फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament, Budget session ended 15 meetings in both houses no work even for five hours

Budget session: हंगामे के बीच ही खत्म हुआ बजट सत्र, दोनों सदनों में 15 बैठकें, पांच घंटे भी काम नहीं

Fri, 07 Apr 2023 05:41 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 07 Apr 2023 05:41 AM IST
सार

बजट सत्र के दूसरे चरण ने संसदीय लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की है। कुल 15 बैठकों में दोनों सदनों में पांच घंटे भी कार्यवाही नहीं चल पाई। वित्त विधेयक, जम्मू-कश्मीर वित्त विधेयक समेत कई विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित कराए गए।

विज्ञापन
Parliament, Budget session ended 15 meetings in both houses no work even for five hours
संसद - फोटो : ANI

विस्तार

बजट सत्र के दूसरे चरण के आखिरी दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में अदाणी बनाम राहुल गांधी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। इसके चलते बृहस्पतिवार को दोनों सदनों की कार्यवाही कई स्थगन के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

विज्ञापन


बजट सत्र के दूसरे चरण ने संसदीय लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश की है। कुल 15 बैठकों में दोनों सदनों में पांच घंटे भी कार्यवाही नहीं चल पाई। वित्त विधेयक, जम्मू-कश्मीर वित्त विधेयक समेत कई विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित कराए गए। दूसरे चरण की सभी बैठकें सरकार और विपक्ष की सियासी महत्वाकांक्षा की भेंट चढ़ गई। किसी भी सदन में जनसरोकार से जुड़े एक भी मुद्दे पर न तो चर्चा हुई और न ही किसी भी दल ने चर्चा के लिए नोटिस ही दिया।
विज्ञापन


दोनों सदनों में प्रतिदिन औसतन महज 15 मिनट ही कार्यवाही चली। इस दौरान भी लगातार हंगामा होता रहा। बता दें कि संसद के बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई थी। बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 13 मार्च को हुई थी और संसद को 6 अप्रैल को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकसभा में 45, राज्यसभा में 31 घंटे काम
थिंक टैंक पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार पूरे बजट सत्र के दौरान लोकसभा में 133.6 घंटे की तय अवधि के मुकाबले 45 घंटे से थोड़ा ज्यादा कामकाज हुआ, जबकि राज्यसभा में 130 घंटे की तय अवधि में से 31 घंटे से थोड़ा अधिक काम हुआ। लोकसभा में निर्धारित समय का 34.85%, राज्यसभा में 24.4% ही कामकाज हुआ। लोकसभा में प्रश्नकाल केवल 4.32, जबकि राज्यसभा में सिर्फ 1.85 घंटे चला।

  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर 13.44 घंटे चर्चा हुई। इसमें 143 सदस्यों ने भाग लिया। बजट पर 14.45 घंटे चर्चा हुई। आठ विधेयक पेश और छह विधेयक पारित हुए।
  • सभापति जगदीप धनखड़ के अनुसार राज्यसभा ने व्यवधानों में 103 घंटे 30 मिनट का समय गंवा दिया।
  • राज्यसभा में पहले चरण में 56.3%, दूसरे चरण में सिर्फ 6.4% कार्य उत्पादकता रही। लोकसभा में पहले चरण में 83.80% के मुकाबले दूसरे चरण में यह 5.29% ही रही।

अपने-अपने रुख पर अड़े रहे सत्ता और विपक्ष...
शुरुआत में ही सत्ता पक्ष ने विदेशी धरती पर देश के खिलाफ कथित टिप्पणी मामले में राहुल गांधी की माफी की शर्त रखी, जबकि विपक्ष ने अदाणी समूह पर लगे आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग की।

बिना चर्चा के पारित हुए विधेयक...
लोकसभा में 14 बैठकों के दौरान साढ़े चार घंटे ही कार्यवाही चली। बिना किसी चर्चा के वित्त विधेयक, जम्मू-कश्मीर विधेयक, प्रतिस्पर्धा संशोधन, विनियोग विधेयक के साथ विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगे पारित कराई गईं।  



आसन पर सवाल और कागज की बौछार...
विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में आसन की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। लोकसभा में स्पीकर समेत पीठासीन अधिकारियों पर कागज के टुकड़े फेंके गए। लोकसभा में 16 मार्च को महज तीन मिनट तो चार अप्रैल को महज छह मिनट ही कार्यवाही चल पाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed