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Parliament : 76 कानूनों को निरस्त करने वाले विधेयक को संसद की मंजूरी; थरूर ने की डाकघर विधेयक 2023 की आलोचना

Wed, 13 Dec 2023 06:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Wed, 13 Dec 2023 06:59 PM IST
सार

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल में रद्द किए जाने वाले कानूनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने 1,486 निष्क्रिय कानूनों को निरस्त कर दिया है।

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Parliament clears bill to repeal 76 outdated and obsolete laws, Shashi Tharoor slams Post Office Bill
शीतकालीन सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही - फोटो : social media

विस्तार

संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन निरसन और संशोधन विधेयक, 2023 को राज्यसभा में डेस्क थपथपाकर पारित कर दिया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक पर बोलते हुए कहा कि यह कदम जीवन और व्यापार करने में आसानी में सुधार के उसके निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। बता दें कि इस विधेयक में 76 निरर्थक और अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने के लिए प्रावधान किया गया है। वहीं इस दौरान, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 125 साल पुराने भारतीय डाकघर अधिनियम को निरस्त करने वाले डाकघर विधेयक, 2023 की आलोचना की।

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बता दें कि बीते साल दिसंबर में सरकार ने 65 पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए निरसन और संशोधन विधेयक पेश किया था। हालांकि तब इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। बाद में सरकार ने इसमें 11 और कानून जोड़ने के लिए संसोधन पेश किया। जिसके बाद खत्म किए जाने वाले कुल कानूनों की संख्या 76 हो गई थी। वहीं, लोकसभा ने इस साल 27 जुलाई को इस कानून को मंजूरी दे दी थी।
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विधेयक में क्या-क्या? 
इस विधेयक में भूमि अधिग्रहण (खान) अधिनियम, 1885 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्ज़ा) अधिनियम, 1950 जैसे पुराने कानूनों को निरस्त करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, इसमें हाल के दिनों में संसद द्वारा पारित कुछ विनियोग अधिनियमों को निरस्त करने का भी प्रावधान है।

2014 से मोदी सरकार के कार्यकाल में निरस्त किए गए 1486 कानून
इस विधेयक पर बहस के दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल में रद्द किए जाने वाले कानूनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने 1,486 निष्क्रिय कानूनों को निरस्त कर दिया है। इसका उद्देश्य जीवन में सुधार लाना है। कानून मंत्री ने यह भी बताया था कि 76 और कानून जुड़ने के साथ अब ऐसे कानूनों की कुल संख्या 1,562 हो गई है।

Parliament clears bill to repeal 76 outdated and obsolete laws, Shashi Tharoor slams Post Office Bill
शशि थरूर - फोटो : Social Media

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने की डाकघर विधेयक की आलोचना
वहीं, बुधवार को 125 साल पुराने भारतीय डाकघर अधिनियम को निरस्त करने वाले डाकघर विधेयक, 2023 पर भी लोकसभा में चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसकी आलोचना की। उन्होंने डाकघर विधेयक पर 'गंभीर चिंता' जताते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक में आधा-अधूरा सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के मौलिक अधिकारों के लिए कहीं अधिक हानिकारक है। 

शशि थरूर ने इस विधेयक को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में यह अक्सर देखा गया है कि हमारे दिमागों को उपनिवेश मुक्त करने की आड़ में सरकार ऐसे कानून ला रही है जो मनमाने और अनुचित है। 

क्या है विधेयक में
बता दें कि इस विधेयक का उद्देश्य देश में डाकघरों से संबंधित कानून में संशोधन करना है। यह विधेयक संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में पेश किया गया था। विधेयक का मकसद देश की डाक सेवाओं के महानिदेशक को बड़े अधिकार देने हैं। अब भारतीय डाक के महानिदेशकों के पास नियम बनाने के साथ-साथ सेवाओं के लिए शुल्क तय करने का अधिकार भी होगा। प्रस्तावित कानून के अनुसार नियमों और कानूनों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर सकेगी।

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