फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Parliament approves Finance Development Bank for infrastructure funding

राज्यसभा: बुनियादी ढांचे की फंडिंग के लिए वित्त विकास बैंक को संसद की मंजूरी

Fri, 26 Mar 2021 03:58 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 26 Mar 2021 03:58 AM IST
सार

  • राज्यसभा में पारित हुआ राष्ट्रीय अवसंरचना और विकास वित्त-पोषण बैंक विधेयक
  • आने वाले 25 सालों के आधार भूत ढांचे के विकास के लिए वित्त की राह प्रशस्त होगी

विज्ञापन
Parliament approves Finance Development Bank for infrastructure funding
Rajya Sabha - फोटो : Rajya Sabha

विस्तार

राष्ट्रीय वित्त विकास बैंक की स्थापना को संसद की मंजूरी मिल गई। राज्यसभा में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय अवसंरचना और विकास वित्त-पोषण बैंक विधेयक पारित हुआ।

विज्ञापन


लोकसभा इसे पहले ही मंजूरी दे चुकी है। बिल ने देश में एक नए विकास वित्त संस्थान (डीएफआई) के गठन का रास्ता साफ कर दिया है। इससे देश की बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को लंबे समय तक वित्त की राह प्रशस्त होगी।
विज्ञापन


सदन में चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, देश के दीर्घकालीन विकास और आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर डीएफआई का गठन  किया जा रहा है। भारत विभिन्न संस्थागत तंत्रों द्वारा समय समय पर लाभांवित होता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौजूदा विकास वित्त संस्थानों में से कई ने अपने समय शानदार काम किया है। इन्हीं अनुभवों के आधार पर इस तरह के संस्थानों की आवश्यकता को देखते हुए, इसे लाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, भारत के विकास के आगामी 25 सालों को ध्यान में रखकर इस संस्थान की परिकल्पना की गई है, क्योंकि यह केवल सड़कों के निर्माण के लिए नहीं है। यह अस्पतालों और स्कूलों जैसे सामाजिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी अहम भूमिका का निर्वाह करेंगे।

उन्होंने कहा, देश आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में ऐसा नहीं है कि हम एफडीआई या संप्रभु कोष पर निर्भर हैं। यह कर्ज  और कर्ज के निवेश दोनों के लिए एक विश्वसनीय ढांचा स्थापित करेगा। इसमें घरेलू खुदरा निवेशकों के लिए भी जगह सुरक्षित रहेगी।

शुरू में 100 फीसदी होगी सरकार की हिस्सेदारी
सरकार की हिस्सेदारी 100 फीसदी से शुरू होगी, लेकिन अंतत: इसे 26 फीसदी तक नीचे  लाया जाएगा। लेकिन, यह 26 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। इसे पूरी तरह से पेशेवर तरीके से संचालित किया जाएगा। सरकार सिर्फ अध्यक्ष की नियुक्ति करेगी। शेष भर्तियों का जिम्मा बैंक बोर्ड ब्यूरो (बीबीबी) करेगा।


जयराम ने उठाया सरकार पर सवाल
विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के जयराम रमेश ने सरकार से सवाल उठाया कि सरकार पुराने ढांचे की ओर क्यों लौट रही है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा, जब यूपीए इस विधेयक को लाई थी, तब तत्कालीन भाजपा नेताओं ने इसका विरोध किया था, आज वापसी की वजह क्या है? इसे संसदीय समिति की पड़ताल के लिए प्रवर समिति के पास भेजना चाहिए।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed