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Parcel Blast Case: पार्सल में विस्फोट की साजिश का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार; इंटरनेट से सीखा बम बनाने का तरीका

Sun, 22 Dec 2024 04:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 22 Dec 2024 04:35 PM IST
सार

Gujarat: अहमदाबाद पुलिस ने पार्सल विस्फोट मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी का मकसद अपने ससुराल वालों को निशाना बनाा था। इसके लिए उसने इंटरनेट से बम और देसी पिस्तौल बनाने का तरीका सीखा। 

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Parcel blast case: Accused learned to make bombs on internet to target in-laws; arrested with aide
जांच में जुटी पुलिस - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अहमदाबाद के एक घर में पार्सल में विस्फोट के मामले में रविवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस विस्फोट में दो लोग घायल हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रूपेन राव (44 वर्षीय) ने इंटरनेट से बम और देसी पिस्तौल बनाने की तकनीक सीखी थी, ताकि वह अपनी पत्नी के ससुरालवालों से बदला ले सके। 
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राव के मुताबिक, उसके और उसकी पत्नी के बीच तलाक कारण ससुराल वाले थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी से दो और बम, एक देसी पिस्तौल, कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। रूपेन राव की पत्नी का तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। 
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इंटरनेट से ली बम बनाने की जानकारी
अधिकारी के मुताबिक, राव ने इंटरनेट पर बम और हथियार बनाने की जानकारी तीन से चार महीने में सीखी थी। उसका मकसद अपने ससुराल वालों, खासकर अपनी पत्नी के दोस्त बलदेव सुखाडिया, ससुरा और साले को मारना था। राव के मुताबिक, सुखाडिया ने उसके और उसकी पत्नी के बीच खटास डाली और उसे उसके बच्चों से दूर कर दिया। 
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विस्फोट की घटना कब और कहां हुई
यह विस्फोट शनिवार की सुबह करीब 10: 45 बजे अहमदाबाद के साबरमती इलाके में एक घर में हुआ था, जिसमें दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से गौरव गढ़वी को गिरफ्तार किया था और तकनीकी निगरानी के आधार पर रावर और उसके सहयोगी रोहन रावल (21 वर्षीय) को रात को पकड़ लिया। 
 
ससुराल वालों को नुकसान पहुंचाना चाहता था मुख्य आरोपी: डीसीपी
पुलिस उपायुक्त भरत राठौड़ ने बताया कि पुलिस को दो सक्रिय बम मिले, जिन्हें सल्फर पाउडर, बारूद और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट से बनाया गया था। ये बम रिमोट कंट्रोल से सक्रिय हो सकते थे। साथ ही एक देसी पिस्तौल भी बरामद हुई, जिसे राव ने खुद बनाया था। उन्होंने कहा, राव ने यह सोचते हुए बम बनए थे कि सुखाडिया और उसके परिवार ने उसकी मानसिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। उसने इन बमों और पिस्तौल को अपने ससुराल वालों को नुकसान पहुंचाने और अपनी पत्नी को उनके परिवार से अलग करने के लिए तैयार किया था। 
 
कैसे रची साजिश
पुलिस ने बताया कि राव और रावल ने साजिश रची, जिसमें राव ने बम बनाने की विधि इंटरनेट से सीखी और रावल ने बम को सुखाडिया के घर भेजा। शुक्रवार रात रावल यह पार्सल उस घर नहीं पहुंचे, जहां वह चाहते थे, तो पार्सल वापस लौट आए। फिर अगले दिन गढ़वी को भेजा गया, जिसने पार्सल को सौंपा और रावल ने रिमोट कंट्रोल से बम को उड़ा दिया। इसेक बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की और एक कार से दो और सक्रिय बम और एक देसी पिस्तौल बरामद की। बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमों ने इन बमों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया।  


पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
इसके अलावा, पुलिस ने राव के घर से कई और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की। इसमें पांच सक्रिय कारतूस, चार हाई-वोल्टेज बैटरी, तीन देसी पिस्तौल, दस पाइप, दो रिमोट, तीन मोबाइल फोन, नट बोल्ट, ब्लेड के बॉक्स, गैस सिलेंडर और ड्रिल मशीनें शामिल थीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। 

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