रोकने और निगरानी के लिए डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर कार्य बल का गठन
सरकार ने डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर एक कार्य बल का गठन किया है, जो मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्म पर नजर रखती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने सीमा पार से होने वाली और अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य नारकोटिक्स रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, बहु-एजेंसी केंद्र के तहत कार्य बल का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी में सहायक प्लेटफार्म की निगरानी करना, तस्करी से संबंधित जानकारियों का एजेंसियों/एमएसी सदस्यों के बीच आदान-प्रदान करना है।
देश के विभिन्न बैंकों में करीब 72,454 करोड़ रुपये की राशि दावा रहित पड़ी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि 28 जनवरी, 2026 तक यह राशि आरबीआई के जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता कोष (डीईए) में जमा की जा चुकी है। जिन बचत या चालू खातों में 10 साल तक कोई लेनदेन नहीं होता, या सावधि जमा पर मैच्योरिटी के बाद 10 वर्ष तक दावा नहीं किया जाता, उन्हें लावारिस मान लिया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सबसे ज्यादा 60,571.02 करोड़ रुपये दावा रहित हैं। वहीं, निजी बैंकों में यह राशि 9,607.76 करोड़ और विदेशी बैंकों में 2,275.01 करोड़ रुपये है। ब्यूरो
विपक्षी गठबंधन में फूट पड़ी तो टूटा कांग्रेस का हठ, खत्म हुआ गतिरोध
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पहले बोलने देने की जिद पूरी हुए बिना ही कांग्रेस को आम बजट पर चर्चा के लिए राजी होना पड़ा। दरअसल, अपने इस रुख की वजह से कांग्रेस विपक्षी गठबंधन के अलग-थलग पड़ गई थी। सरकार ने भी इसे भांप लिया और मंगलवार को बिना शर्त गतिरोध खत्म करने पर अड़ गई। सहयोगियों के विपरीत रुख के कारण मजबूर कांग्रेस को भी आखिरकार झुकना पड़ा।
दरअसल, सोमवार और मंगलवार को हुई विपक्षी गठबंधन की बैठक में सपा, तृणमूल और वाम दल बजट सत्र पर चर्चा को जाया नहीं होने देने के पक्ष में थे। सपा और तृणमूल का कहना था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते समेत बजट की खामियों पर सरकार को घेरना चाहिए। इसके बाद मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान जहां तृणमूल के सदस्य कांग्रेस के साथ विरोध में शामिल नहीं हुए, वहीं सपा सांसद इकरा हसन ने कांग्रेस के रुख के उलट पूरक सवाल भी पूछे।
अविश्वास की चिंता...
बदली परिस्थितियों में कांग्रेस को अपने अविश्वास प्रस्ताव की चिंता हुई, क्योंकि तृणमूल इसके लिए भी तैयार नहीं थी। सहयोगियों के प्रतिकूल रुख के बाद कांग्रेस ने ध्यान नोटिस से एकजुटता दिखाने में लगाई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सपा समेत उन दलों से संपर्क साधा, जिनका रुख इस मामले में भी स्पष्ट नहीं था। हालांकि तृणमूल को छोड़ अन्य सहयोगी नोटिस पर हस्ताक्षर के लिए तैयार हो गए।
सरकार ने मौके को भुनाया...
विपक्ष में फूट को सरकार ने सही मौके पर भुनाया। पहले प्रश्नकाल के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला कि उसे छोड़ कर सभी विपक्षी सदन चलाना चाहते हैं। विपक्ष के साथ बैठक में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दो टूक कहा कि सदन चलाने के लिए सरकार एक भी शर्त नहीं मानेगी।
दूरबीन से भी नहीं दिख रहा फायदा- अखिलेश यादव
बजट पर चर्चा के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा बताए शून्य बड़ा है या 18। अखिलेश ने कहा, इस बजट ने लोगों पर बोझ डालने के अलावा कुछ नहीं किया। लोग दूरबीन लगाकर ढूंढ रहे कि उनके लिए क्या है। स्वास्थ्य को लेकर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यूपी में तो और बुरे हाल हैं। अस्पतालों को खोलने की बात कर रहे हैं, लेकिन इलाज नहीं दे रहे। दिल्ली के एम्स के लिए 5600 करोड़ दिए और पूरे देश के आयुष्मान के लिए 4700 करोड़ दिए। बताएं किसको दोषी ठहराएं।
अखिलेश यादव ने कहा, सरकार किसानों के लिए काले कानून लाई, लेकिन उन्हें मजबूर होकर वापस लेना पड़ा। अब वे फिर यही कर रहे हैं। हमारे दूध के उत्पादक किसानों को एमएसपी कब देंगे। सरकार बताए कि धान और आलू की कीमत किसानों को क्यों नहीं मिल रही है। अमीरी बेतहाशा बढ़ रही है। मेक इन इंडिया का शेर जंग खा रहा है। सभी योजनाएं फेल हो रही हैं। आप बेरोजगारी नहीं खत्म कर पा रहे हैं।
कारसेवकों पर जिसने गोलियां चलवाईं- अखिलेश यादव
अखिलेश ने चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अरुण गोविल की ओर इशारा करते हुए कहा कि रामजी को सबसे पीछे बैठाया गया है। इस पर सत्ता पक्ष ने कहा, कार सेवकों पर गोली चलाने वाले यह बात कर रहे हैं। इस पर अखिलेश भड़क गए। कहा, जिन्होंने गोली चलवाई, वो राम मंदिर बनवा रहे हैं। उनका इशारा नृपेंद्र मिश्रा की ओर था, जो 1990 में मुलायम सरकार में सचिव थे। वर्तमान में मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन हैं।
व्यापार समझौते पर पिंग पोंग खेल रहे मंत्री- शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बजट पर चर्चा शुरू करते हुए कहा कि बजट की असली कमजोरी इसके कार्यान्वयन में निहित है क्योंकि बयानबाजी वास्तविकता से मेल नहीं खाती। एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए थरूर ने कहा कि पिछले बजट में 53 कल्याणकारी योजनाओं के लिए पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान था, पर पहले नौ महीनों में केवल 41% ही खर्च किया गया।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के मुद्दे पर थरूर ने केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर और पीयूष गोयल पर भी निशाना साधा और पिंग पोंग खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, जब दोनों मंत्री कहते हैं कि जवाब देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और एक-दूसरे पर जवाब ठेल देते हैं तो यह बेहद निराशाजनक प्रतीत होता है।
रॉबिन हुड मॉडल को उल्टा लागू कर रही सरकार- अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, सरकार रॉबिन हुड मॉडल को उल्टा लागू कर रही है। गरीबों से टैक्स और महंगाई के जरिये पैसा लिया जा रहा है, जबकि अमीरों को रियायतें दी जा रही हैं। सात वर्षों में प. बंगाल ने 6.5 लाख करोड़ टैक्स के रूप में दिए, पर उसे 1.90 लाख करोड़ रुपये का बकाया नहीं मिला।
जहां से सस्ता और बेहतर तेल मिलेगा, वहीं से खरीदेगा भारत- विदेश मामलों की संसदीय समिति
सरकार ने मंगलवार को विदेश मामलों की संसदीय समिति को बताया कि भारत आगे भी उन्हीं देशों से कच्चा तेल आयात करेगा, जहां वह सस्ता और बेहतर गुणवत्ता वाला होगा। अधिकारियों ने कहा कि भारतीय तेल कंपनियां भू-राजनीतिक हालात और गैर-प्रतिबंधित स्रोतों को ध्यान में रखते हुए तेल की खरीद करेंगी। यह जानकारी विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संसदीय स्थायी समिति (विदेश मामलों) को दी, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक तीन घंटे से अधिक चली, जिसमें 30 में से 28 सदस्य शामिल हुए। बैठक के बाद शशि थरूर ने इसे बेहद प्रभावी बताते हुए कहा कि अधिकारियों ने सदस्यों के सभी सवालों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि बैठक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते पर केंद्रित रही। रूसी तेल और कृषि उत्पादों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सरकारी पक्ष की ओर से बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने समिति को बताया कि भारत अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहा है और इसके ब्योरे के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।
ड्रग्स तस्करी रोकने और निगरानी के लिए डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर कार्य बल का गठन
सरकार ने डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी पर एक कार्य बल का गठन किया है, जो मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले विभिन्न प्लेटफार्म पर नजर रखती है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने सीमा पार से होने वाली और अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी), राज्य नारकोटिक्स रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) और सीमा की सुरक्षा करने वाले बलों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, बहु-एजेंसी केंद्र के तहत कार्य बल का गठन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों की तस्करी में सहायक प्लेटफार्म की निगरानी करना, तस्करी से संबंधित जानकारियों का एजेंसियों/एमएसी सदस्यों के बीच आदान-प्रदान करना है।