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डॉक्टर से दरिंदगीः कोर्ट ने दिए CBI को दस्तावेज पेश करने के निर्देश; पीड़िता के माता-पिता की याचिका पर निर्देश
Thu, 19 Dec 2024 01:41 PM IST
निर्मल कांत
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 19 Dec 2024 01:41 PM IST
सार
RG Kar Case: कलकत्ता हाईकोर्ट के जघन्य दुष्कर्म-हत्याकांड की पीड़िता के माता-पिता ने मामले की नए सिरे जांच के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने उनके वकील सीबीआई को भी पक्षकार बनाने को कहा और फिर मामले को कोर्ट में पेश करने को कहा।
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कलकत्ता हाई कोर्ट
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने सीबीआई को बड़ा निर्देश दिया। कोर्ट ने न्याय प्रक्रिया पर उठ रहे आरोपों के संबंध में सीबीआई की स्थिति जानने के लिए यह निर्देश दिया। पीड़िता के माता-पिता की याचिका पर गुरुवार को न्यायाधीश तीरथंकर घोष ने निर्देश दिया कि सीबीआई मामले से संबंधित दस्तावेज़ हाई कोर्ट में पेश करे। इस मामले की अगली सुनवाई 24 दिसंबर को होगी।
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उल्लेखनीय है कि सीबीआई पर पहले ही अदालत में झूठ बोलने का आरोप लगाया जा चुका है। अब आरजी कर मेडिकल कॉलेज की जूनियर डॉक्टर के माता-पिता ने सीबीआई के खिलाफ सबूत नष्ट करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सीबीआई की जांच पर कोई भरोसा नहीं है। गुरुवार दोपहर को पीड़िता के परिवार ने हाई कोर्ट को बताया कि न्याय प्रक्रिया में कई खामियां हैं।
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हमारे पास कोई चारा नहींः पिता
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता के पिता ने कहा, हमें लगता है कि सीबीआई ने जानबूझकर मामले को छोड़ दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि निराश होने के बावजूद उनके पास सीबीआई के पास जाने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं है। वहीं, पीड़िता की मां ने कहा, उस रात वह जिन चार लोगों के साथ थी, उनमें से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। दो को गवाह के रूप में रखा गया, जबकि दो को नहीं रखा।
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