{"_id":"5f6907908ebc3e09d14a7bf1","slug":"parliament-approves-bills-associated-with-homeopathy-central-council-and-indian-medical-central-council","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसद ने होमियोपैथी केंद्रीय परिषद और भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद से जुड़े विधेयकों को दी मंजूरी ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
संसद ने होमियोपैथी केंद्रीय परिषद और भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद से जुड़े विधेयकों को दी मंजूरी
Tue, 22 Sep 2020 01:35 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 22 Sep 2020 01:35 AM IST
विज्ञापन
Health Minister Dr. Harsh Vardhan in Lok Sabha
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संसद ने सोमवार को होमियोपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 और भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक, 2020 को पारित कर दिया। राज्यसभा ने दोनों विधेयकों को शुक्रवार को पारित किया था।
निचले सदन ने भी सोमवार देर रात दोनों विधेयकों को मंजूरी दे दी। होमियोपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक 2020 में केंद्रीय होमियोपैथी परिषद के गठन के लिए और एक साल का समय देने का प्रस्ताव किया गया है। पहले इसके लिए दो साल का समय दिया जा चुका है।
वहीं, भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक 2020 में केंद्रीय परिषद के पुनर्गठन के लिए एक साल के समय का प्रस्ताव किया गया है और अंतरिम अवधि में एक ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ उसके अधिकारों का उपयोग करेगा।
विज्ञापन
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक 2020 पर निचले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि इस विधेयक के जरिए सभी पक्षों की चिंताओं का ध्यान रखा गया है और आगे भी सुझावों पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, नेचुरोपैथी और होमियोपैथी जैसी पद्धतियों को भी आधुनिक चिकित्सा पद्धति की तरह प्रोत्साहित करना चाहती है और सरकार की प्रतिबद्धता इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों तक ले जाने की है।
उन्होंने कुछ सदस्यों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि इसमें किसी भी तरह के ‘ब्रिज कोर्स’ का प्रावधान नहीं है और सदस्य विधेयक को पूरा पढ़कर शंकाओं को दूर कर सकते हैं।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने दोनों विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। ये विधेयक इनसे संबंधित अध्यादेशों की जगह लेंगे।
विज्ञापन
निचले सदन ने भी सोमवार देर रात दोनों विधेयकों को मंजूरी दे दी। होमियोपैथी केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक 2020 में केंद्रीय होमियोपैथी परिषद के गठन के लिए और एक साल का समय देने का प्रस्ताव किया गया है। पहले इसके लिए दो साल का समय दिया जा चुका है।
विज्ञापन
वहीं, भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक 2020 में केंद्रीय परिषद के पुनर्गठन के लिए एक साल के समय का प्रस्ताव किया गया है और अंतरिम अवधि में एक ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ उसके अधिकारों का उपयोग करेगा।
विज्ञापन
भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (संशोधन) विधेयक 2020 पर निचले सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि इस विधेयक के जरिए सभी पक्षों की चिंताओं का ध्यान रखा गया है और आगे भी सुझावों पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, नेचुरोपैथी और होमियोपैथी जैसी पद्धतियों को भी आधुनिक चिकित्सा पद्धति की तरह प्रोत्साहित करना चाहती है और सरकार की प्रतिबद्धता इन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों तक ले जाने की है।
उन्होंने कुछ सदस्यों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा कि इसमें किसी भी तरह के ‘ब्रिज कोर्स’ का प्रावधान नहीं है और सदस्य विधेयक को पूरा पढ़कर शंकाओं को दूर कर सकते हैं।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने दोनों विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। ये विधेयक इनसे संबंधित अध्यादेशों की जगह लेंगे।